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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 53441 (ALL)
VIVEK RAMAN v. STATE OF U.P.
BAIL/15022/2025 · 2025-08-06
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 53441 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:134399
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 15022 of 2025 Applicant :- Vivek Raman Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Anil Kumar Pandey,Naman Agarwal,Nipun Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ववववेक रमन ककी ओर सवे ममु०अ०स० 774/2015, अन्रररर धमारमा 420/ 406 भमा.दद.सद., रमानमा ससकन्दरमा, सजलमा आररमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा एवद ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन वकयमा।
3. पररवमादली कवे ववदमान असधवक्तमा दमारमा अपनमा वकमालरनमाममा दमासखिल वकयमा उसवे पतमावलली पर रखिमा जमाए।
4.
आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हहै, उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। आववेदक दमारमा न हली वकसली सवे ककोई धकोखिमाधण्डिली यमा जमालसमाजली ककी हहै और न हली ककोई षण्डियदत कवे रहर ककोई भली लकोन आवद वकसली भली बबक सवे नहहीं करमायमा हहै। आववेदक दमारमा न रको बबक सवे ऋर स्वलीकक र करमायमा रयमा, न हली कसरर 2,95,000 रूपयवे ककी रकम हली अपनवे खिमारवे मम अदरररर करमायली हहै। घटनमा वदनमादक 06.06.2012 ककी बरमायली रयली हहै जबवक रमानमा हमाजमा पर ममुकदममा वदनमादक 30.08.2015 कको दजर करमायमा रयमा हहै जको कई समाल ववलम्ब सवे हहै और ववलम्ब कमा ककोई भली स्पष्ट स्पष्टलीकरर नहहीं वदयमा रयमा हहै। प्रमाररनमा पत कवे समार प्ररम सझूचनमा ररपकोटर व धमारमा 156 (3) कवे प्रमाररनमा पत ककी प्रवर और पझूरक शपरपत प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै। सजसमम पररवमादली दमारमा दलीवमानली प्रकक वर कवे प्रकरर मम झझूठवे रथ्य रढकर आपरमाधलीक रदर वदयवे रयवे हकोनवे ररमा ननौकरली ककी ककोई रमारदटली सदस्रमान दमारमा नमा वदयवे रयवे हकोनवे ररमा वनधमारररर प्रवक्रियमा कवे रहर दस्रमाववेज वदयवे जमानवे ररमा फकीस आवद जममा वकयवे जमानवे कमा करन वकयमा रयमा हहै और यह कहमा रयमा हहै वक ईलम ववश्वववदमालय ससणककम दमारमा परलीकमा नमा करमायवे जमानवे कवे कमारर ररमा ववसत्तिय रनमाव कवे चलरवे सदस्रमान कमा कमायर बमासधर हहआ। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक
ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे अदमालर कवे समक खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरतों कको स्वलीकमार करनवे कवे सलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोवपर करवेरली। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 12.02.2025 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
5.
ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भलीर प्रकक वर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
6. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवद पररणस्रवरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरतों ककी प्रकक वर और वकसली भली ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रवर एवद उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर वबनमा ककोई वटप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सदबदसधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष्ट पर व्यवक्तरर बदध -पत एवद उसली धनरमावश कवे दको प्रवरभझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नसलसखिर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परलीकर कवे दनौरमान अवभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभयकोजन समावकयतों व पलीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरली, वह परलीकर कवे दनौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परलीकर मम ईममानदमारली सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपयकोर नहली करवेरमा और वकसली भली अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररवचर वकसली भली व्यवक्त
यमा पमुसलस असधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे वकसली कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परलीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 7.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad