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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 59307 (ALL)

SMT ASHA DEVI AND ANOTHER v. STATE OF U.P.

NABAIL/3865/2025 · 2025-05-22

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:88690 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3865 of 2025 Applicant :- Smt Asha Devi And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ashish Goyal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदकगर शश्रीमरश्री आशमादवेवश्री एवव जयलवेन्द्र ककी ओर सवे ममु०अ०सव० 57 सनन् 2024, अन्रगरर धमारमा 108 बश्री.एन.एस, रमानमा बमाससौनश्री, जजलमा आगरमा मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉग कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा गयमा हहै गक गगरफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवकमा एवव गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा। 3. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदकगर गनदर्दोष हहै , उन्हम उपरकोक धमारमाओव मम दवेषवश रवग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा गयमा हहै , उन्हम आशवकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उनकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदकगर ममृरकमा कवे दवेवर और दवेवरमानश्री हह। घटनमा कवे समय ववे दकोननों घटनमा सरल पर मसौजजूद नहहीं रवे। शमादश्री कको लगभग 10 वषर हको गयवे रवे परन्रमु आज रक ममृरकमा व उसकवे पररवमारश्रीजन दमारमा गकसश्री भश्री प्रकमार ककी ककोई भश्री गशकमायर गकसश्री भश्री रमानवे मम दजर नहहीं करमायश्री गयश्री। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेदकगर कमा ककोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदकगर कवे गवरूद्ध अभश्री रक ककोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई गयश्री हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदकगर गवचमारर और जमॉच कवे दसौरमान सहयकोग करनवे कमा वचन दवेरम हह गक वह जमॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमगवे एवव आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमानजून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोगश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कको उपलब्ध करमाएगमा और उन सभश्री शरर्दोव कको सवश्रीकमार करनवे कवे जलए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेगश्री। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा गयमा गक आववेदकगर दमारमा कमाररर अपरमाध गवभश्रीर प्रकमृ गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवव पररणसरगरयनों कको दृगष्टिगर रखरवे हहयवे आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा गयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपनों ककी प्रकमृ गर और गवभश्रीररमा, आरकोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमागनवे ककी सवभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मजूल्यमावकन करनमा चमागहए और आरकोपश्री ककी वमासरगवक भजूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सवबवधश्री गवजध कवे सरमागपर जसद्धमावरनों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारनों कवे गवदमान अजधवकमाओव कवे करननों , आरकोपनों ककी प्रकमृ गर, आववेदकगर ककी भजूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्यनों एवव पररणसरगरयनों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे गमुर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक ममुकदममा अपरमाध सवख्यमा मम सणममजलर आववेदकगर ककी गगरफ्रमारश्री ककी दशमा मम , उसवे सवबवजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारश्री ककी सवरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकगर बवध पत एवव उसश्री धनरमागश कवे दको प्रगरभजू प्रसरमुर करनवे पर, (पमुजलस दमारमा आरकोप पत दमाजखल गकए जमानवे रक) गनमन शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएगमा :- 1- आववेदकगर, यगद आवश्यक हकोगमा रको पमुजलस अजधकमारश्री दमारमा जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमगवे। 2- आववेदकगर ममामलवे कवे रथ्यनों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररयनों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दमगवे जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसश्री पमुजलस अजधकमारश्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदकगर गवववेचनमा एवव गवचमारर कवे दसौरमान सहयकोग करमगवे और जममानर ककी सवरवतरमा कमा दमुरूपयकोग नहहीं करमगवे। उपरकोक शरर्दो कवे उलवघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारश्री /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेदकगर कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरवतरमा हनोंगवे। Order Date :- 23.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad