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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 54788 (ALL)
SMT. SAROJ DEVI v. STATE OF U.P.
NABAIL/3602/2025 · 2025-05-19
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 54788 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:84918 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3602 of 2025 Applicant :- Smt. Saroj Devi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Pradeep Kumar Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा शश्रीमरश्री सररोज दवेवश्री ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 111 सनन् 2025, अन्रररर धमारमा 80(2)/ 85 बश्री.एन.एस एवसं धमारमा 3/4 दहवेज प्रगरषवेध अधधगनयम, रमानमा अरररौलश्री, धजलमा अलश्रीरढ मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा करो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा करो समुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा।
3. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेगदकमा गनदर्दोष हहै , उसवे उपररोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपररोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध करोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेगदकमा कमा करोई आपरमाधधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश्री रक करोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश्री हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे दरौरमान सहयरोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयरोर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हरोरश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद करो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभश्री शरर्दोसं करो सवश्रीकमार करनवे कवे धलए भश्री रहैयमार हहै जरो न्यमायमालय उस पर अधधररोगपर करवेरश्री।
4. गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवररोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों करो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक करो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक करो अगग्रिम जममानर पर न छरोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय करो आररोपयों ककी प्रकक गर और रसंभश्रीररमा, आररोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय करो आररोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आररोपश्री ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधश्री गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरयों करो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आररोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों करो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर- दरोष पर गबनमा करोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यरोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7.
उपररोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेगदकमा ककी गररफ्रमारश्री ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भमारसमाधक अधधकमारश्री ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसश्री धनरमागश कवे दरो प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर , (दणण्डि प्रगक्रियमा ससंगहरमा ककी धमारमा 173 (2) कवे रहर पमुधलस आररोप पत दमाधखल गकए जमानवे रक ) गनमन शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हरोरमा ररो पमुधलस अधधकमारश्री दमारमा जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमरश्री। 2- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक यमा पमुधलस अधधकमाररययों करो प्रत्यक्षि यमा पररोक्षि रूप सवे करोई धमककी , वमादमा यमा प्रलरोभन नहहीं दवेरश्री धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य करो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसश्री पमुधलस अधधकमारश्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेगदकमा गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे दरौरमान सहयरोर करवेरश्री और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयरोर नहहीं करवेरश्री। उपररोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाधधकमारश्री /अगभयरोजन पक्षि करो, आववेगदकमा करो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हरोरश्री। Order Date :- 20.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad