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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 49989 (ALL)

SURYA PRAKASH PATHAK v. STATE OF U.P.

ABAIL/10588/2023 · 2025-07-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:107484 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 10588 of 2023 Applicant :- Surya Prakash Pathak Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Vinod Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदक ससूरर प्रकमाश ककी ओर सवे मपु०अ०स० 2440/2007 अन्तररत धमारमा 419/ 420/ 467/ 468/ 471 भमा०ददं०कव०, रमानमा ककोतवमालची, जजलमा बरवेलची मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककरमा ररमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा ककी तरफ सवे कवदमान अजधवक्तमा एवदं कवदमान अपर शमासककीर अजधवक्तमा कको सपुनमा तरमा पत्रमावलची कमा पररशचीलन ककरमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककरमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओदं मम दवेषवश तदंर व परवेशमान करनवे ककी कनरत सवे आजलप्त ककरमा ररमा हहै , उसवे आशदंकमा हहै कक उसवे उपरकोक्त वकररत ममामलवे मम कररफ्तमार ककरमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध ककोई कवश्वसनचीर समाक्ष्र नहहीं हहै। उनकमा रह भची करन हहै कक आववेदक कवे कवरुद्ध अभची तक ककोई भची बमाध्रकमारची प्रकक्रिरमा नहहीं अपनमाई ररची हहै एवदं आववेदक ककी ओर सवे रह भची आश्वमासन कदरमा ररमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रिरमा मम सहरकोर करनवे कवे जलए तहैरमार हहै और जब भची आवश्रकतमा हकोरची वह ईममानदमारची सवे न्रमारमालर कवे समक्षि खपुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभची शततों कको स्वचीकमार करनवे कवे जलए भची तहैरमार हहै जको न्रमारमालर उस पर अजधरकोकपत करवेरची। 4. कवदमान अपर शमासककीर अजधवक्तमा दमारमा रह तकर प्रस्तपुत ककरमा ररमा कक आदवेश कदनमादंक 27.09.2023 कवे प्रस्तर सदं० 8 कवे उपखणण्डि ( ) ,( ), ( ) i ii iii मम अन्तररम अकग्रिम जममानत उक्त शतर्दोदं कवे समार प्रदमान ककी ररची रची, जजनकमा आववेदक दमारमा अनपुपमालन नहहीं ककरमा जमा रहमा हहै। । सम्बणन्धत कवचमारर न्रमारमालर ककी आख्रमा कवे अनपुसमार आववेदक सम्बणन्धत कवचमारर न्रमारमालर मम उपणस्रत नहहीं हको रहमा हहै। पपुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक दमारमा न्रमारमालर दमारमा अजधरकोकपत शतर्दो कमा अनपुपमालन नहहीं ककरमा जमा रहमा ,,अकभरपुक्त दमारमा कमाररत अपरमाध रदंभचीर प्रकक कत कमा हहै तरमा आववेदक कवे कवरुद्ध परमारप्त समाक्ष्र कवे आधमार पर पपुजलस दमारमा आववेदक कवे कवरुद्ध सदंबदंजधत कवचमारर न्रमारमालर मम आरकोपपत्र प्रवेकषत ककरमा ररमा हहै। आववेदक दमारमा सत्र परचीक्षिर कवे कनस्तमारर मम सहरकोर प्रदमान नहहीं ककरमा जमा रहमा हहै , जजसकवे कमारर सत्र परचीक्षिर कवे कनस्तमारर मम अनमावश्रक कवलदंब हको रहमा हहै , इसजलए आववेदक कको अकग्रिम जममानत पर मपुक्त ककरवे जमानवे कमा ककोई औकचत्र प्रतचीत नहहीं हकोतमा हहै। अतनः अकभरपुक्त कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र कनरस्त ककरमा जमार। 5. रह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननचीर उच्चतम न्रमारमालर नवे ममानमा हहै कक अकग्रिम जममानत पर कनररर करतवे समर न्रमारमालर कको आरकोप ककी प्रकक कत और रदंभचीरतमा , अकभरपुक्त कमा पसूवरवकत, अकभरपुक्त कवे न्रमार सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए तरमा न्रमारमालर कको अकभरपुक्त कवे कवरुद्ध उपलब्ध सदंपसूरर समामग्रिची कमा समावधमानचीपसूवरक मसूल्रमादंकन करनमा चमाकहए तरमा अकभरपुक्त ककी सटचीक भसूकमकमा कको भची ध्रमान मम रखनमा चमाकहए। 6. वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत सदंबदंधची कवजध कवे स्रमाकपत जसद्धमादंततों कको ध्रमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारतों कवे कवदमान अजधवक्तमाओदं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकक कत , आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्रतों एवदं पररणस्रकतरतों कको ध्रमान मम रखतवे हहए चसूदंकक सदंबदंजधत कवचमारर न्रमारमालर मम आववेदक कवे कवरुद्ध समाक्ष्र पमारवे जमानवे कवे उपरमान्त आरकोप पत्र प्रवेकषत ककरमा जमा चपुकमा हहै , अतनः ममामलवे कवे रपुर -दकोष पर कबनमा ककोई कवचमार व्रक्त ककए रह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककए जमानवे रकोग्र नहहीं हहै, तदपुसमार आववेदक कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र अस्वचीकमार ककरमा जमातमा हहै। 7. उपरकोक्तमानपुसमार वमाद कवे रपुर-दकोष पर कटप्परची ककरवे बरहैर रह अकग्रिम जममानत प्रमाररनमापत्र कनरस्त ककरमा जमातमा हहै। 8. इस वमाद मम रकद ककोई अदंतररम आदवेश हको, तको वह स्वतनः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमारमारलर कको कनदरकशत ककरमा जमातमा हहै कक इस आदवेश ककी प्रकतजलकप सदंबदंजधत कवचमारर न्रमारमालर कको अकवलम्ब प्रवेकषत करम। Order Date :- 8.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad