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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 48234 (CHH)

JAGESHWAR SINGH RAJ v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/2195/2025 · 2025-11-13

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) 2025:CGHC:55719 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक अपु ल क्रमां"क -2195 /2025 1. जगश्वेर सिंस"ह रज (आदाश-पुत्र क मांखपु3ष्ठ पुर नामां रजश्वेर रज सिंसदार गल रूपु स उति7सिंख ह8 गया ह9), तिपु-र"ग;रज सिंसदार, उम्र-लगभग 58 वेर्ष@, तिनावेस -दावेरमांल, हस ल-सक्तीB, सिंजल-सक्तीB, छत्ती सगढ़ -----अपु लर्थीD/अतिभयाक्ती तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुसिंलस र्थीना-सक्तीB, सिंजल-सक्तीB, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लर्थीD/अतिभयाक्ती द्वार : सश्री जह जयासवेल, असिंJवेक्ती । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री एच.ए.पु .एस. भतिNया, पु9नाल असिंJवेक्ती । मांनाना या न्यायामां;ति@ श्री स"जया क मांर जयासवेल , न्यायाJ श !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 14/11/2025 1. Jर 14(क)( ) ii अनास;तिच जति एवे" अनास;तिच जनाजति (अत्याचर तिनावेरण) असिंJतिनायामां, 1989 (सिंजस आग स"क्षेपु मांV "तिवेशर्ष असिंJतिनायामां" कह गया ह9) क अ"ग@ POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.11.14 18:29:29 +0530 2 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) प्रस् अपु ल मांV अपु लर्थीD/अतिभयाक्ती जगश्वेर सिंस"ह रज क8 पुसिंलस र्थीना-सक्तीB, सिंजल- सक्तीB, छत्ती सगढ़ क अपुरJ क्रमां"क-214/2025 अ"ग@ Jर 296, 351(3), 115(2), 333, 74, 303(2), 111, 117(2), 424(4)(5), 61(2)( ), 190(2), a 310(2) भर या न्याया स"तिह, 2023 र्थी तिवेशर्ष असिंJतिनायामां कB Jर 3(1)()(1), 3(1)(दा)(J), 3(2)(क) क मांमांल मांV तिनायातिमां जमांना दाना क तिनावेदाना तिकया गया ह9 । उसक तिनायातिमां जमांना आवेदाना क8 तिवेचरण न्यायालया द्वार तिदाना"क-07/10/2025 क8 तिनारस् कर तिदाया गया । सिंजस आदाश क8 इस अपु ल मांV चना] दा गई ह9 । 2. अतिभलख स याह थ्या स्पुष्ट ह8 ह9 तिक रज सरन्द्र हदार सिंस"ह क तिनाJना मांह अप्र9ल, 2025 मांV ह8 चक ह9, सिंजनाकB पुत्ना ग दावे हb । प्रसिंर्थी@या क पुति Jमांc"द्र सिंस"ह (ज8 वे@मांना मांV जनापुदा पु"चया सदास्या हb) क8 स्वेगDया रज सरन्द्र हदार सिंस"ह द्वार ग8दा सिंलया गया र्थी । उक्ती ण्डिस्र्थीति अनासर प्रसिंर्थी@या क8 रज सरन्द्र हदार सिंस"ह कB पुत्रवेJ कह गया ह9 । 3. अपु लर्थीD/अतिभयाक्ती क8 ग दावे क समांर्थी@क या गया ह9 । उभयापुक्षे क8 सनाना र्थी अतिभलख क अवेल8कना तिकए जना क उपुर" याह थ्या भ पुरिरलतिक्षे ह8 ह9 तिक 'पु ल मांहल' स स""सिंJ तिवेवेदा उभयापुक्षे क मांध्या तिवेग लम् समांया स तिवेद्यमांना ह9, सिंजसक करण उनाक मांध्या अनाक दा वेना एवे" आपुरसिंJक प्रकरण न्यायालयाg मांV तिवेचरJ ना हb । 4. अतिभया8जना क मांमांल इस आशया क ह9 तिक तिदाना"क-25/06/2025 क8, ज प्रसिंर्थी@या ‘पु ल मांहल’ पुरिरसर मांV दा8पुहर क समांया रतिरमां सिंसदार, नासिंसर हjस9ना एवे" ब्रजरज नामां सतिह अन्या व्यातिक्तीयाg स मांलक कर रह र्थी , उस समांया लगभग 03:00 ज सहअतिभयाक्ती रज क मांर अग्रवेल, रजश शमां@, अपु लर्थीD अमां"क ज8श र्थी उनाक सर्थी 3 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) 15 स 20 अन्या व्यातिक्ती चरपुतिहया वेहना स वेह" पुहj"च र्थी दारवेज़े क ल 8ड़कर अ"दार घुस आए । उक्ती व्यातिक्तीयाg द्वार प्रसिंर्थी@या एवे" उपुण्डिस्र्थी अन्या व्यातिक्तीयाg क8 मांq-हना कB अश्ल ल गसिंलयाq दा गई", प्रसिंर्थी@या क8 जतिस;चक एवे" अश8भना या शब्दाg क प्रया8ग कर हjए Jमांकया गया तिक 'सल गg ना आतिदावेस , ; इस घुर स हर तिनाकल ज, नाहs 8 जना स मांर दाVग और र सर्थी क्या-क्या करVग, ; स8च भ नाहs सक ।' प्रसिंर्थी@या द्वार तिवेर8J तिकए जना पुर अमां"क ज8श ना प्रसिंर्थी@या क शर र क अ"गg क8 स्पुश@ कर लbतिगक हमांल तिकया । उन्हgना " स मांरपु N कB, सिंजसक फलस्वेरूपु रतिरमां सिंसदार, नासिंसर हjस9ना एवे" ब्रजरज नामां क8 शर रिरक च8NV आई" । इस सम्पु;ण@ घुNना क8 तिवेनाया यादावे ना भ दाख । इसक अतिरिरक्ती, प्रसिंर्थी@या क दा8 मां8इल फ8ना, स8ना कB सिंलया" र्थी उसक पुति क जमांना ह सरतिक्षे रख गए ₹3,00,000/- कB रतिश च8र कर ल गई । मांहल क दारवेज़े, सिंखड़तिकयाq, अलमांरिरयाq, क सिंस@याq आतिदा मांV 8ड़फ8ड़ कB गई र्थी मां8Nरसइतिकल क8 भ क्षेतिग्रस् तिकया गया । प्रसिंर्थी@या, ज8 तिक गg जति कB सदास्या ह9 एवे" अनास;तिच जनाजति वेग@ मांV आ ह9, क8 जतिग अपुमांनाजनाक गसिंलयाq दा गई" र्थी उक्ती घुNनाक्रमां क दा]रना उसक सर्थी लbतिगक हमांल एवे" मांरपु N भ कB गई । प्रसिंर्थी@या कB रिरपु8N@ पुर र्थीना-सक्तीB, सिंजल-सक्तीB, छत्ती सगढ़ द्वार तिदाना"क 26/06/2025 क8 अपुरJ क्रमां"क- 214/2025 पु"ज द्घ कर, भर या न्याया स"तिह, 2023 कB Jर 296, 351(3), 115(2), 333, 74, 303(2), 61(1)( ), 191(2) a क अ"ग@ अपुरJ कयामां तिकया गया । अनास"Jना क दा]रना Jर-3(1)()(1), 3(दा)(J), 3(2)(क) "तिवेशर्ष असिंJतिनायामां" क अपुरJ ज8ड़ गया ह9 । 4 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) 5. अपु लर्थीD/आवेदाक क तिनायातिमां जमांना आवेदाना पुर उसक तिवेद्वाना असिंJवेक्ती द्वार क@ तिदाया गया ह9 तिक उस सिंसफ@ ग दावे क समांर्थी@क ह8ना क करण झू;ठ फ" स गया ह9 । उसक नामां प्रर्थीमां स;चना पुत्र, Jर-161 एवे" Jर-164 व्यावेहर प्रतिक्रया स"तिह मांV भ उ7सिंख नाहs ह9 । अपु लर्थीD स्वेया" अनास;तिच जति क सदास्या ह9 । अपु लर्थीD स क8ई जब् नाहs या गया ह9 । याह भ क@ तिदाया गया तिक प्रसिंर्थी@या क पुति Jमांc"द्र सिंस"ह, ज8 तिक जनापुदा पु"चया क सदास्या ह8कर एक प्रभवेशल व्यातिक्ती ह9, उस क प्रभवे मांV आकर उसक तिवेरूद्घ झू;ठ मांमांल पु"ज द्घ तिकया गया ह9 । इस घुNना स स""सिंJ अन्या सह– अतिभयाक्तीगण क8 इस न्यायालया द्वार पु;वे@ मांV तिनायातिमां जमांना प्रदाना तिकया गया ह9, अपु लर्थीD क मांमांल उनास तिभन्न नाहs ह9 । अपु लर्थीD तिदाना"क-01/10/2025 स न्यातियाक अतिभरक्षे मांV हb । मांमांल कB ज"च और तिवेचरण मांV समांया लगना स"भतिवे ह9 । ऐस दाश मांV, अपु ल स्वे कर कर उस तिनायातिमां जमांना प्रदाना तिकया जए । 6. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वाना असिंJवेक्ती ना अपु ल क तिवेर8J कर हjए क@ तिदाया ह9 तिक प्रर्थीमां स;चना पुत्र क पुरिरश लना स ह स्पुष्ट ह8 ह9 तिक प्रसिंर्थी@या क सर्थी ना क वेल जतिस;चक अपुमांनाजनाक शब्दाg क प्रया8ग कर गल -गल]ज कB गई ह9, अतिपु उसक सर्थी लbतिगक हमांल एवे" मांरपु N भ कB गई र्थी जना स मांरना कB JमांकB दा हjए उसक तिनावेस ‘पु ल मांहल’ मांV 8ड़फ8ड़ कB गई ह9 । आह रतिरमां सिंसदार क पुसिंलस कर्थीना मांV अपु लर्थीD कB स"सिंलप्त प्रर्थीमांदृष्टया मांमांल दातिश@ ह8 ह9 । इससिंलए तिवेशर्ष असिंJतिनायामां कB Jर-18 आकतिर्ष@ ह8ना स अपु लर्थीD/आवेदाक क तिनायातिमां जमांना स्वे कर तिकए जना या8ग्या नाहs ह9 । अ• जमांना स""J प्रस् अपु ल खरिरज तिकया जए । 7. उभयापुक्षे क क@ श्रीवेण तिकया र्थी अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरश लना तिकया गया । 5 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) 8. स"पु;ण@ क पुरिरश लना स याह स्पुष्ट ह9 तिक ग दावे क अपुना पुति स्वेगDया रज सरन्द्र हदार सिंस"ह स भ सम्पुसिंत्ती तिवेवेदा कB ण्डिस्र्थीति रह ह9 । इस प्रकर, ग दावे क प्रसिंर्थी@या और उसक पुति Jमांc"द्र सिंस"ह स भ सम्पुसिंत्ती क8 लकर तिवेवेदा कB ण्डिस्र्थीति ह9 । अपु लर्थीD क8 ग दावे क समांर्थी@क या गया ह9 । उभयापुक्षे क मांध्या सम्पुसिंत्ती स""J अनाक दा वेना और आपुरसिंJक मांमांल ल"ति हb र्थी पुरस्पुर एक दा;सर क सिंखलफ तिशकयाV प्रस् कB ज रह हb । 9. अपु लर्थीD/आवेदाक तिदाना"क-07/10/2025 स न्यातियाक अतिभरक्षे मांV हb । उसक नामां प्रर्थीमां स;चना पुत्र मांV भ उ7सिंख नाहs ह9 । उसक मांमांल जमांना पुर रिरह तिकए गया सह अतिभयाक्ती Nकच"दा जयासवेल, स"दारलल जयावेल, कन्ह यादावे, सना ल यादावे एवे" भस्कर तिमांल"ग स तिभन्न नाहs ह9 । मांमांल क तिवेचरण मांV समांया लगना स"भतिवे ह9 । इना थ्याg क8 दृतिष्टग रख हjए उस तिनायातिमां जमांना पुर रिरह तिकया जना उतिच पुया ज ह9 । 10. अ• अपु लर्थीD/आवेदाक जगश्वेर सिंस"ह रज द्वार प्रस् तिनायातिमां जमांना आवेदाना स""J अपु ल स्वे कर कB ज ह9 । उसक तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर आदाश अपुस् तिकया ज ह9 । 11. अपु लर्थीD/आवेदाक जगश्वेर सिंस"ह रज दाण्डिक प्रकरण क तिनारकरण क स""सिंJ न्यायालया मांV अपुना तिनायातिमां उपुण्डिस्र्थीति ह ₹25,000/- (पुच्च स हजर रुपुया) क मांचलक एवे" उना ह रतिश क सक्षेमां जमांनादार प्रस् करV 8 उस जमांना पुर रिरह तिकया जए । 6 / 6 (Cr. A. No.-2195 of 2025) 12. रसिंजस्N• क8 तिनादाcतिश तिकया ज ह9 तिक इस आदाश कB प्रतिसिंलतिपु यार्थीश घ्र तिवेचरण न्यायालया क8 स;चनार्थी@ वे अनापुलनार्थी@ प्रतिर्ष कB जए । सह /- (स"जया क मांर जयासवेल) न्यायाJ श पो मन