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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 55851 (ALL)

SUNAHRI LAL SURYA v. STATE OF U.P. AND 4 OTHERS

WRIA/25646/2018 · 2025-03-03

Saurabh Shyam Shamshery

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:30223 Court No. - 10 Case :- WRIT - A No. - 25646 of 2018 Petitioner :- Sunahri Lal Surya Respondent :- State Of U.P. And 4 Others Counsel for Petitioner :- Hritudhwaj Pratap Sahi,Samarath Singh,Sankalp Narain Counsel for Respondent :- Anil Kumar Aditya,C.S.C.,Lalit Kumar Misra,S.R. Pandey Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J. 1. Learned counsel for petitioner is not present. 2. This writ petition was filed in the year 2018 when the petitioner was about 60 years and he has challenged the impugned order dated 27.10.2018 passed by District Inspector of Schools, Budaun which was decided in pursuance of an order passed by this Court in earlier round of litigation that due to an adverse entry, he was not approved as Officiating Principal despite being senior most teacher in the concerned college. The relevant part of impugned order is reproduced hereinafter :- "सममीकक प्रबन्धततंत्र एवतं शमी ससुनहरमी लकल ससूरर दकरक उपलब्ध करकरये गरये अभभिलयेखखों एवतं अभभिकथन सये स्पष्ट हहै भक शमी ससुनहरमी लकल ससूरर ककलयेज मम वररष्ठतम प्रवकक हहै , जजसकये आधकर पर प्रधकनकचकरर पद कये तदथर प्रममोशन हयेतसु रमोग्र हहै। शमी ससूरर कमो सयेवकककल मम भनलममबत भकरक गरक थक , जजसये ककरकरलर कये पत्रकतंक मक० -1/445-47/2017-18 भदनकतंक 02.05.2017 दकरक अनकनसुममोभदत हमोनये कये बकवजसूद उनकये भवरूद्ध भवभिकगमीर अनसुशकसनकत्मक ककररवकहमी कये भनदरश भदरये गरये थये। भवभभिन्न भशककरतखों ककी जकतंच मम वह दमोषमी भिमी जसद्ध हहरये हहै। उदकहरणकथर तत्ककलमीन जजलक भवदकलर भनरमीकक दकरक ककक -11 ककी अतंगयेजमी ककी उत्तरपसुमस्तककओतं कये मसुल्रकतंकन मम शमी ससूरर पसूणररूपयेण दमोषमी पकरये गरये हहै इसकये अभतररक शमी ससूरर कमो उनकये अभनरभमत भक्रिरककलकपखों कये ककरण हमी प्रबन्धततंत्र दकरक उनककी चररत्र पतंजजकक मम प्रभतकसू ल प्रवभष्ट भिमी दमी जक चसुककी हहै। प्रबन्ध ततंत्र दकरक उपलब्ध करकरये गरये मकननमीर सवर्वोच्च न्रकरकलर मम रकममसूभतर बनकम जजलक भवदकलर भनरमीकक , दयेवरररक व अन्र (Civil Appeal no. 1696 of 1988, decided on February 11, 1994) कये भनणरर मम रह अभभिभनणर्णीत भकरक हहै . भक वररष्ठतम अध्रकपक रभद सतंस्थक कये जलए समथर (Competent) नहहीं हहै , तमो वररष्ठतक कमो दरभकनकर करतये हहए अन्न वररष्ठ कमो तदथर प्रधकनकचकरर कक दकभरत्व दयेनये मम कमोई दमोष नहहीं हहै । जजसकये आधकर पर हमी मकननमीर सवर्वोच्च न्रकरकलर दकरक जजलक भवदकलर भनरमीकक दयेवरररक कये आदयेश कमो सहमी मकनक गरक हहै। प्रबन्धततंत्र दकरक वररष्ठतक क्रिम मये भदतमीर स्थकन पर ककरररत प्रवकक कमो सतंस्थक एवतं छकत्रभहत नये ककररवकहक प्रधकनकचकरर कक पदभिकर ससौंपक गरक हहै। चसूतंभक शमी ससुनहरमी लकल ससूरर पसूवर मम अपनये दकरक भकरये गरये कक त्रखों ककी जकतंच मम दमोषमी जसद्ध हमो चसुकये हहै एवतं उनककी चररत्र पतंजजकक मम प्रभतकसू ल प्रवकभष्ट भिमी अतंभकत ककी गरमी हहै। इस प्रककर प्रबन्धततंत्र दकरक शमी शसुकदयेव नकरकरण शमीवकस्तव कमो ककररवकहक प्रधकनकचकरर कक पदभिकर ससौंपनक भवजधभवरूद्ध नहहीं हहै। भनष्कषर उपरमोक सममीकक कये आधकर पर भनष्कषर भनकलतक हहै , भक शमी ससुनहरमी लकल ससूरर पसूवर मम ककी गरमी भशककरतखों ककी जकतंच मम दमोषमी पकरये जकनये , चररत्र पतंजजकक मम प्रभतकसू ल प्रवकभष्ट हमोनये, भवदकलर एवतं छकत्रभहत मम बकधक हमोनये कये ककरण एवतं मकननमीर सवर्वोच्च न्रकरकलर कये अभभिमत कये आलमोक मम ककररवकहक प्रधकनकचकरर कये पदभिकर गहण करनये कये ससुरमोग्र नहहीं हहै। भनणरर उक भववयेचनक कये आधकर पर रकचमी शमी ससुनहरमी लकल ससूरर कक प्रत्रकवयेदन भदनकतंक 29-03- 2018 बलहमीन हमोनये कये ककरण भनरस्त करतये हहरये भनस्तकररत भकरक जकतक हहै।" 3. This Court has not passed any interim order and since now the petitioner has already attained the age of superannuation, therefore, by influx of time, this writ petition is rendered infructuous. Otherwise also once an adverse entry was awarded to petitioner, there is no illegality, if he was not given charge of Ad-hoc Principal at the relevant time. Reliance on Ram Murti Singh (supra) was rightly placed where on similar facts no relief was granted. 4. Accordingly, this writ petition is dismissed as rendered infructuous. Order Date :- 4.3.2025 P. Pandey Digitally signed by :- PUSHPENDRA PANDEY High Court of Judicature at Allahabad