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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 51066 (ALL)
RIYA KATIYAR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/3824/2025 · 2025-05-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 51066 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:87199 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3824 of 2025 Applicant :- Riya Katiyar Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Shakti Shanker Tiwari,Subhash Chandra Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा ररियमा कगटियमारि ककी ओरि सवे ममु०अ०ससं० 245 सनन् 2024, अन्रररर धमारिमा 85/ 80(2) बब.एन.एस. एवसं 3/4 दहवेज प्रगरषवेध अधधगनयम, रमानमा भभोरनबपमुरि, धजलमा कमानपमुरि दवेहमार मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर करिरवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायरि गकयमा रयमा हहै गक गररिफ्रमारिब ककी णसरगर मम आववेगदकमा कभो जममानर परि ररिहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपरि शमासककीय अधधवकमा कभो समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररिशबलन गकयमा।
3. आववेगदकमा कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसवे उपरिभोक धमारिमाओसं मम दवेषवश रसंर व परिवेशमान करिनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरिभोक वगररर ममामलवे मम गररिफ्रमारि गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कभोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भब करन हहै गक आववेदक कमा कभोई आपरिमाधधक इगरहमास नहहीं रिहमा हहै औरि आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभब रक कभोई भब बमाध्यकमारिब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारिर औरि जमॉच कवे ददौरिमान सहयभोर करिनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारिमा अपवेगक्षिर समय परि उपणसरर रिहवेरब एवसं आववेगदकमा ककी ओरि सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयभोर करिनवे कवे धलए रहैयमारि हहै औरि जब भब आवश्यकरमा हभोरब वह ईममानदमारिब सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कभो उपलब्ध करिमाएरमा औरि उन सभब शरर्दोसं कभो सवबकमारि करिनवे कवे धलए भब रहैयमारि हहै जभो न्यमायमालय उस परि अधधरिभोगपर करिवेरब।
4. गवदमान अपरि शमासककीय अधधवकमा दमारिमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरिभोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारिमा कमाररिर अपरिमाध रसंभबरि प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररिणसरगरययों कभो दृगष्टिरर रिखरवे हहयवे अगभयमुकमा कभो अगग्रिम जममानर परि ररिहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमारि नहहीं हहै। अरनः अगभयमुकमा कभो अगग्रिम जममानर परि न छभोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारिमा यह अवधमाररिर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा परि न्यमाय -गनररयन करिरवे समय न्यमायमालय कभो आरिभोपयों ककी प्रकक गर औरि रसंभबरिरमा, आरिभोपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा परि गवचमारि करिनमा चमागहए औरि यह गक न्यमायमालय कभो आरिभोपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मनूल्यमासंकन करिनमा चमागहए औरि आरिभोपब ककी वमासरगवक भनूगमकमा परि भब गवचमारि करिनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधब गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरयों कभो ध्यमान मम रिखरवे हहए औरि पक्षिकमारियों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरिभोपयों ककी प्रकक गर , आववेगदकमा ककी भनूगमकमा औरि ममामलवे कवे सभब रथ्ययों एवसं पररिणसरगरययों कभो ध्यमान मम रिखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर- दभोष परि गबनमा कभोई गवचमारि व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवबकमारि गकए जमानवे यभोग्य हहै। रद्नमुसमारि अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवबकमारि गकयमा जमारमा हहै।
7.
उपरिभोक ममुकदममा अपरिमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररिफ्रमारिब ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भमारिसमाधक अधधकमारिब ककी ससंरमुगष्टि परि रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसब धनरिमागश कवे दभो प्रगरभनू प्रसरमुर करिनवे परि , (दणण्डि प्रगक्रियमा ससंगहरमा ककी धमारिमा 173 (2) कवे रहर पमुधलस आरिभोप पत दमाधखल गकए जमानवे रक ) गनमन शरर्दो कवे अधबन अगग्रिम जममानर परि ररिहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हभोरमा रभो पमुधलस अधधकमारिब दमारिमा जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय परि उपणसरर रिहवेरब। 2- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररिगचर गकसब व्यगक यमा पमुधलस अधधकमाररिययों कभो प्रत्यक्षि यमा परिभोक्षि रूप सवे कभोई धमककी , वमादमा यमा प्रलभोभन नहहीं दवेरमा धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कभो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसब पमुधलस अधधकमारिब कवे समक्षि प्रकटि न करिनवे परि ममान जमाए। 3- आववेगदकमा गवववेचनमा एवसं गवचमारिर कवे ददौरिमान सहयभोर करिमरवे औरि जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयभोर नहहीं करिवेरब। उपरिभोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाधधकमारिब /अगभयभोजन पक्षि कभो, आववेगदकमा कभो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरिसरबकरिर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करिनवे ककी सवरसंतरमा हभोरमा। Order Date :- 22.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad