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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 48270 (ALL)
SMT. SUDESH AND ANOTHER v. STATE OF U.P.
NABAIL/3451/2025 · 2025-05-21
Gautam Chowdhary
Public Interest Litigationbody2025
[ 2025 DAILYLAW 48270 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:87078 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3451 of 2025 Applicant :- Smt. Sudesh And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ashish Tyagi,Kapil Tyagi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदकगर शश्रीमरश्री ससुदवेश एवव गगरश्रीश ससवह ककी ओर सवे मसु०अ०सव० 137 सनन् 2025, अन्रगरर धमारमा 85/ 80 बश्री.एन.एस. 2023 एवव 3/4 दहवेज प्रगरषवेध असधगनयम, रमानमा गपलखसुवमा, सजलमा हमापसुड़ मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉग कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा गयमा हहै गक गगरफ्रमारश्री ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदकगर कवे गवदमान असधवकमा एवव गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा जय गकशन चचौरससयमा कको ससुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा।
3. आववेदकगर कवे गवदमान असधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदकगर गनदर्दोष हहै, उसवे उपरकोक धमारमाओव मम दवेषवश रवग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा गयमा हहै , उसवे आशवकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेदकगर कमा ककोई आपरमासधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदकगर कवे गवरूद्ध अभश्री रक ककोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई गयश्री हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेदकगर गवचमारर और जमॉच कवे दचौरमान सहयकोग करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेगमा एवव आववेदकगर ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोग करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोगश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खसुद कको उपलब्ध करमाएगमा और उन सभश्री शरर्दोव कको सवश्रीकमार करनवे कवे सलए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोगपर करवेगश्री।
4. गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा दमारमा आववेदकगर कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा गयमा गक आववेदकगर दमारमा कमाररर अपरमाध गवभश्रीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवव पररणसरगरययों कको दृगष्टिगर रखरवे हहयवे अगभयसुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा गयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और गवभश्रीररमा, आरकोपश्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमागनवे ककी सवभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपश्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभश्री समामग्रिश्री कमा समावधमानश्री सवे मनूल्यमावकन करनमा चमागहए और आरकोपश्री ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भश्री गवचमार करनमा चमागहए।
6. जहमाव रक आववेदक सवख्यमा 2 गगरश्रीश ससवह कमा सवबवध हहै, गनम्नसलसखर आदवेश पमाररर गकयमा जमा रहमा हहै:-
7. पररवमादश्री कवे गवदमान असधवकमा एवव गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा दमारमा अगभयसुकगर कवे अगग्रिम जममानर कमा गवरकोध कररवे हहए यह रकर प्रसरसुर गकयमा गयमा गक इस ममामलवे मम अगभयसुकगर दमारमा मकरकमा सवे अगरररक दहवेज ककी ममावग ककी गयश्री और दहवेज ककी पनूगरर न हकोनवे पर उसकको ममानससक व शमारश्रीररक रूप सवे प्ररमागड़र गकयमा गयमा , सजसकवे कमारर मकरकमा दमारमा कसरर घटनमा कमाररर ककी गयश्री। गवसध व्यवसरमा प्रगरभमा मनचन्दमा बनमाम हररयमानमा रमाज्य AIR 2023 SC 3307 मम ममाननश्रीय न्यमायमालय नवे यह अगभगनधमारररर गकयमा हहै गक व्यगकगर सवरवतरमा महत्वपनूरर हहै, परन्रसु न्यमायमालय दमारमा अगग्रिम जममानर प्रदमान गकयवे जमारवे वक इस रथ्य कको भश्री दृगष्टिगर रखनमा चमागहयवे गक ममामलवे सवे सवबवसधर अपरमाध ककी क्यमा गवभश्रीररमा हहै ररमा उसकमा सममाज पर क्यमा प्रभमाव पण्डिवेगमा। इस ममामलम मम गवचमारर न्यमायमालय दमारमा समसर रथ्ययों कमा समग्रि पररशश्रीलन कको दृगष्टिगर रखरवे हहए उगचर आदवेश पमाररर गकयमा गयमा हहै, इस प्रश्नगर आदवेश मम हसरक्षिवेप गकयवे जमानवे ककोई औगचत्य नहहीं हहै। उनकमा यह भश्री रकर हहै गक अगभयसुकगर दमारमा कमाररर अपरमाध गवभश्रीर प्रकक गर कमा हहै ररमा अगभयसुकगर कमा अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत गनरसर गकयवे जमानवे यकोग्य हहै।
8. उभय पक्षियों कवे गवदमान असधवकमागर कको ससुननवे और वररममान आववेदन मम गकए गए करनयों पर गवचमार करनवे कवे उपरमावर , यह न्यमायमालय इस रमाय पर हहै गक आववेदकगर कवे गवदमान असधवकमा दमारमा अगग्रिम जममानर दवेनवे कवे सलए ककोई उपयसुक एवव पयमारप्त आधमार प्रसरसुर नहहीं गकयमा गयमा हहै।
9.
रदनसुसमार, आववेदक गगरवेश ससवह कमा यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत गनरसर गकयमा जमारमा हहै।
10. हमालमावगक, आववेदकगर कवे सलए सवबवसधर गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्षि गनयगमर जममानर आववेदन पत प्रसरसुर करनवे कवे सलए सवरवतरमा हहै।
11. जहमाव रक आववेदक सवख्यमा 1 शश्रीमरश्री ससुदवेश कमा सवबवध हहै, गनम्नसलसखर आदवेश पमाररर गकयमा जमा रहमा हहै:-
12. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सवबवधश्री गवसध कवे सरमागपर ससद्धमावरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान असधवकमाओव कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर , आववेगदकमा ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्ययों एवव पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे गसुर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। चनूगक आववेगदकमा एक मगहलमा हहै इससलए उसवे धमारमा 437 ए कमा लमाभ गदवेयमा जमा सकरमा हहै। रद्नसुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै।
13. उपरकोक मसुकदममा अपरमाध सवख्यमा मम सणम्मसलर आववेगदकमा ककी गगरफ्रमारश्री ककी दशमा मम, उसवे सवबवसधर रमानवे कवे भमारसमाधक असधकमारश्री ककी सवरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकगर बवध पत एवव उसश्री धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रसरसुर करनवे पर , (दणण्डि प्रगक्रियमा सवगहरमा ककी धमारमा 173 (2) कवे रहर पसुसलस आरकोप पत दमासखल गकए जमानवे रक ) गनम्न शरर्दो कवे अधश्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएगमा :- 14- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हकोगश्री रको पसुसलस असधकमारश्री दमारमा जमॉच हवेरसु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेगश्री। 15- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसश्री व्यगक यमा पसुसलस असधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेगश्री सजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसश्री पसुसलस असधकमारश्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 16- आववेगदकमा गवववेचनमा एवव गवचमारर कवे दचौरमान सहयकोग करमगवे और जममानर ककी सवरवतरमा कमा दसुरूपयकोग नहहीं करवेगश्री। उपरकोक शरर्दो कवे उलवघन ककी णसरगर मम गवववेचनमासधकमारश्री /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेगदकमा कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरश्रीकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरवतरमा हकोगश्री। Order Date :- 22.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad