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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 15035 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 235/2020, अन्तगर्त धारा 302, 397, 411 भा०दं०िव०, थाना लालपुर/पाण्डेयपुर, िजला वाराणसी में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक का यह ि्षतीय जमानत आवेदन प्ऴ है। आवेदक का ्ऺथम जमानत, जमानत आवेदन प्ऴ सं० 53165/2022 में इस न्यायालय के इसी न्यायपीठ के आदेश िदनांक 19.01.2023 के ्षारा िनरस्त िकया गया है।
4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा पूरकशपथ-प्ऴ दािखल िकया गया, इसे प्ऴावली पर रखा जाय।
5.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने नवीन तकर् यह ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक के िवरु्ध कोई ्ऺत्य्ष साष्य या ्ऺत्य्षदशर् िववरण नहीं है और उसका नाम के वल सह-अिभयु्व मोनू चौहान ्षारा आजाद राजभर के सम्ष किथत न्यायेतर स्वीकारोि्व के आधार पर वतर्मान मामले में नािमत िकया गया है, िजसमें दावा िकया था िक सह-अिभयु्व मोनू चौहान ने उसके सामने कबूल िकया था िक आवेदक के साथ किथत घटना को अंजाम िदया गया था। हालाँिक, बाद के मामलें में मु०अ०सं० 239/2020 में िदनांक 15.11.2020 को मोनू चौहान ने आजाद राजभर और उनकी पत्नी ्ऺेमा देवी पर हमला िकया और गोली चलाई थी, उ्व गवाह की पत्नी (स्वयं घायल गवाह)/अिभयोजन सा्षी सं० 2 ने िवचारण न्यायालय के सम्ष अपने िजरह में स्प्ि रूप से बयान िदया है िक " वह आवेदक अिनल यादव को िबल्कु ल नहीं जानती है और आवेदक कभी उनके घर नहीं गया है।" इससे पिरलि्षत हो रहा है िक यह भौितक िवरोधाभास अिभयोजन प्ष की Versus Counsel for Applicant(s) : Anjani Kumar, Yadvesh Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Anil Yadav .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
कहानी की मूल तक जाता है और आवेदक के िखलाफ भरोसा िकए गए एकमा्ऴ दोषपूणर् पिरिस्थित की िव्षसनीयता को स्प्ि रूप से ध्वस्त करता है। उल्लेखनीय तथ्य यह भी है िक आवेदक लगभग पांच वषर् से कारागार में िनरू्ध है। आगे यह भी कहा गया िक यह सवर्िविदत है िक न्यायेतर स्वीकारोि्व एक कमज़ोर ्ऺकार का साष्य है और जब तक स्वतं्ऴ एवं िव्षसनीय साम्षी ्षारा इसकी पुि्ि न हो जाए, इसके आधार पर िकसी भी दोषिसि्ध को कायम नहीं रखा जा सकता है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 22.11.2020 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
7. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण
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में ईमानदारी से सहयोग करेगा। आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 9. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 7, 2025 CP.sahani BAIL No. 15035 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad