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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 53997 (ALL)

SWAMINATH RAM v. STATE OF U.P.

BAIL/15277/2025 · 2025-08-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:142445 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 15277 of 2025 Applicant :- Swaminath Ram Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Hari Om Gupta,Manoj Yadav,Randhir Singh,Virendra Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शश्री धिरररद्वाज पद्वाल कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशश्रीलन वकयद्वा। 2. वतररद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जरद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक Swaminath Ram ककी ओर सवे रसु०अ०सवं० 44/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 316(5), 318(4), 3(5) बश्री.एन.एस., थद्वानद्वा रसडद्वा, धजलद्वा बधलयद्वा रम जरद्वानत पर रसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै। 3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर रम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , आववेदक दद्वारद्वा कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक बबक रम कहै वशयर हहै। यहद्वावं प्रद्वासवंवरक तथ्य हहै वक वतररद्वान वद्वाद रम अन्य सह -अवभियसुकरर चवंद्रभिझूषर रद्वाय(बद्वावंच रहैनवेजर) एववं अन्य अवभियसुक ससुनश्रील यद्वादव ककी जरद्वानत , जरद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 10397/2025 एववं 13712/2025 रम वभिन-वभिन न्यद्वायपश्रीठ दद्वारद्वा वभिन-वभिन वतधथययों कको स्वश्रीकक त ककी जद्वा चसुककी हहै। अततः जरद्वानत प्रद्वाप सह-अवभियसुकरर सवे सरद्वान भिझूवरकद्वा कवे आधिद्वार पर आववेदक भिश्री जरद्वानत पद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारश्री हहै। पसुनतः उनकद्वा यह भिश्री कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा रम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भिश्री आवश्यकतद्वा हकोरश्री वह ईरद्वानदद्वारश्री सवे अदद्वालत कवे सरक्ष खसुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभिश्री शतरवं कको स्वश्रीकद्वार करनवे कवे धलए भिश्री तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेरश्री। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर रम वद० 04.02.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार रम वनरुद हहै। इसधलए आववेदक कको जरद्वानत पर छकोड वदयद्वा जद्वाय। 4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जरद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभिश्रीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जरद्वानत पर न छकोडद्वा जद्वाय। 5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य रम पतद्वावलश्री पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थवतययों कद्वा सरग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद, सबझूतयों ककी प्रकक वत और वकसश्री भिश्री ठकोस ववरकोधिद्वात्रक सद्वारग्रश्री ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वारग्रश्री सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभिद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए रवेरश्री रद्वाय रम आववेदक कको जरद्वानत पर रसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै। 6. अततः वद्वाद कवे रसुर -दकोष पर वबनद्वा ककोई वटिप्परश्री वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि रम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि पर व्यवकरत बवंधि- पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भिश्री दको प्रवतभिझू प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जरद्वानत पर छकोड वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परश्रीक्षर कवे ददौरद्वान अवभियकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभियकोजन सद्वावक्षययों व पश्रीवडतद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिरकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा, वह परश्रीक्षर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय रम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परश्रीक्षर रम ईरद्वानदद्वारश्री सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जरद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जरद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोर नहश्री करवेरद्वा और वकसश्री भिश्री अपरद्वाधधिक रवतववधधि रम धलप नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे रद्वारलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसश्री भिश्री व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभिन यद्वा धिरककी नहहीं दवेरद्वा न हश्री उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा , धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय रम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़। 7. उपरकोक शतरवं रम सवे वकसश्री कवे उलवंघन कवे रद्वारलवे रम , परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जरद्वानत वनयरद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 19.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad