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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 51067 (CHH)
XYZ v. STATE OF CHHATTISGARH
ACQA/287/2024 · 2025-10-07
Shri Sanjay Agrawal, Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 51067 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024}
2025:CGHC:50036-DB अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल क्रमु!क
-287
/2024
X Y Z -----अपु लर्थी+/अति,याक्त्री तिवेरूद्घ
1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुलिलस र्थीना-स5, लि6ल-स5, छत्ती सगढ़,
2. रूण सहू9 तिपु-छरमु सहू9, उम्र-लग,ग 21 वेष<, तिनावेस -टेमुर, पुलिलस र्थीना- स5, लि6ल-स5, छत्ती सगढ़ (अति,या) । -----उत्तीरवेदो गण अपु लर्थी+/अति,याक्त्री द्वार : श्री कC ष्ण क मुर दोवे!गना, अलिEवे । रज्या/उत्तीरवेदो क्रमु!क-1 द्वार : श्री आर०एना० पुस्टे , शासक5या अलिEवे । अति,या/उत्तीरवेदो क्रमु!क-2 द्वार : सKचना नाहूL । यागल पु ठःN मुनाना या न्यायामुKति< श्री स!6या अग्रवेल
, न्यायाE शा
मुनाना या न्यायामुKति< श्री स!6या क मुर 6यासवेल
, न्यायाE शा
!! तिनाण<या पु ठः पुर पुरिर !! द्वार
स!6या क मुर 6यासवेल
, न्यायाE शा
POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.10.08 18:23:08 +0530
2 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024} 08/10/2025
1. प्रर!ति,क स्र पुर सना गया ।
2. दोण्ड प्रतिक्रया स!तिहू, 1973 क5 Eर-372 क हू दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् इस अपु ल मुX तिवेचरण न्यायालया-तिवेशाष न्यायाE शा (एफ०टे ०स ०), स5, लि6ल-6!6ग र चम्पु, छत्ती सगढ़ द्वार तिवेशाष आपुरलिEक प्रकरण क्रमु!क-16/2023 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ रूण सहू9” मुX पुरिर तिनाण<या तिदोना!क-12/02/2024 क5 वे^E क चना_ दो
गई हू^ । लि6सक हू अति,या6ना क मुमुल प्रमुतिण ना पु हूaए अति,या क स!दोहू क ल, दो हूaए Eर-376, 450 ,र या दोण्ड स!तिहू, 1860, Eर-4 लbतिगक अपुरEc स लकc क स!रक्षण अलिEतिनायामु, 2012 (लि6स आग स!क्षपु मुX “अलिEतिनायामु, 2012” कहू गया हू^) एवे! Eर-3(2)( ) v अनासKतिच 6ति एवे! अनासKतिच 6ना6ति (अत्याचर तिनावेरण) अलिEतिनायामु, 1989 (लि6स आग स!क्षपु मुX "अलिEतिनायामु, 1989" कहू गया हू^) क अपुरE स दोषमु तिकया गया हू^ ।
3. अति,या6ना मुमुल, स!क्षपु मुX, इस प्रकर हू^ तिक तिदोना!क 23-24/11/2022 क5 दोरम्याना
रतित्री क पु तिg (अ.स.-2) अपुना ,ई (अ.स.-5) क सर्थी घर पुर र्थी र्थी उसक मु-तिपु घर स हूर गए हूaए र्थी । लग,ग रतित्री 12:20 6 अति,या रूण सहू9 घर क पु छ वेल दोरवेज़े स अ!दोर प्रवेशा कर कमुर क दोरवेज़े अ!दोर स !दो कर पु तिg क सर्थी 6रना लत्कर कर रहू र्थी । पु तिg क तिचल्लाना पुर उसक ,ई (अ.स.-5) वेहूl आया और कमुर क दोरवेज़े हूर स !दो कर अपुना मुमु एवे!
मुl क फ़ोना स सKतिच तिकया र्थी पुgस चच (अ.स.-4) क लया । दोनाc क आना पुर चच (अ.स.-4) ना दोरवेज़े खोल, अति,या रूण सहू9 कमुर स हूर तिनाकलकर अपुना घर ,ग गया ।
3 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024} मु-तिपु क वेपुस आना पुर तिदोना!क 24/11/2022 क पु तिg द्वार लिललिखो रिरपुटे< प्रस् क5 गई, लि6स पुर प्रर्थीमु सKचना पुत्री (प्रदोशा< पु -3) दो6< तिकया गया । त्पुश्चq पु तिg क तिचतिकत्स या पुर क्षण करया गया, उसक 6न्मु स!!E दोस्वेज़ेc क5 6ब् क5 गई, अति,या क , तिचतिकत्स या पुर क्षण करया गया, घटेना स्र्थील क मु_क-नाक्शा ^यार तिकया गया, सतिक्षयाc क कर्थीना दो6< तिकए गए और स!पुKण< तिवेवेचना उपुर! अति,यागपुत्री पुशा तिकया गया ।
4. अति,या6ना क5 ओर स अपुना पुक्ष समुर्थी<ना मुX 26 सतिक्षयाc क पुर क्षण र्थी 39 दोस्वे6 प्रदोशा< तिचन्हू!तिक करया 6ना पुर उ,यापुक्ष क5 सक्ष्या एवे! कu! पुर तिवेचर करना क उपुर! न्यायालया द्वार अति,या क5 दोषमुति क मुKल आEर याहू मुना गया तिक अति,या6ना इस थ्या क प्रमुतिण करना मुX असफल रहू तिक घटेना क5 तिलिर्थी पुर पु तिg (अ.स.-2) क5 आया 18 वेष< स कमु र्थी । सर्थी हू याहू , पुया गया तिक पु तिg सहूमु पुक्ष र्थी । इन्हूL आEरc पुर अति,या रूण सहू9 क दोषमु तिकया गया, लि6सक5 वे^E क वे<मुना अपु ल मुX चना_ दो गई हू^ ।
5. अति,लखो क पुरिरशा लना स याहू थ्या तिनातिवे<वेदो रूपु स स्पुष्ट हू हू^ तिक पुKवे< मुX इस पु तिg (अ.स.-2) क5 रिरपुटे< पुर अति,या रूण सहू9 क तिवेरुद्ध इस प्रकC ति क एक अन्या तिवेशाष आपुरलिEक प्रकरण क्रमु!क 06/2021 पु!6 द्ध हूaआ र्थी । उ प्रकरण मुX पु तिg र्थी उसक मु-तिपु क याना दो6< हूना क पुश्च न्यायालया द्वार अति,या रूण सहू9 क दोषमु तिकया गया र्थी । उस दोषमुति क उपुर! हू वे<मुना प्रकरण क5 रिरपुटे< पु!6 द्ध क5 गई । सर्थी हू , पु तिg एवे! उसक पुरिर6नाc द्वार याहू स्वे कर तिकया गया हू^ तिक लत्कर स!!E उपुया< दोनाc प्रकरणc मुX उन्हूX शासना क5 ओर स तिकस प्रकर क मुआवे6 प्रप्त नाहूL हूaआ हू^ ।
4 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024}
6.
इस प्रश्नाE ना मुमुल मुX पु तिg क5 आया स!!E सक्ष्या क रूपु मुX तिवेद्यलया क दोलिखोल- खोरिर6 पु!6 (प्रदोशा< पु -19/स ) प्रस् तिकया गया हू^, लि6सक अनासर पु तिg क5 6न्मुतिलिर्थी 07/07/2005 दो6< हू^ । उ प्रतिवेतिष्ट स!!E थ्या शासक5या कन्या प्रर्थीतिमुक शाल, टेमुर, स5 क5 सहूयाक तिशातिक्षक श्री मु श्रीद्ध दो (अ.स.-8) ना अपुना सक्ष्या मुX ए हूb । तिक! उसना याहू स्वे कर तिकया हू^ तिक 6न्मुतिलिर्थी क इस इ!द्रा6 क आEर क्या हू^, इसक5 उस 6नाकर नाहूL हू^ र्थी दोलिखोल-खोरिर6 पु!6 क5 प्रतिवेतिष्ट उसक हूस्लखो क5 , नाहूL हू^ । सर्थी हू , उस पु!6 मुX 6न्मुतिलिर्थी स स!!लिE कई अन्या दोस्वे6 स!लग्न नाहूL हू^ । अN उ प्रतिवेतिष्ट क आया प्रमुतिण करना हू तिनाश्चयात्मुक दोस्वेज़े सक्ष्या नाहूL मुना 6 सक ।
7. याद्यतिपु पु तिg ना स्वेया! अपुना 6न्मुतिलिर्थी 07/07/2005 ई हू^, तिक! अति,या क तिवेरुद्ध दो6< पुKवे< प्रकरण मुX (6 तिदोस!र 2019 क हू^) 6 पु तिg एवे! उसक मु-तिपु क न्यायालया ना कर्थीना (प्रदोशा< ड -1 स प्रदोशा< ड -6) स उनाक समुना करया गया, याहू थ्या समुना आया तिक उन्हूcना स्वेया! उस समुया पु तिg क5 आया 18 वेष< ई र्थी । उल्लाखोना या हू^ तिक तिकस , स!ना क5 वेस्तिवेक 6न्मुतिलिर्थी क ज्ञाना स्वे,तिवेक रूपु स उसक मु-तिपु क हू हू^ और उस आEर पुर स!ना क 6नाकर हू हू^ । इस प्रकरण मुX पु तिg क तिपु (अ.स.-3) और मु (अ.स.-1) ना अपुना न्यायालया ना कर्थीना मुX याहू कहू हू^ तिक पु तिg क 6न्मु क समुया अस्पुल क5 नास< द्वार एक कगज़े पुर लिलखो गई 6न्मुतिलिर्थी क आEर पुर उन्हूcना 07/07/2005 क5 6न्मुतिलिर्थी ई हू^, तिक! उ कगज़े न्यायालया मुX प्रस् नाहूL तिकया गया । सर्थी हू , दोनाc ना स्वे कर तिकया हू^ तिक उन्हूcना पु तिg क कई 6न्मु प्रमुणपुत्री , ^यार नाहूL करया हू^ । ऐस दोशा मुX, तिवेचरण न्यायालया ना याहू प्रमुतिण नाहूL पुया तिक घटेना तिदोना!क पुर पु तिg क5 आया 18
5 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024} वेष< स कमु रहू । उपुलब्E सक्ष्या क मुKल्या!कना एवे!
तिनाष्कष< तिनाकलना मुX तिवेचरण न्यायालया द्वार तिकस प्रकर क5 त्रीतिटे पुरिरलतिक्ष नाहूL हू ।
8. 6हूl क पु तिg (अ.स.-2) क सहूमु पुक्ष हूना क प्रश्ना हू^? इस स!!E मुX मुKल सक्ष
स्वेया! पु तिg क अतिरिर घटेना क समुया घर मुX मु_6Kदो उसक ,ई (अ.स.-5) हू^ । उनाक5 सक्ष्या स याहू थ्या समुना आ हू^ तिक समुन्याN घर क हूर दोरवेज़े !दो कर वे सया कर र्थी । घटेना क5 र पु तिg क ,ई 6 र्थीरूमु 6ना क उठः र्थी, ,
उसना पु तिg क कमुर स अति,या क5 आवेज़े सना । र_शानादोना स दोखोना पुर उसना पुया तिक अति,या एवे! पु तिg तिना वेस्त्र क शार रिरक स!!E ना रहू र्थी । उस अवेस्र्थी मुX पु तिg द्वार तिकस प्रकर क प्रतिरE तिकया गया हू, ऐस अति,या6ना क प्रस् सक्ष्या स पुरिरलतिक्ष नाहूL हू । इसक पुश्च ,ई (अ.स.-5) ना पुgस मुX तिनावेसर चच (अ.स.-4) क सKतिच तिकया । चच द्वार उसक सर्थी आकर दोरवेज़े खोल 6ना पुर अति,या मु_क स ,ग गया । इस समुस् पुरिरस्थिस्र्थीति स याहू स्पुष्ट हू हू^ तिक पु तिg एक सहूमु पुक्ष रहू हू^ और इस आEर पुर तिवेचरण न्यायालया ना अति,या क दोषमु करना क तिनाण<या पुरिर तिकया ।
9. इस प्रकर, उपुर सक्ष्या तिवेवेचना क फलस्वेरूपु हूमु पु हूb तिक अति,लखो मुX उपुलब्E थ्या और सक्ष्या क दृतिष्टग रखो हूaए तिवेचरण न्यायालया द्वार 6 दोषमुति क तिनाण<या पुरिर तिकया गया हू^ उसमुX कई अवे^E या अशाद्घ नाहूL हू^ । इसलिलए उसमुX तिकस
हूस्क्षपु क5 आवेश्याक नाहूL पुया 6 ।
10. अN दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् याहू अपु ल स्वे कर याग्या ना हूना स प्रर!ति,क स्र पुर हू
खोरिर6 क5 6 हू^ ।
6 / 6 {Acq. A. No.-287 of 2024}
11. तिनाण<या क5 प्रतिलिलतिपु क सर्थी तिवेचरण न्यायालया क अति,लखो शा घ्रपुKवे<क वेपुस प्रतिष हू । सहू /- (स!6या अग्रवेल) न्यायाE शा सहू /- (स!6या क मुर 6यासवेल) न्यायाE शा पुमुना