Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
1 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024}
2025:CGHC:54684 अ्ቚतिवे्ቕ छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल ्ቅमु!क
-362
/2024
1. छቈኍ सगढ़ रज्या, ቛኋर थाना ्ቚभार , च/क0-दोवेकर, पुलिलस थाना-सजा, लिजाल-मुर, छቈኍ सगढ़ -----अपु लथा3/रज्या तिवेरू्ሾ
1. दोग6श तिनाषदो तिपु-श्यामुलल, उ्-लगभाग 21 वेष;, तिनावेस -ቇኋमु लिसल्हाटी , थाना- सहासपुर लहार, लिजाल-कवेኋ;, छቈኍ सगढ़
2. श!कर नामुदोवे तिपु-ना!दोक मुर नामुदोवे, उ्-लगभाग 20 वेष;, तिनावेस -ቇኋमु लिसल्हाटी , थाना-सहासपुर लहार, लिजाल-कवेኋ;, छቈኍ सगढ़ -----उቈኍरवेदो गण/अतिभायागण अपु लथा3/रज्या ቛኋर : ቦኍ एच.ए.पु .एस. भातिटीया, पुFनाल अलिኋवे । अतिभाया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-1 : सቦኍ पुष्पु तिቛኋवेदो , अलिኋवे । अतिभाया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-2 : कई नाहाJ । मुनाना या न्यायामुKति; ቦኍ स!जाया क मुर जायासवेल
, न्यायाኋ श
!! तिनाण;या पु ठ पुर पुरिर !! 10/11/2025 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.11.11 14:51:08 +0530
2 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024}
1. दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिहा, 1973 क0 ኋर-378 (1) क हा दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् इस अपु ल मुY तिवेचरण न्यायालया-अतिरिर स्ቔ न्यायाኋ श, मुर, लिजाल-मुर, छቈኍ सगढ़ ቛኋर स्ቔ ्ቚकरण ्ቅमु!क-101/2015 “छቈኍ सगढ़ रज्या तिवेरू्ሾ दोग6श तिनाषदो वे एक अन्या” मुY पुरिर तिनाण;या तिदोना!क-26/03/2019 क0 वेFኋ क चना/ दो गई हाF । लिजासक हा अतिभायाजाना क मुमुल ्ቚमुतिण ना पु हा]ए अतिभायागण क ኋर-397, 392, 341 सहापुतिठ ኋर-34 भार या दोण्ड स!तिहा, 1860 क अपुरኋ स दोषमु तिकया गया । लिजास आग ्ቚश्नाኋ ना तिनाण;या स स!लिኋ तिकया जा रहा हाF ।
2. अतिभायाजाना क मुमुल स!ቌኔपु मुY इस ्ቚकर हाF तिक घटीना तिदोना!क 29/06/2015 क ्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.-1) अपुना सथा आहा स श लिसन्हा (अ.स.-2) क सथा मुटीरसइतिकल स जार घKमुना क पुश्च ቇኋमु दोवेकर स अकलवेर क0 ओर जा रहा था । मुटीरसइतिकल स श लिसन्हा चल रहा था । रति्ቔ लगभाग 08:15 जा एक अन्या मुटीरसइतिकल मुY सवेर ना व्याति आए और उन्हाeना, ्ቚथा3गण क रककर डरया- ኋमुकया, मुरपु टी क0 था ्ቚथा3 अजाया सहाa स पुFनासतिनाक क!
पुना क एक मुइल फोना और ₹5,000/- नाकदो था आहा स श लिसन्हा (अ.स.-2) स उसक मुइल फोना लKटी लिलए और सजा क0 ओर मुY भाग गए । उस समुया गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4) अपुना
मुटीरसइतिकल स अकलवेर क0 ओर जा रहा था, उस रककर घटीना क0 जानाकर दो
गई । गजान््ቖ सहाa ना डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) क फोना करक सKतिच तिकया ቇኋमु अकलवेर मुY डक श्वेर सहाa ना नाe मुटीरसइतिकल सवेरe क रकना क ्ቚयास तिकया, लिजास पुर उन्हाeना डक श्वेर सहाa पुर ड!ड स हामुल तिकया, लिजासस डक श्वेर सहाa (अ.स.- 7) क दोतिहाना हाथा क0 कलई मुY ग!भा र चटी आई । इसक पुश्च ्ቚथा3 पुቌኔ पुलिलस च/क0 दोवेकर पुहा]iच कर तिशकया दोजा; करए, लिजास पुर ना अሺኋ मुटीरसइतिकल सवेरe क
3 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024} तिवेरु्ቍ शKन्या पुर ्ቚथामु सKचना पु्ቔ (्ቚदोश; पु -1) दोजा; क0 गई । घटीनास्थाल क नाक्श Fयार तिकया गया, सतिቌኔयाe क याना दोजा; तिकए गए और आहाe क तिचतिकत्स या पुर ቌኔण करया गया । ्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.-1) स मुइल फोना क0 खर दो रस दो जाब् क0 गई । अतिभाया दोग6श तिनाषदो (अ.स.-2) स हा र हाqड स्प्लYडर मुटीरसइतिकल जाब् क0 गई । तिवेवेचना क दो/रना अतिभायागण क घटीना मुY स!लिल् पुया गया, लिजानामुY एक अपुचर
लक भा सቜኌuमुलिल था । तिवेवेचना उपुर! दो अतिभायागण क तिवेरू्ሾ अतिभायाग पु्ቔ ्ቚस् तिकया गया ।
3. आरपु ्ቚमुणना वेस् अतिभायाजाना क0 ओर स अपुना पुቌኔ समुथा;ना मुY 12 सतिቌኔयाe क पुर ቌኔण था 10 दोस्वेजा ्ቚदोश; तिचन्हा!तिक करए गए । ኋर-313 दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिहा क हा कथाना मुY अतिभायागण ना अपुना तिवेपुर सतिቌኔयाe क कथानाe क इ!कर तिकया और कथाना तिकया तिक उन्हाY झूKठ फो! सया गया हाF जातिक वे तिनादोwष हाx । लिजान्हाeना चवे मुY कई सቌኚया ्ቚस् नाहाJ तिकया । उभायापुቌኔ क सना जाकर तिवेचरण न्यायालया ቛኋर “्ቚश्नाኋ ना तिनाण;या” पुरिर तिकया गया लिजास इस अपु ल मुY चना/ दो गई हाF ।
4.
अपु लथा3/रज्या क तिवेቛኋना अलिኋवे क क; हाF तिक घटीनास्थाल क ्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.-1) और स श लिसन्हा (अ.स.-2) अपुना याना मुY ቜኌस्थार और अखቜኌण्ड रहा हाx लिजान्हाeना अतिभायाजाना मुमुल क समुथा;ना तिकया हाF, उनाक कथानाe क समुथा;ना गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4) और डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) क कथाना स हा हाF । डक श्वेर सहाa क ग!भा र चटी आना क0 पुतिz तिचतिकत्सक जा .एस. ठक र (अ.स.-5) ना क0 हाF था अजाया सहाa और स श लिसन्हा क भा सኋरण ्ቚक{ ति क0 चटी या गया हाF । इस ्ቚकर अतिभायाजाना ना ्ቚस् सቌኚया क मुध्यामु स मुमुल क तिकस भा स!दोहा स पुर ्ቚमुतिण तिकया हाF ।
4 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024} तिवेचरण न्यायालया ቛኋर उनाक सቌኚया पुर तिवेश्वेस ना कर हा]ए ्ቔतिटीपुKण; तिनाष्कष; तिनाकल गया हाF जा तिवेलिኋ क0 दृतिz मुY ቜኌस्थार रख जाना याग्या नाहाJ हाF । अतिभायागण क तिवेरू्ሾ अतिभायाजाना क मुमुल ्ቚमुतिण रहा हाF । अ• ्ቚश्नाኋ ना दोषमुति क आदोश अपुस् कर हा]ए अपु ल स्वे कर क0 जाकर अतिभायागण क दोषलिस्ቍ कर दोቜኌण्ड तिकया जाए ।
5. अतिभाया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-1 क तिवेቛኋना अलिኋवे ቛኋर तिवेचरण न्यायालया क “्ቚश्नाኋ ना तिनाण;या” क समुथा;ना कर हा]ए क; तिदोया गया हाF तिक तिवेचरण न्यायालया ቛኋर जा दोषमुति क तिनाष्कष; अ!तिक गया हाF, वेहा पुKण;• उतिच हाF । अपु लथा3/रज्या पुቌኔ ቛኋर अपु ल मुY उठए गए क; स्वे कर याग्या नाहाJ हाx । अ• अपु ल खरिरजा क0 जाए ।
6. अतिभाया/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-2 क0 ओर स कई उपुቜኌस्था नाहाJ ।
7. उभायापुቌኔ क क; ቦኍवेण तिकया गया और तिवेचरण न्यायालया क अतिभालख क सKቌኚमुपुKवे;क पुरिरश लना तिकया गया ।
8. Recently, applying the law governing the scope of interference in an appeal against acquittal, the Hon’ble Supreme Court in the case of
“State of Rajasthan vs. Kistoora Ram” reported in 2022 SCC OnLine SC 984, has held as follows:-
“8. The scope of interference in an appeal against acquittal is very limited. Unless it is found that the view taken by the Court is impossible or perverse, it is not permissible to interfere with the finding of acquittal.
Equally if two views are possible, it is not permissible to set aside an order of acquittal, merely because the Appellate Court finds the way of conviction to be more probable. The interference would be warranted only if the view taken is not possible at all.”
5 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024}
9. ्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.-1) और उसक सथा आहा स श लिसन्हा (अ.स.-2) ना अपुना न्यायालया ना याना मुY मुटीरसइतिकल मुY सवेर ना व्यातियाe ቛኋर उनाक सथा मुरपु टी एवे! लKटीपुटी तिकए जाना क थ्या क0 पुतिz क0 हाF । उनाक ቛኋर लिलखए गए ्ቚथामु सKचना पु्ቔ, ्ቚदोश; पु -1 स उ लKटीपुटी एवे! मुरपु टी क घटीना क0 पुतिz हा हाF । इस ्ቚकर, घटीना स्थाल पुर पुश्च मुY पुहा]iच गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4) था अन्या ቇኋमु मुY आहा हा]ए डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) ना भा घटीना क0 पुतिz क0 हाF ।
10. तिचतिकत्सक जा .एस. ठक र (अ.स.-5) ना आहा अजाया सहाa (अ.स.-1) क0 तिचतिकत्स या मुलतिहाजा रिरपुटी; (्ቚदोश; पु -10) क ्ቚमुतिण कर हा]ए उसक भाजा मुY खरच, सKजाना एवे! दोदो; हाना या हाF । आहा स श लिसन्हा (अ.स.-2) क0 तिचतिकत्स या मुलतिहाजा रिरपुटी; (्ቚदोश; पु -9) क ्ቚमुतिण कर उसक iए भाजा मुY दोदो; हाना या हाF । वेहाJ, आहा डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) क0 तिचतिकत्स या मुलतिहाजा रिरपुटी; (्ቚदोश; पु -7) क ्ቚमुतिण कर हा]ए उसक iए अቇኋ भाजा मुY अत्यालिኋक सKजाना एवे!
खरच हाना या गया हाF, लिजासस जा रቨኋवे हा रहा था, था एक्स-र रिरपुटी; (्ቚदोश; पु -8) क ्ቚमुतिण कर उसक0 रतिडयास अቜኌस्था मुY भा!ग हाना या गया हाF । इस ्ቚकर, याहा ቜኌस्थाति स्पुz हा हाF तिक मु/क पुर उपुቜኌस्था आहा सቌኔ अजाया सहाa, स श लिसन्हा था अन्या ቇኋमु मुY आहा डक श्वेर सहाa क घयाल हाना क थ्या क0 पुतिz हा हाF । सथा हा , उ सतिቌኔयाe क नामु क उቤኔख ्ቚथामु सKचना पु्ቔ (्ቚदोश; पु -1) मुY पुया जा हाF, अ• घटीना घतिटी हाना क थ्या ्ቚमुतिण हा हाF ।
11. मुKल ्ቚश्ना याहा हाF तिक क्या उ लKटीपुटी एवे! मुरपु टी क0 घटीना तिवेचरणኋ ना अतिभायागण ቛኋर हा करिर क0 गई था ? 6 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024}
12. याहा उቤኔखना या थ्या हाF तिक उस तिदोना दोजा; क0 गई ्ቚथामु सKचना पु्ቔ (्ቚदोश; पु -1) मुY ना अतिभायागण क नामु क उቤኔख हाF और ना हा उना ना व्यातियाe ቛኋर चलिल मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क दोजा; हाF । याहा भा मुहात्वेपुKण; हाF तिक पुलिलस ቛኋर तिगरफ्र तिकए गए अतिभायागण क0 तिकस ्ቚकर क0 तिशनाख् पुरड नाहाJ करई गई । सथा हा , लKटी क0 जा वेस्एi ई गई हाx, उनामुY स कई भा वेस् तिवेचरण या अतिभायागण स जाब् नाहाJ हा]ई हाF । ऐस ቜኌस्थाति मुY, ्ቚस् अतिभायाजाना सतिቌኔयाe क मु/लिखक याना क आኋर पुर हा उनाक0 तिवेश्वेसना या क मुKल्या!कना इस ति!दो पुर तिकया जाना आवेश्याक हाF तिक क्या उन्हाeना लKटी क0 घटीना क अ!जामु दोना वेल व्यातियाe क0 स्पुz पुहाचना कर ल था ।
13. याहा उቤኔखना या हाF तिक घटीना क समुया र लगभाग 08:15 जा क या गया हाF । लKटी करना वेलe क मुटीरसइतिकल मुY सवेर या गया हाF । स्वेया!
