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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 49567 (CHH)
ABC ( JUVENILE CONFLICT WITH LAW) v. STATE OF CHHATTISGARH
CRR/1240/2025 · 2025-11-13
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 49567 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. R. No.-1240 of 2025)
2025:CGHC:55720
अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक पुनर क्षण
क्रमां%क
-1240
/2025
1. ABC (तिवेधि/ क सथ स%घर्ष3र लक) -----आवेदाक/अपुचर लक तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार धि:ल दाधि/कर (थन प्रभार , पुधिलस थन-ति<वेर नरयाण), धि:ल-:%:ग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या आवेदाक/अपुचर लक : श्री र@हन <मां3, अधि/वेक्ता । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री एच.ए.पु .एस. भातिFया, पुGनल अधि/वेक्ता । मांनन या न्यायामांHति3 श्री स%:या क मांर :यासवेल
, न्याया/ <
!! आदा< पु ठ पुर पुरिर !! 14/11/2025
1. तिक<@र न्याया (लकL क दाखरख वे स%रक्षण) अधि/तिनयामां, 2015 (धि:स आग 'तिवे<र्ष अधि/तिनयामां' स स%@धि/ तिकया : रह हG) कO /र-102 क ह प्रस् इस दाण्डिक पुनर क्षण यातिचक मांR थन-ति<वेर नरयाण, धि:ल-:%:ग र चम्पु, छत्ती सगढ़ द्वार दा:3 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.11.17 13:20:30 +0530
2 / 5 (Cr. R. No.-1240 of 2025) अपुर/ क्रमां%क-39/2025 अ%ग3 /र-109(1), 103(1), 3(5), 191(2), 191(3) भार या न्याया स%तिह, 2023 एवे% /र-3(2)( ) v अनसHतिच :ति एवे% अनसHतिच :न:ति (अत्याचर तिनवेरण) अधि/तिनयामां, 1989 क ह तिनयातिमां :मांन आवेदान पुर अपु ल या न्यायालयाW-अपुर सत्र न्याया/ < (फास्F FZक क@F3), :%:ग र, धि:ल-:%:ग र चम्पु, छत्ती सगढ़ क आपुरधि/क अपु ल क्रमां%क-68/2025 मांR पुरिर आदा< तिदान%क-05/06/2025 क@ चन\ दा गई हG धि:सक ह आवेदाक/अपुचर
लक क तिनयातिमां :मांन स%%/ अपु ल तिनरस् कर तिदाया गया और तिवेचरण न्यायालया- प्र/न मांधि:स्FZF, तिक<@र न्याया @3 क :मांन तिनरस् स%%/ आदा< तिदान%क-27/ 02/2025 क@ पुष्ट तिकया गया ।
2.
अतिभाया@:न क मांमांल स%क्षपु मांR इस प्रकर हG तिक तिदान%क 12/02/2025 क@ दा पु< वेमां3 अपुन तिमांत्रL क सथ ति<वेर नरयाण मांल गया थ । लगभाग रतित्र 08:30 : उसन अपुन भाई प्रथa दा पुक वेमां3 क@ फा@न कर याह सHचन दा तिक क छ ल@ग उसक सथ मांरपु F कर रह हb । इस सHचन पुर दा पुक वेमां3 अपुन सथ मांLF एवे% मांन र्ष क सथ ति<वेर नरयाण मांल पुहcdच । वेहd पुहcdचकर उसन दाख तिक लगभाग 11–12 व्यातिक्ता उसक भाई दा पु< वेमां3 क@ पुकड़कर पु%च, चकH , ल्F, हथ–मांक्क एवे% ल–घHdसL स मांरपु F कर रह थ । : दा पुक वेमां3 न अपुन भाई क@ चन क प्रयास तिकया, @ उसक सथ भा मांरपु F कO गई, धि:सस उस भा च@FR आई% । त्पुश्च वेह अपुन तिमांत्रL क सहया@ग स घयाल दा पु< वेमां3 क@ अस्पुल ल गया, :हd तिचतिकत्सक द्वार दा पु< वेमां3 क@ मांk घ@तिर्ष कर तिदाया गया । इस घFन क स%%/ मांR दा पुक वेमां3 कO सHचन पुर पुधिलस द्वार मांग3 कयामां कर 04 अतिभायाक्ताL क तिवेरुद्ध नमां:दा एवे% अन्या 07–08 अज्ञा व्यातिक्तायाL क तिवेरुद्ध प्रथमां सHचन पुत्र दा:3 कर प्रकरण कO तिवेवेचन पुHण3 कर अतिभाया@ग-पुत्र प्रस् तिकया गया ।
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3. आवेदाक/अपुचर लक क तिवेद्वान अधि/वेक्ता क क3 हG तिक प्रथमां सHचन पुत्र मांR उसक नमां दा:3 नहo हG । उसक तिवेरूद्घ क@ई स .स .F .व्ह . फाH F: भा नहo हG । ति<नख़् पुर भा नहo करया गया हG । अपुचर लक तिदान%क-13/02/2025 क@ तिगरफ्र पुश्च स ल स%प्रक्षण गkह मांR हG । तिवेचरण न्यायालया-प्र/न मांधि:स्FZF, तिक<@र न्याया @3, :%:ग र-चम्पु, छत्ती सगढ़ द्वार पुरिर आदा< तिवे<र्ष अधि/तिनयामां कO /र-12 क प्रक< मांR उतिच नहo हG । अपु ल या न्यायालया द्वार भा इस थ्या क@ न:र अ%दाज़ तिकया गया हG तिक अपुचर लक क समांधि:क पुर क्षण प्रतिवेदान मांR क@ई तिवेपुर F पु नहo कO गई हG । इस प्रकर स अपुचर लक :मांन क पुत्र हG । अW पुनर क्षण यातिचक स्वे कर कर तिवेचरण न्यायालया थ अपु ल या न्यायालया द्वार पुरिर आदा< क@ अपुस् कर हcए अपुचर लक क@ तिनयातिमां :मांन पुर रिरह तिकया :ए ।
4.
उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वान अधि/वेक्ता न तिवेचरण न्यायालया थ अपु ल या न्यायालया क आदा< क@ उतिच हcए क3 तिदाया हG तिक घFन मांR आह दा पुक वेमां3 थ अन्या सतिक्षयाL न घFन मांR अपुचर लक क स%धिलप्त रहन क थ्या क@ पुष्ट तिकया हG । क ल-13 अतिभायाक्तागण मांR स 11 अपुचर लक एवे% 02 वेयास्क हb । अपुचर लक कO स%ग
उतिच ल@गL क सथ नहo हG । :मांन दान पुर उसक नGतिक, <र रिरक और मांन@वेGज्ञातिनक रूपु स खर मांR पुड़ :न कO स%भावेन हG । घFन हत्या और हत्या क प्रयास क ह@न स ग%भा र प्रकk ति क हG । अपुचर लक स कड़, मां@ईल और रक्ता र%धि: कमां ज़ :ब् तिकया गया हG । उसक मांमांल :मांन या@ग्या नहo हG । अW :मांन स%%/ प्रस् दाण्डिक पुनर क्षण आवेदान खरिर: तिकया :ए ।
5. उभायापुक्ष क क3 श्रीवेण तिकया थ अतिभालख एवे% क स यार क पुरिर< लन तिकया गया ।
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6. तिक<@र न्याया (लकL क दाखरख वे स%रक्षण) अधि/तिनयामां, 2015 कO /र-12 क प्रवे/न तिनम्ननसर हGW-
“12. ऐस व्यातिक्ता कO :मांन :@ दृश्यामांन रूपु स तिवेधि/ क उल्लं%घन करन वेल अतिभाकधिथ लक हG-(1) : क@ई ऐस व्यातिक्ता, :@ दृश्यामांन रूपु स एक लक हG और धि:सन अतिभाकधिथ :मांन या या अ:मांन या अपुर/ तिकया हG, पुधिलस द्वार तिगरफ्र या तिनरूद्ध तिकया : हG या @3 क समांक्ष उपुस%: ह@ हG या लया : हG, दा% प्रतिक्रया स%तिह, 1973 (1974 क 2) या त्समांया प्रवेkत्ती तिकस अन्या तिवेधि/ मांR तिकस क ह@ हcए भा , ऐस व्यातिक्ता क@ प्रतिभाH सतिह या रतिह :मांन पुर छ@ड़ तिदाया :एग या उस तिकस पुरिरवे क्ष अधि/कर क पुया3वेक्ष/ न या तिकस उपुयाक्ता व्यातिक्ता कO दाखरख क अ/ न रख :एग : पुरन् ऐस व्यातिक्ता क@ इस प्रकर छ@ड़ नहo :एग : याह तिवेश्वेस करन क यातिक्तायाक्ता आ/र प्र ह@ हb तिक उस व्यातिक्ता क@ छ@ड़ :न स याह स%भाव्या हG तिक उसक स%सग3 तिकस ज्ञा अपुर/ स ह@ग या उक्ता व्यातिक्ता नGतिक, <र रिरक या मांन@वेGज्ञातिनक रूपु स खर मांR पुड़ :एग या उस व्यातिक्ता क छ@ड़ :न स न्याया क उद्देश्या तिवेफाल ह@ :एग, और @3 :मांन दान स इ%कर करन क करणL क@ और ऐस तिवेतिनश्चया लन स स%%धि/ पुरिरण्डिस्थतियाL क@ अतिभाधिलधिख करग ।
7.
स%पुHण3 क पुरिर< लन स याह स्पुष्ट ह@ हG तिक अपुचर लक तिदान%क-13/02/2025 स ल स%प्रक्षण गkह मांR हG । उसस क@ई /रदार वेस् या हधिथयार रमांदा नहo हcआ हG । प्रथमां सHचन पुत्र मांR उसक नमां दा:3 नहo हG । उसकO क@ई ति<नख़् पुर भा नहo करई गई हG । समांधि:क पुरिरवे क्ष अधि/कर क प्रतिवेदान मांR भा उसक तिवेपुर क@ई F पु अ%तिक नहo हG । मांमांल क तिवेचरण मांR समांया लगन स%भातिवे हG । इन स पुरिरण्डिस्थतियाL मांR तिवेधि/क प्रवे/न क आ/र पुर आवेदाक/अपुचर लक क@ :मांन पुर रिरह तिकया :न उतिच पुया : हG ।
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8. अW आवेदाक/अपुचर लक क :मांन स%%/ दाण्डिक पुनर क्षण यातिचक स्वे कर कO : हG । अपु ल या न्यायालया एवे% तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर आदा< अपुस् तिकया : हG ।
9. अतिभाभावेक/स%रक्षक दाण्डिक प्रकरण क तिनरकरण क स%%धि/ तिक<@र न्याया @3 मांR आवेदाक/अपुचर लक क तिनयातिमां उपुण्डिस्थति ह ₹25,000/- (पुच्च स ह:र रुपुया) क मांचलक एवे% उन ह रति< क सक्षमां :मांनदार प्रस् करR @ आवेदाक/अपुचर लक क@ :मांन पुर रिरह कर हcए अतिभाभावेक/स%रक्षक क@ सbपु :ए । आवेदाक/अपुचर लक और :मांनदार, आ/र क3 कO प्रतिया% और र%ग न पुसपु@F3 आकर क फा@F@ भा प्रस् करR, धि:सकO :%च न्यायालया द्वार कO :ए ।
10. याह भा आदाति< तिकया : हG तिक :@ व्यातिक्ता :मांनदार क रूपु मांR प्रस् ह@ग वेह एक पुkथक उपु%//प्रतिज्ञा-पुत्र दाकर याह आश्वेसन दाग तिक आवेदाक/अपुचर लक तिकस
भा असमांधि:क अथवे आपुरधि/क प्रवेkधित्ती क त्वेL क स%पुक3 मांR नहo आएग, यातिदा आवेदाक/अपुचर लक तिकस अवेG/ गतितिवेधि/ मांR धिलप्त पुया : हG, @ :मांनदार/स%रक्षक द्वार त्क्षण स%%धि/ थन प्रभार क@ सHचन प्रदान कO :एग ।
11. रधि:स्FZ क@ तिनदा}ति< तिकया : हG तिक इस आदा< कO प्रतिधिलतिपु याथ< घ्र स%%धि/ तिक<@र न्याया @3 क@ सHचनथ3 वे अनपुलनथ3 प्रतिर्ष कO :ए । सह /- (स%:या क मांर :यासवेल) न्याया/ < पो
मन