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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 55471 (ALL)

SATISH v. STATE OF U.P.

ABAIL/11703/2023 · 2025-09-16

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 11703 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की ओर से उपिस्थत िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान अिग्रम जमानत आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 285/2020, अंतगर्त धारा 307, 323 भा०दं०िव०, थाना जहांगीराबाद, िजला बुलन्दशहर में अिग्रम जमानत की मांग करते हुए इस प्राथर्ना के साथ प्रस्तुत िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जाए। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा तकर् िदया गया है िक आवेदक िनदोर्ष है तथा उसे आशंका है िक उसे उपयुर्क्त मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरुद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। आगे यह भी प्रस्तुत िकया गया है िक इस मामलें में आवेदक के िवरूद्ध िववेचक द्वारा अंितम आख्या प्रस्तुत की गयी थी, िकतु संबंिधत न्यायालय द्वारा आवेदक को धारा 319 दं०प्र०सं० के अंतगर्त सम्मन िकया गया है। पुनः कथन है िक आवेदक जांच तथा परीक्षण के दौरान सहयोग करने का वचन देता है तथा वह जांच एजेंसी/पुिलस/न्यायालय द्वारा अपेिक्षत होने पर उपिस्थत होगा। यह कहा गया है िक यिद आवेदक को अिग्रम जमानत दी जाती है, तो वह जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा और जांच में सहयोग करेगा और जमानत की सभी शतोर्ं का पालन करेगा। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा आवेदक के अिग्रम जमानत का िवरोध िकया िकया तथा आगे यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक आवेदक का अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है। 5. यह प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा यह Versus Counsel for Applicant(s) : Nishant Mehrotra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satish .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अवधािरत िकया गया है िक अिग्रम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय को आरोपों की प्रकृ ित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक प्रिक्रया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरूद्ध उपलब्ध सभी सामग्री का सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए। 6. उभय पक्षों के िवद्वान अिधवक्तागण को सुनने और वतर्मान आवेदन में िकए गए कथनों पर िवचार करने के उपरांत, यह न्यायालय इस राय पर है िक आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम जमानत देने के िलए कोई उपयुक्त एवं पयार्प्त आधार नहीं प्रस्तुत िकया गया है। 7. तदनुसार, आवेदक का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे िनरस्त समझा जाय। 9. हालांिक, आवेदक के िलए संबंिधत िवचारण न्यायालय के समक्ष िनयिमत जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के िलए स्वतंत्रता है, यिद जमानत के िलए ऐसा कोई आवेदन संबंिधत िवचारण न्यायालय के समक्ष पेश िकया जाता है, तो यह उम्मीद की जाती है िक संबंिधत न्यायालय, न्यायालय के िववेक और जमानत देने में िवचार को िनयंित्रत करने वाले वैधािनक प्रावधानों को बािधत िकये िबना, मा० उच्चतम न्यायालय के द्वारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) में प्रितपािदत या िनधार्िरत जमानत देने के िलए आवश्यक िदशा-िनदेर्शों को ध्यान में रखते हुए उस पर िवचार करेगी और फै सला करेगी। 10. उपयुर्क्त िटप्पिणयों/िनदेर्शों के साथ, यह वतर्मान आवेदन पत्र का िनस्तािरत िकया जाता है। 11. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की प्रितिलिप संबंिधत/ िवचारण न्यायालय को अिवलंब प्रेिषत करना सुिनिश्चत करें। September 17, 2025 CP.sahani ABAIL No. 11703 of 2023 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad