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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 49052 (CHH)
PRY v. CHANDRABHUSHAN VERMA @ SONU
ACQA/148/2024 · 2025-10-27
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 49052 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 7 {Acq. A. No.-148 of 2024}
2025:CGHC:52534 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल क्रमु!क
-148
/2024
PRY -----अपु लर्थी+/ति,कयाक- तिवेरूद्घ
1. चन्द्रभू2षण वेमु- उर्फ- सनू2 तिपु-स्वेग+या लरमु वेमु-, उम्र-लगभूग 36 वेष-, तिनूवेस - रमुदोईपुर, कल मु!तिदोर क पुस, पुलिलस र्थीनू-खमुरई, लि=ल-रयापुर, छत्ती सगढ़ । (अतिभूया)
2. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार र्थीनू प्रभूर , पुलिलस र्थीनू-खमुरई, रयापुर, लि=ल-रयापुर, छत्ती सगढ़ । (रज्या) -----उत्तीरवेदो गण अपु लर्थी+/ति,कयाक- द्वार : श्री ग=न्द्र क मुर सहूF, अलिGवे । अतिभूया/उत्तीरवेदो क्रमु!क-1 द्वार : श्री ऋतिष रहूIल सनू , अलिGवे । रज्या/उत्तीरवेदो क्रमु!क-2 द्वार : श्री डी ०क ० लिस!हू, पुLनूल अलिGवे । मुनूनू या न्यायामु2ति- श्री स!=या क मुर =यासवेल
, न्यायाG ,
!! तिनूण-या पु ठ पुर पुरिर !! 28/10/2025 POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.10.29 12:26:10 +0530
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1. दोण्डी प्रतिक्रया स!तिहू, 1973 कT Gर-372 क हू दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् इस अपु ल मुV तिवेचरण न्यायालया-अतिरिर सत्र न्यायाG ,, प्रर्थीमु र्फXस्ट टZक तिवे,ष न्यायालया (पुXक्स), रयापुर, लि=ल-रयापुर, छत्ती सगढ़ द्वार तिवे,ष दोण्डिण्डीक प्रकरण (पुXक्स) क्रमु!क-184/2020 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ ( X चन्द्रभू2षण वेमु- उर्फ- सनू2)” मुV पुरिर तिनूण-या तिदोनू!क-09/11/2023 कT वेLG क चनू_ दो गई हूL । लि=सक हू अतिभूया=नू क मुमुल प्रमुतिण नू पु हूIए अतिभूया X क Gर-354, 354(ख) भूर या दोण्डी स!तिहू, 1860 एवे! लaतिगक अपुरGb स लकb क स!रक्षण अलिGतिनूयामु, 2012 कT Gर-8 क अपुरG स दोषमु तिकया गया । लि=स आग स!क्षपु मुV “प्रश्नूG नू तिनूण-या” कहू गया हूL ।
2. याहू अतिवेवेतिदो थ्या हूL तिक पु तिg (अ.स.-1) लगभूग 7 वेष- कT नूलिलग लिलक रहू
हूL, लि=सकT नूLसतिग-क मु (अ.स.-2) हूL । पु तिg क तिपु क तिनूGनू क उपुर! उसकT मु (अ.स.-2) नू अपुनू दोवेर, अतिभूया X स तिवेवेहू कर लिलया । इस प्रकर, अतिभूया
X क स!!G पु तिg (अ.स.-1) स स_ल तिपु र्थी चच क रूपु मुV हूL ।
3. अतिभूया=नू क मुमुल, स!क्षपु मुV, इस प्रकर हूL तिक पु तिg (अ.स.-1) = तिवेद्यलया स घर ल_ट र्थी , अतिभूया उसस अश्ल ल V कर र्थी, =Lस — “च्च कहू!
स और कL स हू हूL, एक हू हूL या दो हू हूL” — इस प्रकर कT आपुलित्ती=नूक V कहू हूIए वेहू पु तिg क सर्थी अश्ल ल हूरकV कर र्थी । अतिभूया पु तिg क मु!हू तिकए स दोकर उसकT चड्डी खmच र्थी र्थी घटनू क र मुV तिकस क नू पुर पु तिg कT मुn क तिमुट्टी ल डीलकर =ल दोनू या र्फ!स पुर लटक दोनू कT GमुकT दो र्थी । तिदोनू!क 20/05/2020 क उपुर घटनू कT =नूकर पु तिg (अ.स.-1) नू अपुनू मुn (अ.स.-2) क दो , लि=स पुर मुn (अ.स.-2) द्वार प्रदो,- पु -4 क रूपु मुV लिललिख
3 / 7 {Acq. A. No.-148 of 2024} ति,कया र्थीनू खमुरई, रयापुर मुV प्रस् कT गई । उ ति,कया पुर तिदोनू!क 07/09/2020 क अपुरG क्रमु!क 416/2020 क प्रर्थीमु स2चनू पुत्र (प्रदो,- पु -5) दो=- तिकया गया र्थी सतिक्षयाb क यानू दो=- तिकए गए । घटनूस्र्थील क मु_क नूक्, Lयार तिकया गया और स!पु2ण- तिवेवेचनू उपुर! अतिभूयाग-पुत्र प्रस् तिकया गया ।
4. आरपु प्रमुणनू वेस् तिवेचरण न्यायालया क समुक्ष अतिभूया=नू कT ओर स अपुनू पुक्ष समुर्थी-नू मुV 4 सतिक्षयाb क पुर क्षण र्थी 13 दोस्वे= प्रदो,- तिचन्हू!तिक करए गए । Gर-313 दोण्डी प्रतिक्रया स!तिहू क हू यानू मुV अतिभूया नू अपुनू तिवेपुर सतिक्षयाb क कर्थीनूb क इ!कर कर हूIए स्वेया! क तिनूदोqष हूनू हूIए कहू हूL तिक उसकT पुत्नू और उसक मुध्या घरल2 b क लकर पु2वे- स वेदो-तिवेवेदो र्थी । लि=स करण स उसकT पुत्नू
अर्थी- पु तिडी कT मुn क द्वार उसक तिवेरूद्घ झू2ठ रिरपुट- दो=- करई गई हूL । अपुनू चवे मुV कई सक्ष्या प्रस् नूहूm तिकया गया । उभूयापुक्ष क सनू =कर तिवेचरण न्यायालया द्वार प्रश्नूG नू तिनूण-या पुरिर तिकया गया हूL लि=स इस अपु ल मुV चनू_ दो गई हूL ।
5.
अपु लर्थी+/ति,कयाक- क तिवेद्वानू अलिGवे क क- हूL तिक पु तिडी (अ.स.-1) और उसकT मुn (अ.स.-2) द्वार अतिभूया=नू मुमुल क पु2ण- समुर्थी-नू तिकया गया हूL । उनूक यानू मुV कई तिवेरGभूस कT ण्डिस्र्थीति नूहूm हूL । तिवेचरण न्यायालया द्वार उसपुर स!दोहू स पुर तिवेश्वेस नू करक , सक्ष्या कT समुतिच समु क्ष नूहूm कT गई हूL और दोषमुति क त्रतिटपु2ण- तिनूष्कष- तिनूकल गया हूL, = ण्डिस्र्थीर रख =नू याग्या नूहूm हूL । अx अपु ल स्वे कर कर
“प्रश्नूG नू तिनूण-या” क अपुस् कर हूIए अतिभूया क दोषलिसद्ध कर दोण्डिण्डी तिकया =ए ।
6. अतिभूया/उत्तीरवेदो क्रमु!क-1 क तिवेद्वानू अलिGवे द्वार तिवेचरण न्यायालया क “प्रश्नूG नू तिनूण-या” क समुर्थी-नू कर हूIए क- तिदोया हूL तिक पु तिडी (अ.स-1) और उसकT मुn
4 / 7 {Acq. A. No.-148 of 2024} (अ.स-2) क कर्थीनू स!दोहूस्पुदो रहू हूL । रिरपुट- मुV तिवेल! क समुGनूप्रदो स्पुष्टी करण नूहूm तिदोया गया हूL । घरल2 वेदो-तिवेवेदो क लकर झू2ठ ति,कया कT गई हूL । इस प्रकर, तिवेचरण न्यायालया द्वार = दोषमुति क तिनूष्कष- तिनूकल गया हूL, वेहू पु2ण-x उतिच हूL । अपु लर्थी+ रज्या पुक्ष द्वार अपु ल मुV उठए गए क- स्वे कर याग्या नूहूm हूa । अx अपु ल खरिर= कT =या ।
7. रज्या/उत्तीरवेदो क्रमु!क-2 क तिवेद्वानू अलिGवे नू अपु लर्थी+/ति,कयाक- क कq! क समुर्थी-नू तिकया हूL ।
8. उभूयापुक्ष क क- श्रीवेण तिकया गया और तिवेचरण न्यायालया क अतिभूलख क स2क्ष्मुपु2वे-क पुरिर, लनू तिकया गया ।
9. Recently, applying the law governing the scope of interference in an appeal against acquittal, the Hon’ble Supreme Court in the case of
“State of Rajasthan vs. Kistoora Ram” reported in 2022 SCC OnLine SC 984, has held as follows:-
“8. The scope of interference in an appeal against acquittal is very limited. Unless it is found that the view taken by the Court is impossible or perverse, it is not permissible to interfere with the finding of acquittal.
Equally if two views are possible, it is not permissible to set aside an order of acquittal, merely because the Appellate Court finds the way of conviction to be more probable. The interference would be warranted only if the view taken is not possible at all.”
10. इस मुमुल मुV तिवेवेतिदो थ्या क दृतिष्टीग रख हूIए, मुख्या सक्ष पु तिg (अ.स.-1) और उसकT मुn (अ.स.-2) हूa । न्यायालया नू कर्थीनू मुV दोनूb नू हू अतिभूया=नू मुमुल क समुर्थी-नू तिकया हूL, तिक! तिवेचरण न्यायालया नू उनूक कर्थीनूb पुर पु2ण-x तिवेश्वेस नू कर हूIए
5 / 7 {Acq. A. No.-148 of 2024} उन्हूV स!दोहूस्पुदो पुया हूL । स!दोहू क मुख्या करण याहू रहू तिक स!पु2ण- अतिभूया=नू प्रकरण मुV घटनू कT कई तिनूण्डिश्च तिलिर्थी उल्लेलिख नूहूm कT गई हूL । अतिभूया=नू मुमुल र्थी पु तिg (अ.स.-1) एवे! उसकT मुn (अ.स.-2) क कर्थीनू क अनूसर, घटनू कT =नूकर
पु तिg नू तिदोनू!क 20/05/2020 क अपुनू मुn (अ.स.-2) क दो र्थी , तिक! मुn (अ.स.-2) द्वार प्रदो,- पु -4 क रूपु मुV = लिललिख ति,कया र्थीनू खमुरई मुV प्रस् कT गई, उस पुर पुलिलस नू प्रर्थीमु स2चनू पुत्र तिदोनू!क 07/09/2020 क दो=- तिकया । इस प्रकर, घटनू कT =नूकर प्रप्त हूनू क लगभूग सढ़ नू मुहू पुश्च अपुरG कT कयामु
हूIई हूL, लि=सक स!!G मुV इस तिवेल! क कई समुGनूप्रदो करण प्रस् नूहूm तिकया गया हूL ।
11.
एक प्रमुख आGर याहू भू रहू तिक तिवेचरण न्यायालया नू अपुनू तिनूष्कष- मुV उल्लेख तिकया हूL तिक पु तिg कT मुn (अ.स.-2) द्वार तिदोनू!क 24/06/2020 क अपुनू पुति, अर्थी- अतिभूया, क तिवेरुद्ध पुलिलस र्थीनू मुV एक ति,कया प्रस् कT र्थी । उ ति,कया मुV याहू उल्लेख र्थी तिक अतिभूया उस घर स तिनूकल दोनू कT कर र्थी, दो2सर तिवेवेहू करनू कT GमुकT दो र्थी र्थी उस प्रतिg कर उसक सर्थी मुरपु ट भू कर र्थी । इसक अतिरिर, अतिभूया, उसकT हूनू, हूनूई और मुn द्वार पु तिg कT मुn (अ.स.-2) क चरिरत्र पुर भू ल!छनू लगए = र्थी । इस ति,कया पुर पुलिलस द्वार “हूस्क्षपु अयाग्या अपुरG कT स2चनू” (प्रदो,- डी -2) दो=- कT गई र्थी र्थी उभूयापुक्ष क मुध्या कउ!सलिल!ग क प्रयास भू तिकया गया र्थी, = प्रदो,- डी -1 वे प्रदो,- डी -3 क दोस्वे=b स स्पुष्टी हू हूL । सर्थी हू , प्रदो,- डी -4, = रज्या मुतिहूल आयाग द्वार अतिभूया क प्रतिष तिदोनू!क 05/10/2021 कT स2चनू हूL, स याहू भू स्पुष्टी हू हूL तिक पु तिg कT मुn (अ.स.-2) कT उ ति,कया नूस् द्ध कर दो गई र्थी ।
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12. पु तिg कT मुn (अ.स.-2) नू तिवेचरण या अपुरG कT ति,कया तिवेल! स तिकए =नू क करण याहू या हूL तिक उस समुया कतिवेडी-19 मुहूमुर क प्रकपु चल रहू र्थी, लि=सक करण नू पुलिलस र्थीनू मुV और नू हू
“सख वेनू स्टXपु सVटर” मुV उसकT रिरपुट- दो=- कT गई । तिक!
मुn (अ.स.-2) क याहू कर्थीनू भू तिवेचरण न्यायालया द्वार स!दोहूस्पुदो पुया गया हूL, क्याbतिक अतिभूलख स याहू स्पुष्टी हू हूL तिक तिदोनू!क 24/06/2020 क पुलिलस र्थीनू मुV उसक द्वार “हूस्क्षपु अयाग्या अपुरG” कT स2चनू दो=- करई गई र्थी और तिदोनू!क 05/09/2020 क कउ!सलिल!ग कT कया-वेहू भू कT गई र्थी । अर्थी-, = उस अवेलिG मुV पुलिलस र्थीनू मुV उसकT ति,कयाV दो=- हू रहू र्थीm और कउ!सलिल!ग कT प्रतिक्रया भू चल रहू
र्थी , याहू कहूनू क- स!ग प्र नूहूm हू तिक कतिवेडी-19 मुहूमुर क करण रिरपुट- दो=- नूहूm कT = सकT। तिवे,ष रूपु स, = तिवेचरण या घटनू कT =नूकर उस तिदोनू!क 20/05/2020 क प्रप्त हू चकT र्थी , लगभूग सढ़ नू मुहू दो तिदोनू!क 07/09/2020 क रिरपुट- दो=- तिकया =नू उसक कर्थीनू क अतिवेश्वेसनू या नू हूL । इसक अतिरिर, प्रदो,- डी -1, डी -2 और डी -3 क दोस्वे=b स याहू भू स्पुष्टी हू हूL तिक मुn (अ.स.-2) इस मुध्या तिदोनू!क 24/06/2020 क पुलिलस र्थीनू गई र्थी , तिक! उस समुया उसनू इस आ,या कT कई ति,कया दो=- नूहूm करई तिक उसकT पुत्र , पु तिg (अ.स.-1), क सर्थी अतिभूया नू कई अश्ल ल हूरक कT र्थी । ऐस पुरिरण्डिस्र्थीति मुV, = पुति-पुत्नू क मुध्या पु2वे- स हू तिवेवेदो कT ण्डिस्र्थीति तिवेद्यमुनू र्थी , र्थी मुn (अ.स.-2) अपुनू पुति क सर्थी रहूनू चहू र्थी =तिक अतिभूया उस रखनू क Lयार नूहूm र्थी, याहू स्पुष्टी हू हूL तिक घरल2 मुभूदो और पुरिरवेरिरक कलहू क आGर पुर तिवेचरण न्यायालया नू याहू तिनूष्कष- तिनूकल तिक पु तिg (अ.स.-1) एवे! उसकT मुn (अ.स.-2) क कर्थीनू स!दोहू स पुर तिवेश्वेसनू या नूहूm हूa ।
7 / 7 {Acq. A. No.-148 of 2024}
13. इस प्रकर, उपुर न्यायादृष्टी! क आGर पुर सक्ष्या तिवेवेचनू क र्फलस्वेरूपु याहू न्यायालया पु हूL तिक अतिभूलख मुV उपुलब्G, थ्या और सक्ष्या क दृतिष्टीग रख हूIए तिवेचरण न्यायालया द्वार = दोषमुति क तिनूण-या पुरिर तिकया हूL उसमुV कई अवेLG या अ,द्घ नूहूm हूL । इसलिलए उसमुV हूस्क्षपु कT आवेश्याक नूहूm पुया = ।
14. अx दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् याहू अपु ल स्वे कर याग्या नू हूनू स खरिर= कT = हूL ।
15.
तिनूण-या कT प्रतिलिलतिपु क सर्थी तिवेचरण न्यायालया क अतिभूलख , घ्रपु2वे-क वेपुस प्रतिष हू । सहू /- (स!=या क मुर =यासवेल) न्यायाG , पुमुनू