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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 51417 (ALL)

SMT. INTSHA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/3393/2025 · 2025-05-19

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:84824 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3393 of 2025 Applicant :- Smt. Intsha Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Adesh Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा शश्रीमरश्री इन्रशमा ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 466 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 191(2)/ 191(3)/ 190/ 115(2)/ 125/ 352/ 351(2)/ 109/ 126(2)/ 111(2)/ 324(4) बश्री.एन.एस एवसं धमारमा 7 गक्रिगमनल लल एमवेन्ण्डिमवेन्ट एक्ट 1932, रमानमा ललसमाडश्री रवेट, लजलमा मवेरठ मम अगग्रिम जममानर ककी मलर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेगदकमा कवे गवदमान अलधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अलधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा। 3. आववेगदकमा कवे गवदमान अलधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेगदकमा गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आललप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेगदकमा कमा ककोई आपरमालधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश्री रक ककोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश्री हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जलच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जलच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे ललए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोरश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभश्री शरर्दोसं कको सवश्रीकमार करनवे कवे ललए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अलधरकोगपर करवेरश्री। 4. गवदमान अपर शमासककीय अलधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभश्रीररमा, आरकोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपश्री ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधश्री गवलध कवे सरमागपर लसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अलधवकमाओसं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममललर आववेगदकमा ककी गररफ्रमारश्री ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंलधर रमानवे कवे भमारसमाधक अलधकमारश्री ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसश्री धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर , (दणण्डि प्रगक्रियमा ससंगहरमा ककी धमारमा 173 (2) कवे रहर पमुललस आरकोप पत दमालखल गकए जमानवे रक ) गनमन शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हकोरमा रको पमुललस अलधकमारश्री दमारमा जलच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमरश्री। 2- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक यमा पमुललस अलधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरश्री लजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसश्री पमुललस अलधकमारश्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेगदकमा गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयकोर करवेरश्री और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहहीं करवेरश्री। उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमालधकमारश्री /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेगदकमा कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोरश्री। Order Date :- 20.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad