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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 59084 (CHH)
ASHOK SINGH THAKUR v. STATE OF CHHATTISGARH
ACQA/93/2024 · 2025-11-17
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 59084 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 6 {Acq. A. No.-93 of 2024}
2025:CGHC:56217 अ्ቚतिवे्ቕ छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल ्ቅमु!क
-93
/2024
अशोक िሺस!ह ठाक र तिपु-स्वेग/या रमुयाण िሺस!ह ठाक र, उ्-लगभग 42 वेष3, ति4वेस - टी पुर, सर!गढ़, स्थाया ति4वेस -सक्टीर 29, ब्ल9क 4!. 501, 4वे रयापुर, िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़ -----अपु लथा//्ቚथा/ तिवेरू्ሾ
1. छቈኍ सगढ़ रज्या, ቛኋर था4 ्ቚभर , पुिሺलस था4-रखी , िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़, (रज्या)
2. =गन््ቖ टी!ड4 तिपु-स्वेग/या मुहरू टी!ड4, उ्-लगभग 43 वेष3, ति4वेस -वेड3 ्ቅमु!क-7, सड़कपुर, ቇኋमु-मुईग!वे, था4-पुमुगढ़, िሺ=ल-=!=ग र चम्पु, छቈኍ सगढ़, वे3मु4 ति4वेस -मुक4 स!ख्या-601, ब्ल9क-16, सक्टीर-27, पुिሺलस था4-रखी , 4वे रयापुर, िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़ (अतिभया),
3. भ ष्मु क मुर पुटील तिपु-मु4 रमु पुटील, उ्-लगभग 29 वेष3, ति4वेस -डOग कPहरPदो, था4-पुमुगढ़, िሺ=ल-=!=ग र चम्पु, छቈኍ सगढ़, वे3मु4 ति4वेस -फ्लRटी स!ख्या- 103/17, सक्टीर-27, पुिሺलस था4-रखी , 4वे रयापुर, िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़ (अतिभया),
4. तिकशोर क मुर पुटील तिपु-शोदो4 लल पुटील, उ्-लगभग 32 वेष3, ति4वेस -रल , था4-तिलईगढ़, िሺ=ल-लPदो=र, छቈኍ सगढ़, वे3मु4 ति4वेस -फ्लRटी स!ख्या- 104/15, सक्टीर-27, पुिሺलस था4-रखी , 4वे रयापुर, िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़ (अतिभया), -----उቈኍरवेदो गण POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.11.19 10:32:10 +0530
2 / 6 {Acq. A. No.-93 of 2024} अपु लथा//्ቚथा/ ቛኋर : ቦኍ ्ቚदो पु िሺस!ह रठाPर, अिሺUवे । रज्या/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-1 ቛኋर : ቦኍ अ!क र कश्यापु, उपु शोसकXया अिሺUवे । अतिभया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-2 ቛኋर : कई 4हY । अतिभया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-3 एवे! 4 ቛኋर : ቦኍ सदो पु वेमु3, अिሺUवे । मु44 या न्यायामु[ति3 ቦኍ स!=या क मुर =यासवेल
, न्यायाU शो
!! ति4ण3या पु ठा पुर पुरिर !! 18/11/2025
1. Uर 14(क)( ) i अ4स[तिच =ति एवे! अ4स[तिच =4=ति (अत्याचर ति4वेरण) अिሺUति4यामु, 1989 (िሺ=स आग स!ቌኔपु मुb "तिवेशोष अिሺUति4यामु" कह गया हR) क ह दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् इस अपु ल मुb तिवेचरण न्यायालया-तिवेशोष न्यायाU शो, रयापुर, िሺ=ल-रयापुर, छቈኍ सगढ़ ቛኋर तिवेशोष ्ቚकरण ्ቅमु!क-29/2023 “छቈኍ सगढ़ रज्या तिवेरू्ሾ =गन््ቖ टी!ड4 वेगRरह” मुb पुरिर ति4ण3या तिदो4!क-22/01/2024 कX वेRU क च4P दो गई हR । िሺ=सक ह अतिभया=4 क मुमुल ्ቚमुतिण 4 पु हgए अतिभयागण क Uर-294, 323 सहपुतिठा Uर-34 भर या दोण्ड स!तिह, 1860 एवे! तिवेशोष अिሺUति4यामु कX Uर-3(1)( ), 3(1)( ), 3(2)( ) r s va क अपुरU स दोषमु तिकया गया । िሺ=स आग स!ቌኔपु मुb “्ቚश्4U 4 ति4ण3या” स स!िሺU तिकया = रह हR ।
2. अतिभया=4 क मुमुल स!ቌኔपु मुb इस ्ቚकर हR तिक ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह (अ.स.-8) = स!चल4लया, कष लखी एवे!
पुbशो4, रयापुर मुb शोसकXया सवेक हकर 4वे रयापुर मुb ति4वेसर था । वेह घटी4 तिदो4!क-24/02/2023 क शोमु कर 07.30-08.00 = क मुध्या घरल[ समु4 सब्= वेगRरह खीर दो4 तिमु4 =र आया था, वेह! अतिभया
3 / 6 {Acq. A. No.-93 of 2024} भ ष्मु क मुर पुटील उस लकर याह कह हgए, तिक कया3लया मुb उसकX तिशोकया तिकया हR, उसक सथा मुरपु टी कर4 लग । िሺ=सक 4ज़दो क ह अन्या अतिभया =गन््ቖ टी!ड4 एवे! तिकशोर क मुर पुटील भ था वे सभ
4O आपुस मुb तिमुलकर अपु लथा//्ቚथा/ क मुl- ह4-टी क उठाकर तिदोखीऊं! ग कहकर मुरपु टी तिकए और =ति स[चक गिሺलया! तिदोए । अपु लथा//्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र कX िሺलिሺखी तिशोकया ्ቚदोशो3 पु -08 क आUर पुर उसक ड9क्टीर पुर ቌኔण करया गया । था4-रखी मुb तिदो4!क-28/02/2023 क ्ቚथामु स[च4 पु्ቔ ्ቚदोशो3 पु -11 दो=3 तिकया गया । ्ቚथा/ क =ति ्ቚमुणपु्ቔ =ब् तिकया गया । सतिቌኔयाO क या4 िሺलए गए । मुPक 4क्शो Rयार तिकया गया और स!पु[ण3 तिवेवेच4 क पुश्च अतिभयाग-पु्ቔ ्ቚस् तिकया गया ।
3. आरपु ्ቚमुण4 वेस् अतिभया=4 कX ओर स अपु4 पुቌኔ समुथा34 मुb 10 सतिቌኔयाO क पुर ቌኔण एवे! 18 दोस्वे= ्ቚदोशो3 तिचन्ह!तिक करए गए । Uर-313 दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिह क ह कथा4 मुb अतिभयागण 4 अपु4 तिवेपुर सतिቌኔयाO क कथा4O क इ!कर तिकया और कथा4 तिकया तिक उन्हb झू[ठा फं! सया गया हR =तिक वे ति4दोsष हt । िሺ=न्हO4 चवे मुb कई सቌኚया ्ቚस् 4हY तिकया । उभयापुቌኔ क स4 =कर तिवेचरण न्यायालया ቛኋर “्ቚश्4U 4 ति4ण3या” पुरिर तिकया गया िሺ=स इस अपु ल मुb च4P दो गई हR ।
4. अपु लथा//्ቚथा/ क तिवेቛኋ4 अिሺUवे क क3 हR तिक ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र (अ.स.-8) 4 अपु4 न्यायालया 4 कथा4 मुb अतिभया=4 मुमुल क पु[ण3 समुथा34 तिकया हR । तिचतिकत्सक ቛኋर भ ्ቚथा/ क चटीb करिर ह4 या गया हR । अन्या सቌኚया क ቛኋर भ ्ቚथा/ क या4 पु्ቖ हR । अतिभया=4 4 ्ቚस् सቌኚया क मुध्यामु स मुमुल क तिकस भ स!दोह स पुर ्ቚमुतिण तिकया हR । तिवेचरण न्यायालया ቛኋर उ4क सቌኚया पुर तिवेश्वेस 4 कर हgए ्ቔतिटीपु[ण3
4 / 6 {Acq.
A. No.-93 of 2024} ति4ष्कष3 ति4कल गया हR = तिवेिሺU कX दृति्ቖ मुb ቝኌस्थार रखी =4 याग्या 4हY हR । अतिभयागण क तिवेरू्ሾ अतिभया=4 क मुमुल ्ቚमुतिण रह हR । अz ्ቚश्4U 4 दोषमुति क आदोशो अपुस् कर हgए अपु ल स्वे कर कX =कर अतिभयागण क दोषिሺस्ቍ कर दोቝኌण्ड तिकया =ए ।
5. अतिभया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-2 कX ओर स कई उपुቝኌस्था 4हY ।
6. अतिभया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-3 एवे! 4 क तिवेቛኋ4 अिሺUवे ቛኋर तिवेचरण न्यायालया क
“्ቚश्4U 4 ति4ण3या” क समुथा34 कर हgए क3 तिदोया गया हR तिक तिवेचरण न्यायालया ቛኋर = दोषमुति क ति4ष्कष3 अ!तिक गया हR, वेह पु[ण3z उतिच हR । अपु लथा//्ቚथा/ पुቌኔ ቛኋर अपु ल मुb उठाए गए क3 स्वे कर याग्या 4हY हt । अz अपु ल खीरिर= कX =ए ।
7. उपुቝኌस्था पुቌኔ क क3 ቦኍवेण तिकया गया और तिवेचरण न्यायालया क अतिभलखी क स[ቌኚमुपु[वे3क पुरिरशो ल4 तिकया गया ।
8. Recently, applying the law governing the scope of interference in an appeal against acquittal, the Hon’ble Supreme Court in the case of
“State of Rajasthan vs. Kistoora Ram” reported in 2022 SCC OnLine SC 984, has held as follows:-
“8. The scope of interference in an appeal against acquittal is very limited. Unless it is found that the view taken by the Court is impossible or perverse, it is not permissible to interfere with the finding of acquittal. Equally if two views are possible, it is not permissible to set aside an order of acquittal, merely because the Appellate Court finds the way of conviction to be more probable. The interference would be warranted only if the view taken is not possible at all.”
5 / 6 {Acq. A. No.-93 of 2024}
9. स!पु[ण3 क पुरिरशो ल4 स याह पुया = हR तिक तिचतिकत्सक आतिशोमु एन्था4 (अ.स.-4) 4 तिदो4!क-25/02/2023 क ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र क पुर ቌኔण कर ्ቚतिवेदो4 ्ቚदोशो3 पु -4 दो4 हgए कह हR तिक उसक दो4O हथा, छ , पु ठा मुb खीरच क ति4शो4 था । तिक! याह तिचतिकत्स या पुर ቌኔण दो[सर तिदो4 हgआ हR, घटी4 क तिदो4 4हY हgआ हR । उ चटी कR स आई, इस स!दोभ3 मुb मु4रखी4 लल पुटील (अ.स.-5) 4 कह हR तिक = वेह ्ቚथा/ क ቛኋर फं4 पुर घटी4 कX दो गई स[च4 पुर पुहg!च था उस4 ्ቚथा/ कX चटीb दोखी था । तिक!
अतिभया तिकशोर क मुर पुटील = मु4रखी4 लल पुटील क भई हR और उ4क मुध्या तिवेवेदो कX ቝኌस्थाति रह हR उ आUर पुर तिवेचरण न्यायालया ቛኋर याह ति4ष्कतिष3 तिकया गया हR तिक मु4रखी4 लल पुटील, ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र क तिह्ሾ सቌኔ हR । याह मु4रखी4 लल पुटील मुPक क सቌኔ 4हY हR । तिचतिकत्सक आतिशोमु एन्था4 (अ.स.-4) 4 ्ቚतिपुर ቌኔण मुb याह भ कह हR तिक आह क पुई गई चटीb तिगर4 या खीरदोर दो वेर या सड़क मुb तिघसटी4 और टीकर4 स आ सक हt । इस ्ቚकर स, याह न्यायालया पु हR तिक ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र क कथा4 स!दोह स पुर तिवेश्वेस4 या 4हY हR ।
10. घटी4 लक स्था4 कX या गई हR । अतिभया=4 मुमुल क अ4सर रशोमु क मुर रल (अ.स.-1), अति4ल टी!ड4 (अ.स.-2), रच!दो लहर (अ.स.-3) और रतिह टी!ड4 (अ.स.-7) मुPक क स्वे!्ቔ सቌኔ हR । तिक! इन्हO4 न्यायालया 4 कथा4 मुb अतिभया=4 मुमुल कX पुति्ቖ 4हY कX हR । ऐस दोशो मुb, स्वे!्ቔ सቌኚया ቛኋर पुति्ቖ क अभवे मुb भ ्ቚथा/ अशोक क या4 स!दोह स पुर तिवेश्वेस4 या 4हY पुया = हR ।
11. इस ्ቚकर, ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र (अ.स.-8) 4 याह स्पु्ቖ 4हY तिकया हR तिक उस कP4 स तिवेतिशो्ቖ शोब्दो गिሺलयाO क रूपु मुb उच्चरिर तिकया गया था । उसकX िሺलिሺखी तिशोकया
6 / 6 {Acq. A. No.-93 of 2024} ्ቚदोशो3 पु -8 मुb भ अश्ल ल गल -गलP= क उቤኔखी 4हY हR और इस थ्या क भ उቤኔखी 4हY हR तिक उस =तिग क्या गिሺलया! दो गई था । इस ्ቚकर ्ቚथा/ अशोक िሺस!ह ठाक र क कथा4 स्वे!्ቔ सቌኚया ቛኋर भ पु्ቖ 4हY हR और स!दोहस्पुदो हR ।
12. न्यायादृ्ቖ! क आUर पुर सቌኚया तिवेवेच4 क फंलस्वेरूपु याह न्यायालया पु हR तिक तिवेचरण न्यायालया ቛኋर = दोषमुति क ति4ष्कष3 अ!तिक तिकया गया हR वेह अतिभलखी मुb उपुलब्U थ्या और सቌኚया क तिवेपुर या तिवेरUभस 4हY हR था ्ቚश्4U 4 दोषमुति क ति4ण3या मुb कई अवेRU या अशो्ሾ पुरिरलतिቌኔ 4हY ह । इसिሺलए उसमुb हस्ቌኔपु कX आवेश्याक 4हY पुया = ।
13.
अz दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् याह अपु ल स्वे कर याग्या 4 ह4 स खीरिर= कX = हR ।
14. ति4ण3या कX ्ቚतििሺलतिपु क सथा तिवेचरण न्यायालया क अतिभलखी शो ्ቈपु[वे3क वेपुस ्ቚतिष ह । सह /- (स!=या क मुर =यासवेल) न्यायाU शो पुमु4