Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 56409 (ALL)
KHEMCHAND v. STATE OF U.P.
NABAIL/3674/2025 · 2025-05-19
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 56409 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 56409 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:84900 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3674 of 2025 Applicant :- Khemchand Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajeev Kumar,Vijay Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक खवेमचन्द्र ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 168 सनन् 2025, अन्रररर धमारमा 111(2)(बब) बब.एन.एस एवसं धमारमा 3/7 आवश्यक वस्रमु अधधगनयम, रमानमा सदर, धजलमा आररमा मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारब ककी णस्रगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भब करन हहै गक आववेदक कमा ककोई आपरमाधधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभब रक ककोई भब बमाध्यकमारब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरर्दोसं कको स्वबकमार करनवे कवे धलए भब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अधधरकोगपर करवेरब।
4. गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभबर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणस्रगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभबररमा, आरकोपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपब ककी वमास्रगवक भनूगमकमा पर भब गवचमार करनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधब गवधध कवे स्रमागपर धसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभब रथ्ययों एवसं पररणस्रगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा स्वबकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत स्वबकमार गकयमा जमारमा हहै।
7.
उपरकोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररफ्रमारब ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भमारसमाधक अधधकमारब ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसब धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रस्रमुर करनवे पर , (दणण्डि प्रगक्रियमा ससंगहरमा ककी धमारमा 173 (2) कवे रहर पमुधलस आरकोप पत दमाधखल गकए जमानवे रक ) गनमन शरर्दो कवे अधबन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको पमुधलस अधधकमारब दमारमा जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसब व्यगक यमा पमुधलस अधधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसब पमुधलस अधधकमारब कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयकोर करमरवे और जममानर ककी स्वरसंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णस्रगर मम गवववेचनमाधधकमारब /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेदक कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरस्रबकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रस्रमुर करनवे ककी स्वरसंतरमा हकोरमा। Order Date :- 20.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad