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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 50122 (ALL)

KALYAN SINGH v. State of UP

BAIL/16049/2024 · 2025-08-05

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:133377 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 16049 of 2024 Applicant :- Kalyan Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Vishvendra Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री ववश्ववद्र धससिंह ककी तरफ सवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री अरववसिंद कक मद्वार शश्रीवद्वास्तव एवसिं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सकनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशश्रीलन वकयद्वा। 2. यह आववेदक कद्वा वदतश्रीय जमद्वानत पद्वाथरनद्वापत हह, आववेदक कद्वा पथम जमद्वानत पद्वाथरनद्वापत ससिं० 12838/2023, आदवेश वदनद्वासिंवकत 19.09.2023 कको वनरस्त वकयद्वा जद्वा चककद्वा हह। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक पककीरर जमद्वानत पद्वाथरनद्वा पत आववेदक कल्यद्वार धससिंह ककी ओर सवे मक०अ०ससिं० 191/2022, असिंतररत धिद्वारद्वा 498-ए, 304-बश्री. भद्वा.दसिं.ससिं. एवसिं धिद्वारद्वा 3/4 ण्डिश्री.पश्री. एक्ट, थद्वानद्वा लकोहद्वा मणण्डिश्री, धजलद्वा आररद्वा मव जमद्वानत पर मकक करनवे हवेतक पस्तकत वकयद्वा रयद्वा हह। 4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर पस्तकत वकयद्वा वक आववेदक कको इस पकरर मव रलत एवसिं फजर्जी ढसिंर सवे झझूठद्वा फसिं सद्वायद्वा रयद्वा हह , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हह। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भश्री कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा रयद्वा हह, जहसद्वावक पद्वाथवमककी मव दवशरत वकयद्वा रयद्वा हह। आववेदक मकतकद्वा कद्वा पवत हह तथद्वा उसकवे दद्वारद्वा मकतकद्वा कको कभश्री भश्री दहवेज हवेतक शद्वारश्रीररक अथवद्वा मद्वानधसक रूप सवे पतद्वावड़ित नहहीं वकयद्वा रयद्वा थद्वा। वतरमद्वान वद्वाद मव सत परश्रीक्षर पद्वारम्भ हको चककद्वा हह। सत परश्रीक्षर कवे ददौरद्वान असिंवकत अपनवे बयद्वान वदनद्वासिंवकत 16.11.2024 मव कथन वकयद्वा हह वक "यह कहनद्वा रलत हह वक मवेरवे मद्वामाँ बद्वाप कवे मर जद्वानवे कवे बद्वाद जब बवहन ककी शद्वादश्री हको रई थश्री तको वह मवेरवे घर पर आतश्री हको और मम उसकवे खद्वान पद्वान ककी व्यवस्थद्वा न कर पद्वातद्वा हहमाँ। इसधलए उसकवे आत्म हत्यद्वा कर लश्री हको। यह कहनद्वा भश्री रलत हह वक उसवे ककोई भश्री छकोड़िनवे मवेरवे घर पर न आयद्वा हको वह स्वम हश्री रक्षद्वाबन्धिन पर आयश्री हको और उसनवे स्वम आत्म हत्यद्वा ककी हको। यह कहनद्वा रलत हह वक उससवे कभश्री अवतररक दहवेज ककी मद्वासिंर न ककी हको। " उक अवभकथन सवे भश्री यह स्पष्ट हह वक सझूचनद्वाकतद्वार दद्वारद्वा अवभयकोजन कथद्वानक कद्वा समथरन नहहीं वकयद्वा रयद्वा हह, धजससवे आववेदक पर आरकोवपत अपरद्वाधि बनतद्वा पतश्रीत नहहीं हकोतद्वा हह। आववेदक कद्वा ककोई पझूवर आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हह। पकननः उनकद्वा यह भश्री कथन हह वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हह वक वह कद्वानझून ककी पवक्रियद्वा मव सहयकोर करनवे कवे धलए तहयद्वार हह और जब भश्री आवश्यकतद्वा हकोरश्री वह ईमद्वानदद्वारश्री सवे अदद्वालत कवे समक्ष खकद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभश्री शतरसिं कको स्वश्रीकद्वार करनवे कवे धलए भश्री तहयद्वार हह जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेरश्री। आववेदक वनदरष हह तथद्वा वह इस पकरर मव वद० 10.10.2022 सवे कद्वारद्वारद्वार मव वनरुद्ध हह। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ि वदयद्वा जद्वाय। 5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा पबल ववरकोधि करतवे हहए तकर पस्तकत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि ससिंसिंजवेय एवसिं रसिंभश्रीर पकक वत कद्वा हह, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़िद्वा जद्वाय। 6. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरसिं कवे पररपवेक्ष्य मव पतद्वावलश्री पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एवसिं पररणस्थवतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबझूतयों ककी पकक वत और वकसश्री भश्री ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रश्री ककी अनकपणस्थवत एवसिं उपलब्धि सद्वामग्रश्री सवे छवेड़िछद्वाड़ि ककी ससिंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरश्री रद्वाय मव आववेदक कको जमद्वानत पर मकक करनवे कद्वा उपयकक आधिद्वार हह। 7. अतनः वद्वाद कवे रकर-दकोष पर वबनद्वा ककोई वटप्परश्री वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मव ससिंबसिंधधित न्यद्वायद्वालय ककी ससिंतकवष्ट पर व्यवकरत बसिंधि -पत एवसिं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भश्री दको पवतभझू पस्तकत करनवे पर वनम्नधलधखत शतरसिं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ि वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परश्रीक्षर कवे ददौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेड़िछद्वाड़ि नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षययों व पश्रीवड़ितद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परश्रीक्षर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मव उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परश्रीक्षर मव ईमद्वानदद्वारश्री सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतसिंततद्वा कद्वा दकरूपयकोर नहश्री करवेरद्वा और वकसश्री भश्री अपरद्वाधधिक रवतववधधि मव धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक पत्यक्ष यद्वा अपत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसश्री भश्री व्यवक यद्वा पकधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई पलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हश्री उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हव न्यद्वायद्वालय मव तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़। 8. उपरकोक शतरसिं मव सवे वकसश्री कवे उलसिंघन कवे मद्वामलवे मव , परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानकसद्वार रद्द करनवे कको स्वतसिंत हह। Order Date :- 6.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad