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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 51268 (ALL)
SANI ALIAS AYUSH SINGH v. STATE OF U.P.
BAIL/14351/2025 · 2025-05-06
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 51268 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:73879 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 14351 of 2025 Applicant :- Sani Alias Ayush Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Santosh Kumar Mishra,Vinay Kumar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक सननी उरर आययष सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०स० 92/2025, अन्रररर धमारमा (137)(2), 61(2), 87 बनी.एन.एस, रमानमा बररयमारपमुर, सजलमा दवेवररयमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा एवसिं कवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवसिं रजर्जी ढसिंर सवे झयठमा रसिं समायमा रयमा हहै , उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै , पनीकड़िरमा नवे अपनवे धमारमा 183 बनी.एन.एस. कवे बयमान मम बरमायमा कक " कदनमासिंक 12.03.25 कको समय दकोपहर एक वजवे घर सवे दवेवररयमा आयनी मवेरवे समार रररममा और अरममान भनी रवे हम रनीनको बस पकण्डि कर रकोरखपमुर रयवे करर वहमा सवे टटवेन पकण्डि कर कदलनी रयवे कदलनी मम दको रूम सलयवे और एक रूम मवे अरममान और रररममा रवे दयसरवे रूम मम महै अकवे लनी रनी वहमा हम रनीनको दको कदन रहवे अरममान रररममा कमा बमायफम ण्डि हहै मम घर सवे इस सलयवे रयनी क्यकोकक मम नमारवेश कमु ममार सवे शमादनी करनमा चमाहरनी रनी रको घर वमालवे उससवे मवेरनी शमादनी नहहीं करवमा रहवे रवे मवेरवे घर वमालवे ककसनी और सवे मवेरनी शमादनी करवमा रहवे रवे नमारवेश ममुझसवे कमलनवे आयमा रमा कदलनी मम महैनवे रकोन करकवे नमारवेश ककी बमुलमायमा रमा वह दको रनीन घन्टवे वमाद वमापस चलमा रयमा मवेरवे और नमारवेश कवे बनीच शमारनीररक सम्बन्ध नहहीं बनवे मवेरवे समार ककोई घचनमा कमाररर नहनी हहआ हहै महै नमारवेश कवे समार रहनमा चमाहरनी हहहूँ महै , रररममा और अरममान, नमारवेश एक हनी स्कय ल मम पढ़रवे हहै नमारवेश कको महैनवे रकोन करकवे कमलनवे कवे
सलयवे बमुलमायमा"
4. उक्त पनीकड़िरमा कवे धमारमा 183 बनी.एन.एस. कवे बयमान सवे ऐसमा प्ररनीर हकोरमा हहै कक पनीकड़िरमा नमारवेश सवे हनी शमादनी करनमा चमाहकर हहै ररमा उसनवे अपनवे बयमान मम कहहीं भनी आववेदक कमा नमाम नहहीं सलयमा। इस प्रकमार आववेदक ककी ररमाकसरर घटनमा मम ककसनी भनी प्रकमार ककी ककोई भयकमकमा नहहीं हहै। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 19.03.2025 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय।
5.
कवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ससिंजवेय एवसिं रसिंम्भनीर प्रकक कर कमा हहै , इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़िमा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोसिं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलनी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवसिं पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबयरयों ककी प्रकक कर और ककसनी भनी ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रनी ककी अनमुपणस्रकर एवसिं उपलब्ध समामग्रनी सवे छवेड़िछमाड़ि ककी ससिंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरनी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परनी ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम ससिंबसिंसधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्टि पर व्यकक्तरर बसिंध -पत एवसिं उसनी धनरमाकश कवे दको प्रकरभय प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नसलसखर शरर्दोसिं कवे समार जममानर पर छकोड़ि कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परनीक्षर कवे ददौरमान अकभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षययों व पनीकड़िरमा / कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा, वह परनीक्षर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए कनयर करसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परनीक्षर मम ईममानदमारनी सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसिंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहनी करवेरमा और ककसनी भनी अपरमासधक रकरकवसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसनी भनी व्यकक्त यमा पमुसलस असधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हनी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेड उपरकोक्त शरर्दोसिं मम सवे ककसनी कवे उलसिंघन कवे ममामलवे मम , परनीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरसिंत हहै। Order Date :- 7.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad