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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 48625 (ALL)
SHAKEEL AHEMAD v. STATE OF U.P. AND 3 ORS
WRIA/53160/2014 · 2025-05-22
Saurabh Shyam Shamshery
body2025
[ 2025 DAILYLAW 48625 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:88167 Court No. - 6 Case :- WRIT - A No. - 53160 of 2014 Petitioner :- Shakeel Ahemad Respondent :- State Of U.P. And 3 Ors Counsel for Petitioner :- Uma Nath Pandey Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble Saurabh Shyam Shamshery,J.
1. Sri Uma Nath Pandey, learned counsel for petitioner has made out a case for interference so much as that in similar circumstances, the Deputy Director of Education (Secondary), Basti Region, Basti has taken contrary stand by an order dated 06.04.2009, whereby procedure for appointment in question was found to be proper and legal, however, in impugned order passed after 6 years, same selection process was put under doubt.
2. It appears that order dated 06.04.2009 was not placed on record, when impugned order was passed. The relevant part of orders dated 06.04.2009 and dated 15.05.2014 are reproduced hereinafter :-
Order dated 06.04.2009 समबद्ध पकक्षों दद्वारद्वा प्रस्ततुत ललिलखित अभभिकथनक्षों एववं उपलिब्ध करद्वायये गयये अभभिलियेखिक्षों कये पररीकण एव अनतुशरीलिन सये स्पष्ट हहोतद्वा हहै भक शरी रद्वामचररत्र यद्वादव सहद्वायक अध्यद्वापक (एलि०टरी०) ककी प्रवकद्वा पद पर पदहोन्नभत सये फललित ररभक कये प्रभत शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वाख , तत्कद्वालिरीन अध्यक/प्रबवंधक, खिहैर इण्टर कद्वालियेज, बस्तरी दद्वारद्वा भदनद्वाक 24-07-99 कहो भहवंदरी दहैभनक समद्वाचद्वार पत्र कतु बयेर टद्वाइम्स मम ररभकयक्षों कद्वा भवजद्वापन प्रसद्वाररत करद्वातये हहयये 15 भदवस कये अवंदर अभ्यलथरयक्षों कये आवयेदन -पत्र आमवंभत्रत भकयये गयये हह तथद्वा उसरी भवजभप्ति मम भदनद्वावंक 10-08-2009 कहो सद्वाकद्वात्कद्वार ककी भतलथ भिरी भनधद्वारररत ककी गयरी हहै। इस प्रकद्वार चयन प्रभक्रियद्वा अपनद्वातये हहयये शरी जद्वावयेद इकबद्वालि ककी भनयतुककक्त्ति सहद्वायक अध्यद्वापक एलि०टरी० कये पद पर शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वाख , अध्यक / प्रबन्धक (तत्कद्वालिरीन) कये आदयेश भदनद्वाक 6-4-2000 दद्वारद्वा ककी गयरी हहै तथद्वा भनयतुभक -पत्र भदनद्वावंक 6-4-2000 कये अनतुपद्वालिन मम यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि कहो भदनद्वाक 11-4-2000 कहो शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि , तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर दद्वारद्वा कद्वायरभिद्वार ग्रहण करद्वायद्वा गयद्वा हहै। तबसये शरी जद्वावयेद इकबद्वालि , भनरवंतर सहद्वायक अध्यद्वापक कये पद पर कद्वायररत हह, लजसकये समथरन मम यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि दद्वारद्वा भदनद्वावंक 8-10-2001 सये 12-10-2001 तक बरयेलिरी जनपद मम भशकद्वा भवभिद्वाग दद्वारद्वा आयहोलजत भक्रिकये ट प्रभतयहोभगतद्वा मम खिहैर इण्टर कद्वालियेज, बस्तरी ककी ओर सये अलधकद्वाररी कये रूप मम प्रभतभनलधत्व भकयये जद्वानये कद्वा सद्वाक्ष्य सवंलिग्न कर प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। शहैभकक सत्र 2002-2003 तथद्वा 2003-2004 कद्वा वद्वादन चक्रि जहो तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर कये रूप मम शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि एववं शरी नसरीबदद्वार दद्वारद्वा भदयद्वा गयद्वा हहै , प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। भदनद्वाक 3-11-2003, 3-3-2004 तथद्वा भदनद्वावंक 28-2-2005 कहो तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर दद्वारद्वा भवदद्वालिय ककी अद्धरवद्वाभररक पररीकद्वा वरर -2003 एववं वद्वाभररक पररीकद्वा 2004-2005 सये सवंबवंलधत प्रश्न-पत्रक्षों कहो तहैयद्वार करनये हयेततु भदयये गयये आदयेश ककी छद्वायद्वाप्रभतयद्वावं सवंलिग्न कर प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। भदनद्वावंक 18-03-2002 सये 18-4-2002 तक बहोरर पररीकद्वा मम कक भनररीकक कये रूप मम खिहैर इण्टर कद्वालियेज, बस्तरी मम डड्यूटरी करद्वायये जद्वानये एववं बहोरर पररीकद्वा वरर- 2002 कद्वा पद्वाररशभमक पद्वानये, आन्तररक दस्तये मम डड्यूटरी भकयये जद्वानये तथद्वा पद्वाररशभमक कये भितुगतद्वान सम्बकन्धत सद्वाक्ष्य प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। इसरी भिद्वाखभत शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि , तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर दद्वारद्वा भदनद्वावंक 11-4-2000 सये 20-12-2003 तक कद्वायररत रहनये कद्वा प्रमद्वाण-पत्र भिरी प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। इस अशय कद्वा भिरी सद्वाक्ष्य प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै भक शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि कद्वायरवद्वाहक प्रधद्वानद्वाचद्वायर सये कहोई प्रभिद्वार हस्तद्वान्तरण नहह करद्वायद्वा गयद्वा हहै, अभपततु भदनद्वावंक 8-6-2003 कहो शरी नसरीबदद्वार दद्वारद्वा भवदद्वालिय कये कद्वायद्वारलिय एववं भप्रवंलसपलि आभफस कद्वा तद्वालिद्वा तहोड़कर जबरन प्रधद्वानद्वाचद्वायर पद पर कद्वायरभिद्वार ग्रहण करद्वायद्वा गयद्वा
थद्वा, ऐसरी कस्थभत मम अध्यद्वापक ककी भनयतुभक सये सवंबवंलधत महत्वपड्यूणर अभभिलियेखिक्षों कये गद्वायब भकयये जद्वानये/उसकये दतुरुप्यहोग ककी सम्भिद्वावनद्वा सये इन्कद्वार नहह भकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै। शरी जद्वावयेद इकबद्वालि दद्वारद्वा इस आशय कद्वा भिरी एक सद्वाक्ष्य प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै भक शरी नसरीबदद्वार, तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर दद्वारद्वा उनकये (यद्वाचरी कये ) भिद्वाई कद्वा भनधन भदनद्वावंक 13.09.2003 कहो हहो जद्वानये कये फलिस्वरूप भदनद्वावंक 15.09.2003 कहो शहोक सवंदयेश भदयद्वा गयद्वा हहै। जहद्वावं तक भवदद्वालिय मम प्रबन्धककीय भववद्वाद ककी बद्वात कहरी गई हहै , इस सवंबवंध मम उपलिब्ध करद्वायये गयये सद्वाक्ष्यक्षों सये स्पष्ट हहोतद्वा हहै भक प्रबवंधककीय भववद्वाद ककी कस्थभत मम उक भवदद्वालिय कये वयेतन भवतरण सवंयतुक सवंदद्वाय खिद्वातये कद्वा एकलि पररचद्वालिन लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये कद्वायद्वारलिय आदयेश सवंख्यद्वा भशभवर /16244-48/98-99 भदनद्वावंक 09.09.98 दद्वारद्वा भकयद्वा गयद्वा थद्वा। ररट पयेभटशन सवंख्यद्वा 42364/19998 मम मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय दद्वारद्वा पद्वाररत आदयेश भदनद्वावंक 8-1-99 कये अनतुपद्वालिन मम तत्कद्वालिरीन लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये कद्वायद्वारलिय कये आदयेश सवंख्यद्वा मद्वा० /2229-35/98-99 भदनद्वावंक 26-2-99 दद्वारद्वा शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ कद्वा हस्तद्वाकर बततौर अध्यक / प्रबवंधक / कहोरद्वाध्यक प्रमद्वाभणत करतये हहयये एकलि पररचद्वालिन ककी व्यवस्थद्वा कहो सतुमद्वाप्ति भकयद्वा गयद्वा हहै। और शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं कहो अध्यक/प्रबवंधक/कहोरद्वाध्यक कये रूप मम मद्वान्य भकयद्वा गयद्वा हहै और पत्रद्वावंक मद्वा० /2244- 59/98-99 भदनद्वावंक 26-2-99 दद्वारद्वा शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ, अध्यक / प्रबन्धक / कहोरद्वाध्यक कये नमड्यूनये कये हस्तद्वाकर प्रमद्वाभणत करतये हहयये सवंबवंलधत अलधकद्वाररयक्षों कहो भियेजये गयये हह। लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी ककी उक कद्वायरवद्वाहरी सये कतुब्ध हहोकर प्रबवंध सभमभत कये दड्यूसरये दद्वावयेदद्वार सवरशरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वाख एववं अलिद्वाउ दरीन दद्वारद्वा मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय इलिद्वाहद्वाबद्वाद मम क्रिमशशः यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 10455/99 एववं 9815/99 यहोलजत कर दरी गयरी। कहोई अनतुतहोर नहह भमलिद्वा। शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ, प्रबवंधक दद्वारद्वा कतु बयेर टद्वाइम्स मम प्रसद्वाररत करद्वाई गई भवजभप्ति (भशककक्षों/कमरचद्वाररयक्षों कये ररक पदक्षों पर भनयतुभक सये सवंबवंलधत ) भदनद्वावंक 24-7-99 कये भवरूद्ध शरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वावं दद्वारद्वा एक यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 32824/99 यहोलजत कर दरी गयरी। मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 5-8-99 दद्वारद्वा इस यद्वाभचकद्वा कहो यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 10455/99 कये सद्वाथ सम्बद्ध करतये हहयये
इस आशय कद्वा आदयेश भदयद्वा भक भनयतुभक कये सवंबवंध मम कहोई भनणरय इस यद्वाभचकद्वा मम पद्वाररत हहोनये वद्वालिये अकन्तम भनणरय पर हरी भनभिरर हहोगद्वा। ररट भपटरीशन सवंख्यद्वा 10455/99 एववं ररट भपटरीशन सवंख्यद्वा 9815/99 मम एक सद्वाथ सतुनवद्वाई करतये हहयये मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 18-8-99 दद्वारद्वा शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वाख कये बततौर अध्यक /प्रबवंधक कहोरद्वाध्यक कये रूप मम प्रमद्वाभणत नमड्यूनये कये हस्तद्वाकर भदनद्वावंक 26-2-99 कहो भनरस्त कर भदयद्वा। लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये स्तर पर सतुनवद्वाई करकये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 17-9-99 दद्वारद्वा भकसरी भिरी पक कहो प्रबवंधक नहह मद्वानद्वा और सवंयतुक भशकद्वा भनदयेशक , बस्तरी मण्रलि, बस्तरी नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 22.09.99 दद्वारद्वा लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी (पदयेन) कहो उक भवदद्वालिय कद्वा प्रशद्वासक भनयतुक कर भदयद्वा, लजसकये अऩतुपद्वालिन मम लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक , बस्तरी नये उक भवदद्वालिय कये प्रशद्वासक कद्वा पदभिद्वार भदनद्वावंक 23.09.99 कहो ग्रहण भकयद्वा। उक कये भवरूद्ध शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं दद्वारद्वा ररट भपटरीशन सवंख्यद्वा 43611/99 एववं शरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वावं दद्वारद्वा यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 44814/99 यहोलजत कर दरी गई। मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय नये यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 43611/99 मम पद्वाररत आदयेश भदनद्वावंक 11.10.99 एववं यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 44814/99 मम पद्वाररत आदयेश भदनद्वावंक 15.10.99 दद्वारद्वा सवंयतुक भशकद्वा भनदयेशक , बस्तरी मण्रलि, बस्तरी कये आदयेश भदनद्वावंक 22-9-99 लजसकये दद्वारद्वा प्रशद्वासक ककी भनयतुभक ककी गई थरी, कये भक्रियद्वान्वयन कहो अभग्रम आदयेशक्षों तक कये ललियये स्थभगत कर भदयद्वा। शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं प्रबन्धक दद्वारद्वा मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये आदयेश भदनद्वावंक 18-8-99 जहो उनकये हस्तद्वाकर प्रमद्वाणरीकरण कये भनरस्तरीकरण सये सवंबवंलधत थद्वा , कये भवरूद्ध मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय, इलिद्वाहद्वाबद्वाद मम यहोलजत स्पयेशलि अपरीलि सख्यद्वा 989/99 मम पद्वाररत आदयेश भदनद्वावंक 12-10-99 दद्वारद्वा यथद्वाकस्थभत बहद्वालि रहनये कद्वा आदयेश पद्वाररत हहआ , सवंयतुक भशकद्वा भनदयेशक बस्तरी, मण्रलि बस्तरी कये आदयेश भदनद्वावंक 22-9-99 कद्वा भक्रियद्वान्वयन स्थभगत हहो जद्वानये कये कद्वारण मद्वा०उ 0 न्यद्वा० इलिद्वाहद्वाबद्वाद मम दद्वालखिलि स्पयेशलि अपरीलि 989/99 पर पद्वाररत ओदश भदनद्वावंक 12-10-99 कये अनतुपद्वालिन मम प्रबन्धककीय यथद्वाकस्थभत लज०भव०भन० कद्वायद्वारलिय बस्तरी कये पत्र , पत्रद्वावंक सवं0-7458-68/99-2000 भदनद्वावंक 2-12-99 दद्वारद्वा शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं कहो पतुनशः अध्यक /प्रबन्धक/कहोरद्वाध्यक कये पद पर बहद्वालि कर
भदयद्वा गयद्वा। लजलिद्वा शद्वासककीय अलधवकद्वा (लसभवलि) नये अपनरी भवलधक रद्वाय भदनद्वावंक 1-6-2000 दद्वारद्वा शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं कहो बततौर अध्यक / प्रबवंधक / कहोरद्वाध्यक मद्वान्य भकयये जद्वानये कद्वा परद्वामशर भिरी तत्कद्वालिरीन लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक बस्तरी दद्वारद्वा प्रद्वाप्ति भकयद्वा गयद्वा हहै। लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये आदयेश भदनद्वावंक 2-12-99 कये भवरूद्ध शरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वावं दद्वारद्वा पतुनशः एक ररट भपटरीशन नवंबर 16464/2000 यहोलजत कर दरी गई, लजसमम पद्वाररत मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये आदयेश भदनद्वावंक 19-4-2000 कये प्रस्तर (9) मम भदनद्वावंक 11-10-99 एव 15-10-99 कद्वा आदयेश वहैकये ट हहो जद्वानये कये कद्वारण भदनद्वावंक 22-9-99 कद्वा भक्रियद्वान्वयन प्रभिद्वावरी हहो गयद्वा। अतशः भवदद्वालिय पर भदनद्वावंक 20-5-2000 कहो पतुन प्रशद्वासक भनयतुक कर भदयद्वा गयद्वा। इस प्रकद्वार शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ भदनद्वाक 26-2-1999 सये 18-4-2000 तक लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी दद्वारद्वा मद्वान्य प्रबवंधक / अध्यक / कहोरद्वाध्यक रहये हह और इस बरीच उनकये दद्वारद्वा भशककक्षों /कमरचद्वाररयक्षों कये वयेतन दयेयकहो एववं अन्य लियेखिक्षों पर बततौर अध्यक/प्रबवंधक/कहोरद्वाध्यक हस्तद्वाकर भकयये गयये हह, लजसये भवभिद्वाग दद्वारद्वा मद्वान्य भकयद्वा गयद्वा हहै। भशककक्षों ककी पदहोन्नभतयद्वावं भिरी ककी गई हहै, लजन्हये तत्कद्वालिरीन लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक दद्वारद्वा भदनद्वावंक 17.04.2002 एववं 05.08.2002 कहो अनतुमहोभदत करतये हहयये स्वरीकद्वार भकयद्वा गयद्वा हहै। तथद्वा भदनद्वावंक 30.06.2001 कहो शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं ककी प्रबन्ध सभमभत दद्वारद्वा शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि कद्वा प्रस्तद्वाव प्रधद्वानद्वाचद्वायर पद कये ललियये भकयद्वा गयद्वा हहै लजसये लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक बस्तरी दद्वारद्वा मद्वान्य करतये हहयये भदनद्वावंक 02.07.2001 कहो शरी अलिरी हसन सम्पतुलि कद्वा हस्तद्वाकर बततौर प्रधद्वानद्वाचद्वायर प्रमद्वाभणत भकयद्वा गयद्वा हहै। शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं दद्वारद्वा मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय मम यहोलजत स्पयेशलि अपरीलि सवंख्यद्वा 957 989, 991 एववं 370/2000 मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये आदयेश भदनद्वावंक 28-2-2001 दद्वारद्वा खिद्वाररज कर दरी गई हहै एववं मद्वाननरीय एकलि परीठ कये भनणरय भदनद्वावंक 18-8-99 कहो बहद्वालि कर भदयद्वा गयद्वा हहै। इस आदयेश कये भवरूद्ध शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं नये मद्वाननरीय सवर्वोच्च न्यद्वायद्वालिय मम एस०एलि०परी० सख्यद्वा 10999-1100/2001 यहोलजत कर भदयद्वा गयद्वा, लजसये मद्वाननरीय सवर्वोच्च न्यद्वायद्वालिय नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 20-7-2001 दद्वारद्वा खिद्वाररज कर भदयद्वा हहै। कद्वालिद्वान्तर मम तत्कद्वालिरीन सवंयतुक भशकद्वा भनदयेशक , बस्तरी मण्रलि, बस्तरी नये अपनये
आदयेश भदनद्वावंक 10-1-2003 दद्वारद्वा शरी मतुश्तद्वाक आहमद खिद्वावं ककी प्रबन्ध सभमभत कहो मद्वान्य कर ललियद्वा, लजसकये अनतुपद्वालिन मम लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी नये भदनद्वावंक 13-1-2003 कहो शरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वावं कहो अध्यक/प्रबवंधक कये रूप मम नमड्यूनये कद्वा हस्तद्वाकर प्रमद्वाभणत कर भदयद्वा, लजसकये भवरूद्ध शरी हमरीदतुलद्वाह खिद्वावं नये मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय मम एक ररट यद्वाभचकद्वा सख्यद्वा 5175/2003 यहोलजत कर भदयद्वा और इस यद्वाभचकद्वा मम पद्वाररत मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये आदयेश भदनद्वावंक 23-2-2004 दद्वारद्वा शरी मतुश्तद्वाक अहमद ककी प्रबवंधक पद ककी दद्वावयेदद्वाररी कहो खिद्वाररज कर भदयद्वा गयद्वा और लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक , बस्तरी नये भदनद्वाक 28-2-2004 कहो प्रशद्वासक पद कद्वा कद्वायरभिद्वार ग्रहण कर भदयद्वा। मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये इस आदयेश भदनद्वावंक 23-2-2004 कये भवरूद्ध शरी मतुश्तद्वाक अहमद खिद्वाख नये भवशयेर अपरीलि सवंख्यद्वा 259/2004 यहोलजत कर भदयद्वा हहै, लजसमम मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 12-3-2004 दद्वारद्वा प्रशद्वासक ककी भनयतुभक कहो वहैध ठहरद्वायद्वा हहै। यह यद्वाभचकद्वा सम्प्रभत मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय मम भवचद्वारद्वाधरीन हहै। कद्वालिद्वान्तर मम लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी नये अपनये आदयेश भदनद्वावंक 16-4-2006 दद्वारद्वा शरी मतुश्तद्वाक अहमद कये पक मम भनणरय भदयद्वा , लजसकये भवरूद्ध शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ एववं एक तरीसरये पक शरी अलिद्वाउदरीन नये मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय मम यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 38569/2005 एववं 36703/2005 यहोलजत कर भदयद्वा, लजसमम पद्वाररत मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये आदयेश भदनद्वावंक 05.05.2005 दद्वारद्वा लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक , बस्तरी कये आदयेश भदनद्वावंक 16.04.2005 कहो स्थभगत करतये हहयये भवशयेर अपरीलि सवंख्यद्वा 259/2004 मम पद्वाररत आदयेश कहो उभचत बतद्वायद्वा। सम्प्रभत शद्वासन कये आदयेश भदनद्वावंक 27.09.2005 दद्वारद्वा लजलिद्वालधकद्वाररी, बस्तरी कहो खिहैर इण्टर कद्वालियेज बस्तरी कद्वा प्रशद्वासक भनयतुक भकयद्वा , लजसकये अनतुपद्वालिन मम लजलिद्वालधकद्वाररी , बस्तरी नये प्रशद्वासक कद्वा कद्वायरभिद्वार ग्रहण करतये हहयये भदनद्वावंक 29.11.2005 कहो अपर लजलिद्वालधकद्वाररी (भवक्त्ति एववं रद्वाजस्व) बस्तरी कहो सतौप भदयद्वा, जहो आज भिरी प्रभिद्वावरी हहै। इस प्रकद्वार शरी हमरीदतुलद्वाह खिखॉ भदनद्वावंक 26-2-99 सये 18-4-2000 तक भवभिद्वाग दद्वारद्वा मद्वान्य प्रबवंधक रहये हहै और उनकये दद्वारद्वा प्रस्ततुत वयेतन दयेयकक्षों , भशककक्षों/कमरचद्वाररयक्षों ककी प्रहोन्नभत प्रस्तद्वावक्षों कहो लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक दद्वारद्वा मद्वान्य भकयद्वा गयद्वा हहै और यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि दद्वारद्वा
प्रस्ततुत ललिलखित अभभिकथनक्षों एववं तत्सवंबवंधरी सद्वाक्ष्यक्षों सये स्पष्ट हहै भक वये भदनद्वावंक 11-4-2000 सये अदतन लिगद्वातद्वार भवदद्वालिय मम उपकस्थत हहोकर कद्वायरभिद्वार ग्रहण कर कद्वायररत हह। शरी अलिरी हसन लसम्पतुलि, तत्कद्वालिरीन कद्वायरवद्वाहक प्रधद्वानद्वाचद्वायर कहो हटद्वाकर शरी नसरीबदद्वार, प्रवकद्वा कहो कद्वायरवद्वाहक प्रधद्वानद्वाचद्वायर कये प्रभिद्वार हस्तद्वान्तरण ककी भवलधक कद्वायरवद्वाहरी नहह ककी गई हहै , अभपततु शरी नसरीबदद्वार नये भदनद्वाक 08-6-2003 कहो भवदद्वालिय कद्वायद्वारलिय एववं प्रधद्वानद्वाचद्वायर कक कद्वा तद्वालिद्वा तहोड़कर प्रधद्वानद्वाचद्वायर कद्वा प्रभिद्वार ग्रहण भकयद्वा हहै .
लजससये स्पष्ट हहै भक भवदद्वालिय मम शरी जद्वावयेद इकबद्वालि स०अ० ककी भनयतुभक सये सम्बकन्धत मड्यूलि अभभिलियेखिक्षों कहो जद्वान -बड्यूझकर गद्वायब कर भदयये जद्वानये ककी सवंभिद्वावनद्वा सये इन्कद्वार नहह भकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै। भनयतुभक ककी कद्वायरवद्वाहरी भवलध -सम्मत ककी गई हहै, अतएव अब इस स्तर पर लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कद्वा यह कथन भक भवभनयम 101 कये तहत भनयतुभक ककी पड्यूवद्वारभनतुमभत नहह लिरी गई हहै , मद्वान्य करनये यहोग्य नहह हहै। उलयेखिनरीय हहै भक इण्टरमरीभरएट भशकद्वा अलधभनयम, 1921 ककी धद्वारद्वा 16 छशः अध्यद्वाय तरीन कये भवभनयम 101 कद्वा प्रद्वाभवधद्वान कये वलि भशकणयेतर पदक्षों ककी ररभकयक्षों कये सम्बन्ध मम हरी प्रववृक्त्ति हहै , शहैभकक पदक्षों कये सवंदभिर मम नहह जबभक यद्वाचरी ककी सन्दभिरगत भनयतुभक एलि०टरी० वयेतन क्रिम कये सहद्वायक अध्यद्वापक पद पर ककी गयरी हहै। इस प्रकद्वार वभणरत पररकस्थभतयक्षों मम लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये पत्र भदनद्वावंक 22-12-2008 दद्वारद्वा ललियद्वा गयद्वा भनणरय अनतौभचत्यपड्यूणर हहोनये कये कद्वारण मद्वान्य करनये यहोग्य नहह हहै अतशः पद ककी उपलिब्धतद्वा एववं यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि ककी शहैभकक / प्रभशकण अहरतद्वा एववं अदतन भनयतुभक/कद्वायरस्ततद्वा ककी प्रमद्वाभणकतद्वा कहो पतुभष्टत पद्वातये हहयये शरी जद्वावयेद इकबद्वालि , स०अ० (एलि०टरी०) ककी खिहैर इण्टर कद्वालियेज, बस्तरी मम ककी गई भनयतुभक भवलध सम्मत हहै , और उसमम कहोई भवसवंगभत नहह पद्वायरी गयरी , अतशः प्रबन्धक दद्वारद्वा एलि०टरी० वयेतन क्रिम ककी उपलिब्ध मतौललिक ररभक मम ककी गयरी यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि ककी भनयतुभक कहो स्वरीकद्वार भकयद्वा जद्वातद्वा हहै , तथद्वा लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी कये सवंदभभिरत भनणरय/आदयेश भदनद्वावंक 22-12-2008 कहो एतदद दद्वारद्वा भनस्त करतये हहयये उन्हम (लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक, बस्तरी) कहो आदयेभशत भकयद्वा जद्वातद्वा हहै भक वह यद्वाचरी शरी जद्वावयेद इकबद्वालि, स०अ० (एलि०टरी०) कहो उनककी भनयतुभक कये प्रभत/अप्रहैलि 2009 सये भनयमद्वानतुसद्वार दयेय वयेतनद्वाभद कद्वा भितुगतद्वान सतुभनकश्चत करम।
एतददद्वारद्वा ररट यद्वाभचकद्वा सवंख्यद्वा 1171/2009 मम पद्वाररत मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय कये भनणरय/आदयेश भदनद्वावंक 15.01.2009 कये अऩतुपद्वालिन मम यद्वाचरी (जद्वावयेद इकबद्वालि) दद्वारद्वा प्रस्ततुत प्रत्यद्वावयेदन / अपरीलि भदनद्वावंक 05.01.2009 कहो स्वरीकद्वार करतये हहयये भनस्तद्वाररत भकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
Order dated 15.05.2014 "भनष्करर उपयतुरक तथ्यक्षों कये अध्ययन तथद्वा अनतुशरीलिन सये यह स्पष्ट हहोतद्वा हहै भक यद्वाचरी शरी शककीलि अहमद ककी कलथत भनयतुभक ककी कद्वायरवद्वाहरी कये समय खिहैर इण्टर कद्वालियेज बस्तरी ककी प्रबन्ध सभमभत कद्वा प्रकरण भववद्वाभदत थद्वा तथद्वा मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय मम तत्सम्बन्धरी भवभभिन्न यद्वाभचकद्वायम भवचद्वारद्वाधरीन थरी। उक यद्वाभचकद्वाओवं मम भवभभिन्न पक प्रबन्धक कये रूप मम अपनरी दद्वावयेदद्वाररी कहो प्रस्ततुत कर रहये थये मद्वाननरीय सवर्वोच्च न्यद्वायद्वालिय तथद्वा मद्वाननरीय उच्च न्यद्वायद्वालिय दद्वारद्वा पद्वाररत भनणरयक्षों मम अन्ततशः भवदद्वालिय मम प्रद्वालधकवृ त भनयन्त्रक /प्रशद्वासक भनयतुक भकयये जद्वानये ककी कद्वायरवद्वाहरी कहो वहैध पद्वायद्वा गयद्वा तथद्वा यह भनदरश भदयये गयये भक लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक एववं प्रशद्वासक/प्रद्वालधकवृ त भनयवंत्रक सद्वाधद्वारण सभिद्वा कये सदस्यक्षों ककी वहैधतद्वा कहो भनभणरत करतये हहयये प्रशद्वासन यहोजनद्वा कये प्रद्वाभवधद्वानक्षों कये अनतुरूप प्रबन्ध सभमभत कद्वा गठन करम। इस प्रकद्वार तत्समय भवदद्वालिय ककी प्रबन्ध सभमभत भववद्वादग्रस्त थरी अतशः भनयतुभक जहैसये प्रकरणक्षों कहो सम्पद्वाभदत भकयद्वा जद्वानद्वा उभचत नहरी थद्वा। उक कये अभतररक शरी शककीलि अहमद ककी कलथत भनयतुभक ककी कद्वायरवद्वाहरी इण्टरमरीभरएट भशकद्वा अलधभनयम 1921 ककी धद्वारद्वा 16 चच एववं अध्यद्वाय-2 तथद्वा इसकये अधरीन भनभमरत भवनयमक्षों कये अनतुरूप नहह थरी लजसकद्वा भवस्तवृत उलयेखि ऊपरललिलखित भववयेचनद्वा मम भकयद्वा गयद्वा हहै और न तहो यद्वाचरी दद्वारद्वा स्वयवं ककी कलथत भनयतुभक सये सम्बकन्धत सतुसवंगत तथद्वा पतुष्ट सद्वाक्ष्य हरी प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा। यद्वाचरी दद्वारद्वा मद्वात्र तत्कद्वालिरीन प्रधद्वानद्वाचद्वायर दद्वारद्वा जद्वाररी अपनरी कद्वायररततद्वा कद्वा प्रमद्वाण पत्र हरी प्रस्ततुत भकयद्वा गयद्वा हहै। भकन्ततु इससये भनयतुभक ककी प्रकवृ भत आभद स्पष्ट नहह हहोतरी। यद्वाचरी दद्वारद्वा स्वयवं ककी भनयतुभक सये सम्बकन्धत कहोई पतुष्ट प्रमद्वाण प्रस्ततुत नहह भकयद्वा गयद्वा, जबभक भवदद्वालिय दद्वारद्वा यद्वाचरी ककी कलथत भनयतुभक सये सम्बकन्धत भकसरी भिरी प्रकद्वार कद्वा अभभिलियेखि भवदद्वालिय मम उपलिब्ध न हहोनद्वा बतद्वायद्वा गयद्वा हहै तथद्वा यह भिरी अवगत करद्वायद्वा गयद्वा भक भवदद्वालिय ककी उपकस्थभत पवंलजकद्वा मम जतुलिद्वाई 2000 सये अदद्वावलध तक ककी उपकस्थभत पवंलजकद्वा मम यद्वाचरी कये हस्तद्वाकर नहह हहै। उकद्वानतुसद्वार यद्वाचरी शरी शककीलि अहमद ककी कलथत भनयतुभक इण्टरमरीभरएट भशकद्वा अलधभनयम 1921 ककी धद्वारद्वा 16 चच एववं अध्यद्वाय-2 एववं उसमम प्रद्वाभवधद्वानक्षों कये अनतुरूप न हहोनये तथद्वा भवदद्वालिय ककी प्रबन्ध सभमभत भववद्वाभदत हहोनये कये कद्वारण भवलधमद्वान्य नहह हहै। भनणरय यद्वाचरी शरी शककीलि अहमद दद्वारद्वा प्रस्ततुत अभभिकथनक्षों/लजलिद्वा भवदद्वालिय भनररीकक बस्तरी दद्वारद्वा प्रस्ततुत आख्यद्वा/तत्सम्बन्धरी पत्रजद्वात एववं प्रशद्वासक/प्रधद्वानद्वाचद्वायर खिहैर इण्टर कद्वालियेज बस्तरी दद्वारद्वा प्रस्ततुत अभभिकथनक्षों/सड्यूचनद्वाओवं एववं सवंयतुक भशकद्वा भनदयेशक बस्तरी मण्रलि बस्तरी दद्वारद्वा उपलिब्ध करद्वायये गयये कद्वायद्वारलियरी पत्रद्वावलिरी कये अवलिहोकन /अनतुशरीलिन सये स्पष्ट हहै भक यद्वाचरी शरी शककीलि अहमद ककी भनयतुभक /चयन ककी कद्वायरवद्वाहरी इण्टरमरीभरएट भशकद्वा अलधभनयम - 1921 ककी धद्वारद्वा 16 चच एववं अध्यद्वाय-2 एववं इसकये अधरीन भनभमरत भवभनयमक्षों कये अन्तगरत
न हहोनये एववं तत्समय प्रबन्ध सभमभत भववद्वाभदत हहोनये ककी कस्थभत मम यद्वाचरी शरी शककीलि अहमद ककी कलथत भनयतुभक भनयमद्वानतुकड्यू लि न हहोनये कये कद्वारण स्वरीकद्वार भकयये जद्वानये यहोग्य नहह हहै। अतशः उपरहोकद्वानतुसद्वार शरी शककीलि अहमद कद्वा प्रत्यद्वावयेदन /अपरीलि भदनद्वावंक 10.07.2012 एववं प्रत्यद्वावयेदन /अपरीलि भदनद्वावंक 31.10.2012/पत्र रलजस्टरर भदनद्वावंक 05.11.2012 भनयमद्वानतुकड्यू लि न हहोनये कये कद्वारण भनरस्त करतये हहयये भनस्तद्वाररत भकयद्वा जद्वातद्वा हहै।" 3. Sri Lal Mani, learned counsel for respondent on basis of above referred document has not able to contradict the submission on contrary orders on same set of facts. 4. In the aforesaid circumstances, impugned order dated 15.05.2014 is set aside and matter is remitted to concerned respondent to pass a fresh order. 5. The petitioner will submit relevant document including the above referred order dated 06.04.2009, within two weeks and thereafter the concerned respondent will pass order, taking note of above referred orders within a short period and in case, there is any other legal impediment, the same shall be informed to the petitioner. 6. Accordingly, writ petition is disposed of with aforesaid observation.
Order Date :- 23.5.2025 P. Pandey Digitally signed by :- PUSHPENDRA PANDEY High Court of Judicature at Allahabad