्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.- 1) ना न्यायालया ना कथाना मुY याहा स्वे कर तिकया हाF तिक वेहा तिकस भा अतिभाया क पुKवे; स नाहाJ जाना था और जा पुलिलस ቛኋर उन्हाY पुकड़कर थाना लया गया, भा उसना उन्हाY पुहाल
र दोख था । उसना याहा भा कहा हाF तिक घटीना स्थाल पुर वेहा आ्ቅमुणकरिरयाe क चहार ठ क स ना दोख पुया था और ना हा पुहाचना पुया था, था उसक सथा मुइल तिछनाना और मुरपु टी करना वेल व्यातियाe क0 जानाकर उस आजा क नाहाJ हा पुई हाF । इस ्ቚकर, ्ቚथा3 एवे! आहा अजाया सहाa (अ.स.-1) क कथाना स तिवेचरण या अतिभायागण ቛኋर हा उ घटीना क अ!जामु तिदोए जाना क0 पुतिz नाहाJ हा ।
14. इस ्ቚकर, दोKसर आहा स श लिसन्हा (अ.स.-2) ना भा अपुना न्यायालया ना कथाना मुY कहा हाF तिक घटीना र क समुया हाना क करण वेहा तिकस आ्ቅमुणकर क चहार ठ क स नाहाJ दोख पुया था, इसलिलए याहा नाहाJ सक तिक न्यायालया मुY उपुቜኌस्था अतिभायागण
7 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024} उस घटीना मुY सቜኌuमुलिल था या नाहाJ । आहा अजाया सहाa क समुना हा , आहा स श लिसन्हा ना भा स्वे कर तिकया हाF तिक उन्हाeना ्ቚथामु सKचना पु्ቔ मुY आ्ቅमुणकरिरयाe क0 मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क, क! पुना , मुˆडल, र!ग अथावे अሺኋ आरतिपुयाe क0 कदो-कठ , र!ग, पुहानावे या चहार क स!!ኋ मुY कई तिवेतिशz तिवेवेरण नाहाJ तिदोया था । इस ्ቚकर, मु/क क ्ቚमुख आहा एवे! सቌኔ अजाया सहाa और स श लिसन्हा दोनाe क कथाना स याहा थ्या ्ቚमुतिण नाहाJ हा तिक कलिथा लKटीपुटी क0 घटीना मुY तिवेचरण या अतिभायागण सቜኌuमुलिल था ।
15. सर मुहात्वेपुKण; सቌኔ गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4) हाF, जा अतिभायाजाना कथाना क अनासर घटीनास्थाल पुर दो मुY पुहा]iच था और लिजास ्ቚथा3 पुቌኔ ቛኋर लKटी क0 जानाकर दो गई था , लिजासक उपुर! वेहा अतिभायागण क पु छ गया था । गजान््ቖ सहाa ना न्यायालया ना याना मुY याहा अवेश्या कहा हाF तिक उसना अतिभायागण क पुहाचना लिलया था, तिक! सथा हा याहा भा
स्वे कर तिकया हाF तिक उसना स्वेया! घटीना घटी नाहाJ दोख था । उसना याहा भा या हाF तिक आ्ቅमुणकरिरयाe क0 मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क स .जा .-09-जाए-9503 था, तिक!
ना उ ्ቅमु!क क उቤኔख ्ቚथामु सKचना पु्ቔ मुY हाF और ना हा उसक ኋर 161 दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिहा क अ!ग; तिदोए गए पुलिलस याना मुY तिकया गया हाF । चKiतिक उसक न्यायालया ना कथाना लगभाग दो वेष; पुश्च‰ हा]आ, अ• याहा स्वेभातिवेक ्ቚ नाहाJ हा तिक उस इना ल! समुया क मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क याथावे स्मुरण रहा हा । इसक अतिरिर, उसना कहा हाF तिक अतिभायागण समुना मुटीरसइतिकल मुY भाग रहा था और वेहा अपुना मुटीरसइतिकल स उनाक पु छ कर रहा था, जा अतिभायागण ना पु छ मुड़कर दोख, उसना मुटीरसइतिकल क0 रशना मुY उनाक चहार दोख । तिक! इना थ्याe क उቤኔख भा उसक पुलिलस याना मुY नाहाJ तिमुल । पुलिलस ቛኋर अतिभायागण क0 कई तिशनाख् पुरड भा नाहाJ
8 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024} करई गई हाF । अ• गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4) क याहा कथाना तिक उसना मु/क पुर अतिभायागण क पुहाचना लिलया था, स्वेभातिवेक एवे! तिवेश्वेसना या नाहाJ पुया जा ।
16. इस ्ቚकर, अन्या आहा डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) वेहा सቌኔ हाF जा ቇኋमु अकलवेर मुY गजान््ቖ सहाa क0 सKचना पुर सड़क पुर लKटीरe क रकना और पुकड़ना क उቌኔश्या स खड़ था, जाहाi लKटीरe ना उस डण्ड स मुर, लिजासस उस चटी पुहा]iच । तिचतिकत्स या सቌኚया स उसक घयाल हाना क थ्या पुz हा हाF । उसना याहा स्वे कर तिकया हाF तिक वेहा स्वेया! घटीनास्थाल पुर मु/जाKदो नाहाJ था । उसना याहा भा कहा हाF तिक उसना पुलिलस क मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क स .जा .-09-जा.ए.-9503 या था, तिक! उसक पुलिलस याना मुY इस ्ቅमु!क क कई उቤኔख नाहाJ हाF, और उसक न्यायालया ना कथाना भा घटीना क लगभाग दो वेष; पुश्च दोजा; हा]आ हाF । अ• याहा स्वेभातिवेक ्ቚ नाहाJ हा तिक उस इना समुया दो मुटीरसइतिकल क ्ቅमु!क स्मुरण रहा हा या उसना उस मु/क पुर स्पुz रूपु स अतिभायागण क दोख हा । उसना याहा भा स्वे कर तिकया हाF तिक वेहा रिरपुटी; दोजा; करना क समुया उपुቜኌस्था था, तिक!
उस समुया ना उन्हाeना आ्ቅमुणकरिरयाe क कई हा]लिलया या था और ना हा तिकस क नामुजादो रूपु मुY रिरपुटी; मुY अ!तिक करया था ।
17. इस ्ቚकर, उपुर सቌኚया क आኋर पुर तिवेचरण न्यायालया ቛኋर याहा पुया गया हाF तिक आहा एवे! ्ቚथा3 अजाया सहाa (अ.स.-1), स श लिसन्हा (अ.स.-2), मु/क मुY पुश्च मुY पुहा]!चना वेल गजान््ቖ सहाa (अ.स.-4), आहा डक श्वेर सहाa (अ.स.-7) क याना स याहा स्थातिपु नाहाJ हा]आ हाF तिक घटीना क अ!जामु दोना वेल अतिभायागण हा था और इसलिलए सቌኚया तिवेवेचना क आኋर दोषमुति क तिनाण;या पुरिर तिकया गया हाF ।
18. उपुर न्यायादृz! क ्ቚकश मुY याहा न्यायालया पु हाF तिक तिवेचरण न्यायालया ቛኋर जा दोषमुति क तिनाष्कष; अ!तिक तिकया गया हाF वेहा अतिभालख मुY उपुलब्ኋ थ्या और सቌኚया क
9 / 9 {Acq. A. No.-362 of 2024} तिवेपुर या तिवेरኋभास नाहाJ हाF था ्ቚश्नाኋ ना दोषमुति क तिनाण;या मुY कई अवेFኋ या अश्ሾ पुरिरलतिቌኔ नाहाJ हा । इसलिलए उसमुY हास्ቌኔपु क0 आवेश्याक नाहाJ पुया जा ।
19. अ• दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् याहा अपु ल स्वे कर याग्या ना हाना स खरिरजा क0 जा हाF ।
20. तिनाण;या क0 ्ቚतिलिलतिपु क सथा तिवेचरण न्यायालया क अतिभालख श ्ቈपुKवे;क वेपुस ्ቚतिष हा । सहा /- (स!जाया क मुर जायासवेल) न्यायाኋ श पुमुना