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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 56678 (ALL)

LALIT KATHERIYA v. STATE OF U.P.

BAIL/16070/2025 · 2025-05-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:83463 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 16070 of 2025 Applicant :- Lalit Katheriya Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajesh Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक लललर कठवेररियमा ककी ओरि सवे ममु०अ०स० 0044/2025, अन्रररर धमारिमा 304(2)/ 317(2) बब.एन.एस, रमानमा रिससूलमाबमाद, लजलमा कमानपमुरि दवेहमार मम जममानर परि ममुक्त करिनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा एववं कवदमान अपरि शमासककीय अलधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररिशबलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरिर मम रलर एववं फजर्जी ढवंर सवे झसूठमा फवं समायमा रयमा हहै, उसनवे कलरर अपरिमाध कमाररिर नहहीं ककयमा हहै। आववेदक कवे दमारिमा ककसब प्रकमारि ककी ककोई बरिमामदरब नहहीं कदखमाई रयब हहै। प्ररम ससूचनमा ररिपकोरर कवलम्ब सवे हहई। लजसकमा स्पषबकरिर नहहीं कदयमा रयमा। प्ररम ससूचनमा ररिपकोरर अजमार मम दजर करिमायब रयब हहै। उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओरि सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करिनवे कवे ललए रहैयमारि हहै औरि जब भब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारिब सवे कवचमारिर न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करिमाएरमा औरि उन सभब शररवं कको स्वबकमारि करिनवे कवे ललए भब रहैयमारि हहै जको न्यमायमालय उस परि अलधरिकोकपर करिवेरब। आववेदक कनदरष हहै ररमा वह इस प्रकरिर मम कद० 18.02.2025 सवे कमारिमारमारि मम कनरुद्ध हहै इसललए आववेदक कको जममानर परि छकोड़ कदयमा जमाय। 4. कवदमान अपरि शमासककीय अलधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा कवे रकर कमा प्रबल कवरिकोध करिरवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारिमा कमाररिर अपरिमाध सवंजवेय एववं रवंम्भबरि प्रकक कर कमा हहै, इसललए आववेदक कको जममानर परि न छकोड़मा जमायवे। 5. आववेदक कवे कवदमान अलधवक्तमा कवे रकरवं कवे पररिप्रवेक्ष्य मम पतमावलब परि उपलब्ध समारिवमान रथ्ययों एववं पररिणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करिनवे कवे बमाद , सबसूरयों ककी प्रकक कर औरि ककसब भब ठकोस कवरिकोधमात्मक समामग्रब ककी अनमुपणस्रकर एववं उपलब्ध समामग्रब सवे छवेड़छमाड़ ककी सवंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरिब रिमाय मम आववेदक कको जममानर परि ममुक्त करिनवे कमा उपयमुक्त आधमारि हहै। 6. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष परि कबनमा ककोई करप्परब ककए हहए आववेदक कको उपरिकोक्त वकररर अपरिमाध मम सवंबवंलधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष परि व्यकक्तरर बवंध -पत एववं उसब धनरिमाकश कवे दको प्रकरभसू प्रस्रमुर करिनवे परि कनम्नलललखर शररवं कवे समार जममानर परि छकोड़ कदयमा जमाय। 1. आववेदक कवववेचनमा यमा परिबक्षर कवे ददौरिमान अकभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करिवेरमा। 2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षययों व पबकड़रमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरिमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करिवेरब, वह परिबक्षर कवे ददौरिमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन ललए कनयर करलर परि न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परिबक्षर मम ईममानदमारिब सवे सहयकोर करिवेरमा। 4. आववेदक जममानर परि ररिहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहब करिवेरमा औरि ककसब भब अपरिमालधक रकरकवलध मम ललप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरिमालधक कक त्य करिवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररिकचर ककसब भब व्यकक्त यमा पमुललस अलधकमाररिययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे ककोई वमायदमा करिवेरमा, लजसकवे कमारिर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमाररि करिनवे सवे कवरिर रिहनमा पण्डिवेडे़। उपरिकोक्त शररवं मम सवे ककसब कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परिबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमारि रिद्द करिनवे कको स्वरवंत हहै। Order Date :- 19.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad