Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 54954 (ALL)

VIJAY GOSWAMI v. STATE OF U.P.

BAIL/15804/2025 · 2025-05-11

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:76919 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 15804 of 2025 Applicant :- Vijay Goswami Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Vishal Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक ववजय गगोस्वमाममी ककी ओर सवे ममु०अ०स० 366/2024, अन्रगरर धमारमा 352/ 109/ 3 (5) बमी.एन.एस, रमानमा वमलक, जजलमा रमामपमुर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा गयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा एववं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कगो समुनमा ररमा पतमावलमी कमा पररशमीलन वकयमा। 3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कगो इस प्रकरर मम गलर एववं फजर्जी ढवंग सवे झझूठमा फवं समायमा गयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। इस प्रकरर मम सह अवभियमुक्त मगोवहर गगोस्वमाममी ककी जममानर, जममानर आववेदन पत सवं. 2176 सन 2025 मम इस न्यमायमालय ककी इसमी न्यमायपमीठ कवे आदवेश वद . 25.04.2025 दमारमा स्वमीकमार ककी जमा चमुककी हहै। आववेदक कमा कवे स भिमी उक्त सहअवभियमुक्त कवे सममान हहै, इसजलए आववेदक भिमी सह अवभियमुक्त सवे सममानरमा कवे आधमार पर जममानर पमानवे कमा अजधकमारमी हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 27.11.2024 सवे कमारमागमार मम वनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कगो जममानर पर छगोड़ वदयमा जमाय। 5. ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरगोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं गवंम्भिमीर प्रकक वर कमा हहै, इसजलए आववेदक कगो जममानर पर न छगोड़मा जमायवे। 6. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलमी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एववं पररणस्रवरययों कमा समग्र रूप सवे अवलगोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरयों ककी प्रकक वर और वकसमी भिमी ठगोस ववरगोधमात्मक समामग्रमी ककी अनमुपणस्रवर एववं उपलब्ध समामग्रमी सवे छवेड़छमाड़ ककी सवंभिमावनमा न हगोनवे कवे रथ्य कगो दवेखरवे हहए मवेरमी रमाय मम आववेदक कगो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 7. अरतः वमाद कवे गमुर दगोष पर वबनमा कगोई वटिप्परमी वकए हहए आववेदक कगो उपरगोक्त ववररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष्टि पर व्यवक्तगर बवंध -पत एववं उसमी धनरमावश कवे दगो प्रवरभिझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नजलजखर शरर्दोवं कवे समार जममानर पर छगोड़ वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचनमा यमा परमीक्षर कवे ददौरमान अवभियगोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेगमा। 2. आववेदक अवभियगोजन समावक्षययों व पमीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कगो ण्डिरमायवेगमा /धमकमायवेगमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेगमी, वह परमीक्षर कवे ददौरमान वबनमा कगोई अनमावश्यक स्रगन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हगोगमा ररमा परमीक्षर मम ईममानदमारमी सवे सहयगोग करवेगमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हगोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयगोग नहमी करवेगमा और वकसमी भिमी अपरमाजधक गवरववजध मम जलप्त नहहीं हगोगमा न कगोई अपरमाजधक कक त्य करवेगमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररवचर वकसमी भिमी व्यवक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कगो कगोई प्रलगोभिन यमा धमककी नहहीं दवेगमा न हमी उनसवे कगोई वमायदमा करवेगमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कगो उजमागर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरगोक्त शरर्दोवं मम सवे वकसमी कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परमीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कगो स्वरवंत हहै। Order Date :- 12.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad