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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 50660 (ALL)
KISHOR BAGHEL v. STATE OF U.P.
BAIL/14620/2025 · 2025-08-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 50660 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:145162
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 14620 of 2025 Applicant :- Kishor Baghel Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Aryan Srivastava,Pandey Balkrishna,Prakash Chandra Srivastava Counsel for Opposite Party :- Aman Kumar Rai,Ashok Kumar Rai,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ककशशोर बघवेल ककी ओर सवे ममु०अ०स० 124/2025, अन्रररर धमारमा 191(2), 109(1), 352, 115(2), 191(3), 317 (3), 118(1), 117(2), 310(2), 351(3) बब.एन.एस, रमानमा जरदबशपमुर, जजलमा आररमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा आयरन शबवमास्रव, पररवमादब कवे कवदमान अजधवक्तमा एवव कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कशो समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कशो इस प्रकरर मम रलर एवव फजर्जी ढवर सवे झझूठमा फव समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। बयमान मजरूब/ चश्मदबद रवमाह यशोरवेश अग्रवमाल पमुत शब रज्जन लमाल अग्रवमाल नवे करन ककयमा कक कदनमावक 07/03/25 कशो समय करबव 12.30 बजवे दशोपहर महै अपनवे पमाररनर अजय जसवघल व कनकरन रमाजपझूर कवे समार अपनवे प्लमार दवेखनवे कनकर शमावकर नरर बबधमा नरर, बहैनमारमा फवे क्रटब कवे पबछवे हम रबनशो लशोर वहमाव पर बडवे आपस मवे बमारचबर कर रहवे रवे रभब वहमा पर ककशशोर वघवेल व उसकमा ववेरमा रशोकहर बघवेल व भरबजमा प्ररव बघवेल व उनकवे समारब दबपक चचौधरब समबर रमुपमा, आकदत्य ठमाकमु र, सवदबप ठमाकमु र, ररमा इनकवे समार 5/6 अन्य अजमार व्यकक्त जजनकवे नमाम परवे ममुझवे नहहीं परमा इन सभब लशोरशो नवे एक रमाय हशोकर जजनकवे हमारशो मम लशोहवे कवे सरबयमा , ण्डिवण्डिवे व फसर रवे अचमानक हब ममा बहन ककी रन्दब रन्दब रमाजलयमाव दवेरवे हहयवे मवेरवे समारब अजय जसवघल ककी हत्यमा करनवे कवे उदवेश्य सवे रशोकहर बघवेल नवे फरसमा व अन्य लशोरशो नवे लमाठब ण्डिण्डिवे व सररययों सवे प्रहमार कर कदयमा महैनवे ररमा मवेरवे समारब कनकरन रमाजपझूर नवे अजय जसवघल कशो बचमानवे कमा प्रयमास ककयमा रशो इन सब लशोरशो नवे हमवे भब लमाठब ण्डिवण्डिशो व लशोहवे ककी सररयशो सवे जमान सवे ममारनवे ककी कनयर सवे वहहर ममारमा इसकवे बमाद ककशशोर वघवेल व उनकवे वमाककी समाजरययों नवे अजय जसघल ककी जवेब मम रखवे रूपयवे व जवेब मम रखवे सशोनवे कवे आभझूषर लझूर जलयवे हममारब चबख पमुकमार समुनरवे हहए यवे सभब लशोर हम जमान सवे ममारनवे ककी धमककी दवेरवे हहयवे अपनवे हजरयमार लहरमारवे हहयवे वहमाव सवे चलवे रयवे।
4.
उक्त बयमान अवलशोकन सवे दकशरर हहै कक ररमाकजरर घरनमा कशो कमाररर करनवे ककी ममुख्य
भझूकमकमा रशोकहर बघवेल ककी हहै, बमाककी सभब अकभयमुक्तयों ककी भझूकमकमा समाममान्य हहै जजसककी पमुकष कचककत्सबय ररपशोरर सवे भब हशोरब हहै। पमुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानझून ककी प्रकक्रियमा मम सहयशोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हशोरब वह ईममानदमारब सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कशो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरयों कशो स्वबकमार करनवे कवे जलए भब रहैयमार हहै जशो न्यमायमालय उस पर अजधरशोकपर करवेरब। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 08.03.2025 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कशो जममानर पर छशोड कदयमा जमाय।
5. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरशोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवजवेय एवव रवम्भबर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कशो जममानर पर न छशोडमा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोव कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवव पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलशोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरयों ककी प्रकक कर और ककसब भब ठशोस कवरशोधमात्मक समामग्रब ककी अनमुपणस्रकर एवव उपलब्ध समामग्रब सवे छवेडछमाड ककी सवभमावनमा न हशोनवे कवे रथ्य कशो दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कशो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरनः वमाद कवे रमुर दशोष पर कबनमा कशोई करप्परब ककए हहए आववेदक कशो उपरशोक्त वकररर अपरमाध मम सवबवजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष पर व्यकक्तरर बवध-पत एवव उसब धनरमाकश कवे दशो प्रकरभझू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोव कवे समार जममानर पर छशोड कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परबक्षर कवे दचौरमान अकभयशोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयशोजन समाकक्षययों व पबकडरमा/ कशकमायरकरमार कशो ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरब , वह परबक्षर कवे दचौरमान कबनमा कशोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हशोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयशोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हशोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवतरमा कमा दमुरूपयशोर नहब करवेरमा और ककसब भब अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप नहहीं हशोरमा न कशोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5.
आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसब भब व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कशो कशोई प्रलशोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे कशोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कशो उजमारर
करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरशोक्त शरर्दोव मम सवे ककसब कवे उलवघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद करनवे कशो स्वरवत हहै। Order Date :- 22.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad