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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 51174 (CHH)

STATE OF CHHATTISGARH v. Urmila Pandey

ACQA/62/2018 · 2025-10-06

Shri Sanjay Agrawal, Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

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1 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} 2025:CGHC:49748-DB अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दोषमुति अपु ल क्रमु!क -62 /2018  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थाना प्रभार , पुलिलस थाना-स!पुर, लि0ल-लरमुपुर- रमुना0ग!0, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा1/रज्या तिवेरूद्घ 1. उतिमु4ल पुण्डेया पुति-तिवेनादो पुण्डेया, उम्र-लगभाग 55 वेष4, पुशा-ग:हणी , तिनावेस -ग्रामु र0खे, च?क@-वेडेAफनागर, थाना-स!पुर, लि0ल-लरमुपुर-रमुना0ग!0, छ०ग० 2. श्री मु तिप्रया!क तिवेर पुति-र0E तिवेर , उम्र-लगभाग 21 वेष4, पुशा-ग:हणी , 3. र0E तिवेर तिपु-श्री रमु दोवे तिवेर , उम्र-लगभाग 25 वेष4, पुशा-पुढ़ई, दोनाG स्थाया तिनावेस -ग्रामु पु!खे दोफई, पुलिलस थाना-हल्दो ड़ी , तिचरतिमुर , लि0ल- करिरया, छत्ती सगढ़, वे4मुना तिनावेस -मु!डे दो पु, पुलिलस थाना-ह ग!0, लि0ल-भापुल, मुध्याप्रदोशा, 4. गतिवे!दो शामु4 तिपु-स्वेग1या प्रद्यमुना शामु4, उम्र-लगभाग 45 वेष4, पुशा-मु0दोEर , तिनावेस - ग्रामु र0खे, च?क@-वेडेAफनागर, पुलिलस थाना-स!पुर, लि0ल-लरमुपुर- रमुना0ग!0, छत्ती सगढ़, 5. रहNल शामु4 तिपु-गतिवे!दो शामु4, उम्र-लगभाग 24 वेष4, पुशा-मु0दोEर , तिनावेस -ग्रामु र0खे, च?क@-वेडेAफनागर, पुलिलस थाना-स!पुर, लि0ल-लरमुपुर-रमुना0ग!0, छत्ती सगढ़ । -----उत्तीरवेदो गणी/अतिभायागणी POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.10.07 16:53:17 +0530 2 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} अपु लथा1/रज्या द्वार : श्री आर०एना० पुस्टी , शासक@या अलिTवे । उत्तीरवेदो गणी/अतिभायागणी द्वार : श्री अवेT तिUपुठी , अलिTवे क@ ओर स श्री तिकशाना क मुर यादोवे, अलिTवे । यागल पु ठीX मुनाना या न्यायामुEति4 श्री स!0या अग्रावेल , न्यायाT शा मुनाना या न्यायामुEति4 श्री स!0या क मुर 0यासवेल , न्यायाT शा !! तिनाणी4या पु ठी पुर पुरिर !! द्वार स!0या क मुर 0यासवेल , न्यायाT शा 07/10/2025 1. दोण्डे प्रतिक्रया स!तिह, 1973 क@ Tर 378(1) क अ!ग4 दोषमुति क तिवेरुद्ध प्रस् इस अपु ल मुb तिवेचरणी न्यायालया – अपुर सU न्यायाT शा, रमुना0ग!0 क न्यायालया क तिद्वा या अतिरिर न्यायाT शा, रमुना0ग!0, लि0ल सरग0 (छत्ती सगढ़) द्वार सU प्रकरणी क्रमु!क 32/2016 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध उतिमु4ल पुण्डेया एवे! अन्या” मुb तिदोना!क 03.07.2017 क पुरिर तिनाणी4या क@ वेgT क चना? दो गई हg । उ तिनाणी4या क ह अतिभायागणी/ उत्तीरवेदो गणी क भार या दोण्डे स!तिह क@ Tर 294, 506 (भाग-2) था 452 क अपुरT स दोषमु तिकया गया हg था Tर 307 अथावे वेgकल्पिल्पुक Tर 307/149 भार या दोण्डे स!तिह, 1860 क स्थाना पुर Tर 323 भार या दोण्डे स!तिह क अपुरT मुb दोषलिसद्ध कर, अतिभायागणी क 08 तिदोवेस क@ अतिभारक्षा अवेलिT क@ स मु क सTरणी करवेस था 500/- रुपुया क अथा4दोण्डे स दोल्पिण्डे तिकया गया । 3 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} 2. A. No.-62 of 2018} 2. याह थ्या तिनातिवे4वेदो हg तिक वेडेAफनागर हस ल क समुना प्रथा1/आह सत्यामु गप्ता (अ.स.-5) गमुटी /ठील मुb फटीकmपु मुशा ना रखेकर दोकना स!चलिल कर हg । उसक ठी क समुना तिवेनादो पुण्डेया ठील मुb हटील क व्यावेसया कर हg । तिवेनादो पुण्डेया क@ पुत्ना अतिभाया उतिमु4ल पुण्डेया हo, लि0नाक दोमुदो अतिभाया र0E तिवेर था अतिभाया पुU श्री मु तिप्रया!क तिवेर हo । 3. अतिभाया0ना मुमुल, स!क्षापु मुb, इस प्रकर हg तिक घटीना तिदोना!क 23.01.2016 क प्रथा1 सत्यामु गप्ता अपुना दोकना मुb फटीकmपु कर रह था । उस समुया अतिभायागणी दोकना मुb घसकर उस खेqचकर दोकना स हर ल गए था अश्ल ल गल -गल?0 कर हNए 0ना स मुरना क@ Tमुक@ दो और हथा-मुक्क एवे! डेण्डे स मुरपु टी क@, लि0सस प्रथा1 सत्यामु गप्ता क लिसर एवे! अन्या अ!गG मुb चटीb आई! । उपुल्पिस्था लगG ना च-चवे तिकया । उस तिदोना आह सत्यामु गप्ता क@ लिललिखे रिरपुटी4 (प्रदोशा4 पु -13) क आTर पुर च?क@ वेडेAफनागर मुb शाEन्या पुर प्रथामु सEचना पुU (प्रदोशा4 पु -14) दो04 तिकया गया । आह सत्यामु गप्ता क तिचतिकत्स या पुर क्षाणी करया गया, मु?क नाक्शा gयार तिकया गया था अतिभाया श्री मु तिप्रया!क तिवेर क मुमुरण्डेमु कथाना क आTर पुर डेण्डे क@ 0ब् क@ गई । पुटीवेर स घटीनास्थाल क नाक्शा gयार करया गया, सतिक्षायाG क याना लिलए गए और स!पुEणी4 तिवेवेचना उपुर! अतिभायाग पुU प्रस् तिकया गया । 4. आरपु प्रमुणीना वेस् तिवेचरणी न्यायालया क समुक्षा अतिभाया0ना क@ ओर स अपुना पुक्षा समुथा4ना मुb 12 सतिक्षायाG क पुर क्षाणी था 21 दोस्वे0 प्रदोशा4 तिचन्ह!तिक करए गए । Tर-313 दोण्डे प्रतिक्रया स!तिह क ह याना मुb अतिभायागणी ना अपुना तिवेपुर सतिक्षायाG क कथानाG क इ!कर कर हNए स्वेया! क तिनादोvष हना या हg लि0न्हGना चवे मुb कई सक्ष्या 4 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} प्रस् नाहq तिकया गया । उभायापुक्षा क सना 0कर तिवेचरणी न्यायालया द्वार प्रश्नाT ना तिनाणी4या पुरिर तिकया गया हg लि0स इस अपु ल मुb चना? दो गई हg । 5. अपु लथा1/रज्या पुक्षा क तिवेद्वाना अलिTवे क क4 हg तिक तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता (अ.स.-1) ना आह सत्यामु गप्ता क ग!भा र उपुहति करिर हना प्रमुतिणी कर हNए याह अतिभामु तिदोया हg तिक उसक@ 0ना क भा ख़र था । इसक वे0Eदो, तिवेचरणी न्यायालया ना अतिभायागणी क हत्या क प्रयास (Tर 307 भा.दो!.स!.) क अपुरT मुb दोषलिसद्ध ना कर क वेल सTरणी उपुहति (Tर 323 भा.दो!.स!.) क अपुरT मुb दोषलिसद्ध तिकया, 0 तिक UतिटीपुEणी4 हg । इस प्रकर, प्रथा1 सत्यामु गप्ता क न्यायालया ना याना मुb गल -गल?0 तिकए 0ना एवे! दोकना मुb घसकर मुरपु टी करना क थ्या भा सक्ष्या मुb पुष्ट हg, तिक! तिवेचरणी न्यायालया ना उस पुर समुतिच तिवेवेचना ना कर हNए दोषमुति क तिनाष्कष4 तिनाकल, 0 ल्पिस्थार रखे 0ना याग्या नाहq हg । अX अपु ल स्वे कर कर, प्रश्नाT ना Tर 323 भा.दो!.स!. क ह क@ गई दोषलिसतिद्ध क Tर 307 भा.दो!.स!. (हत्या क प्रयास) क अपुरT मुb पुरिरवेति4 कर था अन्या अपुरTG मुb दो गई दोषमुति क अपुस् कर हNए अतिभायागणी क दोषलिसद्ध कर पुया4प्ता दोण्डेदोशा पुरिर तिकया 0ए । 6. उत्तीरवेदो /अतिभाया पुक्षा क तिवेद्वाना अलिTवे क क4 हg तिक आह सत्यामु गप्ता ना स्वेया! अपुना नाक और कना मुb चटी लगना क@ कई नाहq कह हg, तिफर भा तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता द्वार ढ़-चढ़कर नाक एवे! कना मुb चटी हना या गया । तिना एक्स-र एवे! स .टी . स्कg ना रिरपुटी4 क ह उसक@ चटी क ग!भा र प्रक: ति क कह गया हg । इसक अतिरिर, प्रथा1 सत्यामु गप्ता क तिपु लरमु गप्ता (अ.स.-6) ना याह स्वे कर तिकया हg तिक तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता उसक रिरश् मुb भाई हo । अX याह स्पुष्ट हg तिक तिचतिकत्सक शाशा!क 5 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} गप्ता ना आपुस रिरश्दोर तिनाभा हNए चटी क ग!भा र प्रक: ति क या हg । तिवेचरणी न्यायालया ना इसपुर स्पुष्ट तिवेवेचना कर हNए याह तिनाष्कष4 तिनाकल तिक आह क क वेल सTरणी प्रक: ति क@ चटीb थाq । ऐस पुरिरल्पिस्थाति मुb तिवेचरणी न्यायालया द्वार Tर 307 क स्थाना पुर Tर 323 भार या दोण्डे स!तिह मुb दोषलिसद्ध तिकया 0ना पुEणी4X उतिच हg, लि0समुb तिकस प्रकर क पुरिरवे4ना अपुतिक्षा नाहq हg । सथा ह , Tर 294, 506 (भाग-2) एवे! 452 भार या दोण्डे स!तिह क अपुरT ह पुया4प्ता सक्ष्या उपुलब्T ना हना क करणी अतिभायागणी क दोषमु तिकया गया हg, 0 न्यायातिच हg । इस प्रकर, प्रश्नाT ना तिनाणी4या मुb तिकस हस्क्षापु क@ आवेश्याक नाहq हg और अपु लथा1/रज्या पुक्षा क क4 स्वे कर याग्या नाहq हg । अX अपु ल तिनारस् क@ 0या । 7. उभायापुक्षा क क4 श्रीवेणी तिकया गया और अतिभालखे क सEक्ष्मुपुEवे4क पुरिरशा लना तिकया गया । 8. प्रस् सक्ष्या स याह ल्पिस्थाति स्पुष्ट हg तिक प्रथा1 सत्यामु गप्ता ना अपुना न्यायालया ना याना मुb 0ना स मुरना क@ Tमुक@ तिदोए 0ना क स!!T मुb कई कथाना नाहq तिकया हg । चE}तिक न्यायालया ना याना ह सरभाE सक्ष्या ह हg, लि0समुb 0ना स मुरना क@ Tमुक@ दोकर आपुरलिTक अतिभाUस करिर तिकए 0ना स!!T आरपु क समुथा4ना मुb कई ठीस सक्ष्या उपुलब्T नाहq हg । अX Tर 506 (भाग-2) भार या दोण्डे स!तिह मुb अतिभायागणी क@ दोषमुति उतिच पुई 0 हg, लि0समुb तिकस प्रकर क हस्क्षापु क@ आवेश्याक नाहq हg । 9. इस प्रकर, अश्ल ल गल -गल?0 क स!!T मुb प्रथा1 सत्यामु गप्ता ना अपुना न्यायालया ना याना मुb मुU इना कह हg तिक अतिभायागणी ना उस गल -गल?0 क@, तिक! तिकस अतिभाया ना क्या गल दो इसक स्पुष्ट तिवेवेरणी नाहq तिकया हg । सथा ह , याह भा स्पुष्ट नाहq तिकया गया हg तिक दो गई गल अश्ल ल था अथावे नाहq । इसक अतिरिर, यातिदो गल दो भा गई था 6 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} उसक सनाना स प्रथा1 पुर क्या प्रभावे पुड़ी, इस स!!T मुb भा कई कथाना नाहq तिकया गया हg । अX पुया4प्ता सक्ष्या क अभावे मुb Tर 294 भार या दोण्डे स!तिह क अपुरT क@ पुतिष्ट नाहq ह और इस आTर पुर क@ गई दोषमुति मुb तिकस प्रकर क हस्क्षापु क@ आवेश्याक नाहq पुई 0 । 10. 0ह} क Tर 452 भार या दोण्डे स!तिह क अ!ग4 मुरपु टी क@ gयार क सथा ग:ह-अतिचर क प्रश्ना हg? इस स!!T मुb प्रथा1 सत्यामु गप्ता ना अवेश्या कह हg तिक अतिभायागणी उसक@ फटीकmपु दोकना मुb घसकर उस खेqचकर हर ल गए और मुरपु टी तिकए । तिक! 0gस तिक तिवेचरणी न्यायालया ना पुया हg, पुलिलस क तिदोए गया कथाना मुb इस थ्या क उल्लेखे नाहq हg । उल्लेखेना या हg तिक लिललिखे रिरपुटी4 (प्रदोशा4 पु -13) क अनासर कलिथा फटीकmपु क@ दोकना ठील क रूपु मुb हg । तिवेवेचक उपुतिनार क्षाक टी .आर. क! वेर (अ.स.-11) द्वार gयार मु?क नाक्शा (प्रदोशा4 पु -15) था पुटीवेर द्वार gयार ना0र नाक्शा (प्रदोशा4 पु -16) मुb भा उ दोकना क गमुटी /ठील क रूपु मुb अ!तिक तिकया गया हg । उ ठील अथावे गमुटी तिकस स्वेरूपु क था, इसक स!!T मुb स्पुष्ट एवे! तिवेस्: सक्ष्या उपुलब्T नाहq हg । याह भा स्पुष्ट नाहq ह सक तिक उसमुb एक अथावे एक स अलिTक व्यातियाG क प्रवेशा स!भावे था या नाहq । ऐस ल्पिस्थाति मुb, पुया4प्ता सक्ष्या क अभावे मुb तिवेचरणी न्यायालया क याह तिनाष्कष4 0 ग:ह-अतिचर क हo, उस UतिटीपुEणी4 नाहq ठीहरया 0 सक । ऐस दोशा मुb, ग:ह-अतिचर क अपुरT क स!!T मुb पुरिर दोषमुति क तिनाणी4या भा हस्क्षापु याग्या नाहq पुया 0 । 11. 0ह} क आह सत्यामु गप्ता (अ.स.-5) क लग चटीG क@ प्रक: ति क प्रश्ना हg? इस स!दोभा4 मुb याह उल्लेखेना या हg तिक स्वेया! आह ना अपुना न्यायालया ना सक्ष्या मुb कह हg तिक 7 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} अतिभायागणी ना उसक सथा हथा-मुक्कG एवे! डेण्डे स मुरपु टी क@ था , लि0सस उस लिसर मुb चटी आई था । उसना याह कहq नाहq या तिक उसक नाक अथावे कना मुb चटी आई था । इसक अतिरिर, प्रथा1 सत्यामु गप्ता ना उस तिदोना मुU 30 तिमुनाटी क अ!रल मुb प्रदोशा4 पु -13 क रूपु मुb लिललिखे रिरपुटी4 प्रस् क@ था और प्रतिपुर क्षाणी मुb याह स्वे कर तिकया तिक वेह उच्च उपुचर ह तिकस अन्या अस्पुल मुb नाहq गया था । 12. तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता (अ०स०-1) ना घटीना तिदोना!क-23/01/2016 क ह प्रथा1 सत्यामु गप्ता क तिचतिकत्स या पुर क्षाणी कर प्रतिवेदोना प्रदोशा4 पु -1 तिदोया हg लि0सक अनासर प्रथा1 क तिनाम्नानासर चटीb पुया गई था X- चटी क्रमु!क -1 आह सत्यामु गप्ता क लिसर पुर पुरईटील ना पुर खेरच वे सE0ना था, सE0ना स खेEना तिनाकल रह था, लि0सक आकर 3 गतिणी 2 स.मु . था । उसक याb रफ क कना मुb खेEना तिनाकल रह था था उसक कना क@ 0ल क क छ तिहस्स फटी गया था । आह क नाक क दोतिहना तिहस्स स भा खेEना तिनाकल रह था । आह उल्टी कर रह था एवे! आह क चक्कर आ रह था । चटी क्रमु!क -2 दोतिहना रफ क क! T क ना च कन्ट्यूE0ना था लि0सक र!ग लल था एवे! उसक आकर 15 गतिणी 2 स.मु . था और उस स्थाना पुर सE0ना था । चटी क्रमु!क -3 दोतिहना रफ क क! T मुb क! ट्यूE0ना था 0 लल र!ग क था, लि0सक आकर 6 गतिणी 2 स.मु . था । चटी क्रमु!क -4 दोतिहना क! T क अग्रा भाग मुb क! ट्यूE0ना था वे सE0ना भा था लि0सक आकर 4 गतिणी 2 स.मु . था । आह हथा क उठीना मुb असमुथा4 था । 13. तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता (अ.स.-1) क अतिभामुनासर, लिसर मुb पुई गई चटी क्रमु!क-1 ग!भा र था और उसना चटी क्रमु!क 2, 3 एवे! 4 क लिलए एक्स-र पुर क्षाणी क@ सलह दो था । तिदोना!क 06.02.2016 क एक्स-र पुर क्षाणी प्रतिवेदोना क अवेलकना करना पुर याह पुया 8 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} गया तिक तिकस प्रकर क अल्पिस्थाभा!ग नाहq था । इस प्रकर स्पुष्ट हg तिक तिचतिकत्सक ना आह सत्यामु गप्ता क तिकस स टी -स्कg ना क@ सलह नाहq दो और 0 एक्स-र पुर क्षाणी करया गया उसमुb कई अल्पिस्थाभा!ग नाहq पुया गया । अX तिचतिकत्सक@या अतिभामु क छड़ी तिदोया 0ए Tर 320 भार या दोण्डे स!तिह मुb पुरिरभातिष ग!भा र उपुहति क कई आTर तिचतिकत्स या पुर क्षाणी प्रतिवेदोना मुb नाहq पुया गया हg । 14. तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता (अ.स.-1) ना तिदोना!क 13.02.2016 क पुलिलस द्वार क@ गई क्वेर पुर अतिभामु तिदोया तिक 0 आह सत्यामु गप्ता मुलतिह0 ह लया गया था, उसक@ ल्पिस्थाति ग!भा र था , रचपु कमु था, र-र उल्टी ह रह था , लिसर मुb चटी क तिनाशाना था, तिनाशाना क पुस सE0ना और दोदो4 था, उस र-र चक्कर आ रह था था उसक याb कना और नाक स खेEना ह रह था और सनाना मुb पुरशाना ह रह था । तिचतिकत्सक ना कह तिक यातिदो त्कल उपुचर नाहq तिकया 0 मु:त्या क@ स!भावेना था । उल्लेखेना या हg तिक याह अतिभामु घटीना स लगभाग 03 सप्ताह पुश्च दो गई और घटीना तिदोना!क क तिकए गए तिचतिकत्स या पुर क्षाणी प्रतिवेदोना मुb ऐस कई अतिभामु नाहq तिदोया गया था तिक चटीb आह क 0 वेना क लिलए घक थाq । 15. आह सत्यामु गप्ता (अ.स.-5) ना स्वे कर नाहq तिकया तिक तिचतिकत्सक उसक रिरश्दोर हo, तिक! आह क तिपु लरमु गप्ता (अ.स.-6) ना अपुना प्रतिपुर क्षाणी (क! तिडेक-18) मुb याह स्वे कर तिकया तिक तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता उनाक भाई हo । इस प्रकर, 03 सप्ताह पुश्च दो गई क्वेर रिरपुटी4 मुb आह क@ चटीG क 0 वेना क लिलए घक या 0ना तिचतिकत्सक द्वार ढ़-चढ़कर तिदोया गया प्रतिवेदोना प्र ह हg । तिचतिकत्सक ना याह भा स्वे कर तिकया तिक आह उपुचर ह अन्या अस्पुल नाहq गया था, वेह स्वेया! नाक या कना क 9 / 9 {Acq. A. No.-62 of 2018} तिवेशाषज्ञ नाहq हg और इस मुमुल मुb तिकस तिवेशाषज्ञ द्वार पुर क्षाणी भा नाहq करया गया । उसना स्वे कर तिकया तिक एक्स-र और स टी -स्कg ना रिरपुटी4 अथावे तिवेशाषज्ञ क तिकस प्रतिवेदोना क अभावे मुb भा घटीना तिदोना!क क ह उसना आह क@ चटीG क ग!भा र तिदोया था । 16. ऐस पुरिरल्पिस्थातियाG मुb, 0 स्वेया! आह सत्यामु गप्ता ना नाक या कना मुb चटी हना क@ नाहq ई, एक्स-र मुb कई अल्पिस्थाभा!ग नाहq पुया गया, तिचतिकत्सक शाशा!क गप्ता क अतिभामु, आह और उसक तिपु लरमु गप्ता क याना क दृतिष्टग रखे हNए, तिवेचरणी न्यायालया क याह तिनाष्कष4 तिक प्रथा1 क चटी क वेल सTरणी प्रक: ति क@ था , UतिटीपुEणी4 प्र नाहq ह । अX Tर 307 भार या दोण्डे स!तिह क 0या Tर 323 भार या दोण्डे स!तिह मुb क@ गई दोषलिसतिद्ध भा उतिच हg लि0समुb कई Uतिटी नाहq पुया 0 । 17. इस प्रकर, उपुर सक्ष्या तिवेवेचना क आTर पुर हमु पु हo तिक तिवेचरणी न्यायालया क प्रश्नाT ना तिनाणी4या मुb कई अवेgT या अशाद्घ नाहq हg । इसलिलए उसमुb तिकस हस्क्षापु क@ आवेश्याक नाहq हg । 18. अX याह अपु ल स्वे कर याग्या ना हना स खेरिर0 क@ 0 हg । 19. तिनाणी4या क@ प्रतिलिलतिपु क सथा तिवेचरणी न्यायालया क अतिभालखे शा घ्रपुEवे4क वेपुस प्रतिष ह । सह /- (स!0या अग्रावेल) न्यायाT शा सह /- (स!0या क मुर 0यासवेल) न्यायाT शा पुमुना