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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 4776 (ALL)
RADHESHYAM v. STATE OF U.P.
BAIL/502/2025 · 2025-07-24
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 4776 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:123714 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 502 of 2025 Applicant :- Radheshyam Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rameshwar Prasad Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A.,Mahendra Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रमाधवेश्यमाम ककी ओर सवे ममु०अ०स० 260/2023, अन्रररर धमारमा 323/ 324/ 325/ 452/ 506/ 308/ 504 भमा.दद.सद., रमानमा उघघैरत, जजलमा बदमाययद मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हघै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवद कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलत कमा पररशतलन ककयमा।
3.
आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झयठमा फद समायमा रयमा हघै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हघै। आववेदक कमा ररमाकजरर घटनमा सवे ककोई, वमास्रमा अरवमा सरकोकमार नहहीं हघै। आववेदक दमारमा ररमाकजरर वमाद कवे वमादत व भमाई कवे समार घर मम घमुसकर रमालत रललौज , ममारपतट व जसर मम घमारक चकोट नहहीं पहहदचमाई रयत हघै। एफ०आई०आर० घटनमा कवे कमाफकी कवलम्व सवे व कमाफकी सकोच समझकर कमानयनत मशकवरमा लवेकर जलखमाई रयत हघै। बयमान चश्मदतदत रवमाह शतमरत रमुडडडको नवे करन ककयमा कक "कदनमादक 28-11-2023 कको पमुरमानत रदजजश कवे कमारर शमाम करतब 6-7 बजवे ककी बमार हघै रमादव नन्दरमाम पमुत समाजलररमाम, पयरन लमाल, रमाधवेश्यमाम व समुरवेन्द्र पमुत नन्दरमाम हममारवे घर कवे अददर घमुस आयवे। उनकवे हमारथों मम लकोहवे ककी रमाण्डि सब्बल व फमावण्डिमा रमा। घर मम आरवे हत उन्हकोनवे मवेरवे पकर चलौखवेलमाल पर पयरन नवे लकोहवे ककी रमाण्डि व रमाधवेश्यमाम नवे फमावण्डिवे सवे वमार कर कदयमा रमा। मवेरवे दवेवर बबृजमकोहन नवे उन्हम बचमानवे कमा प्रयमास ककयमा रको समुरवेन्द्र नवे बबृजमकोहन कवे जसर मम व सतनवे मम व मवेरवे दवेवर कवे जसर व दमायवे हमार मम भत चकोट आयत रत जजसकमा मवेकण्डिकल परतक्षर व एक्सरवे करमानवे सवे मवेरवे दवेवर कवे दमायवे हमार ककी हण्डिण्डित टयटत पमायत रयत। " उक्त बयमान अवलकोकन सवे स्पष हघै कक ररमाकजरर घटनमा मम आववेदक कको फमावण्डिवे सवे वमार करनवे कमा करन ककयमा रयमा हघै। जबकक कचककत्सतय ररपकोटर कवे अनमुसमार मजरूब कको आनवे वमालत चकोट फमावडवे ककी नहहीं हघै। इसप्रकमार ररमाकजरर घटनमा कमाररर करनवे ककी ममुख्य भयकमकमा समुरवेन्द्र ककी हघै। पमुननः उनकमा करन हघै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हघै कक वह कमानयन ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रघैयमार हघै और जब भत आवश्यकरमा हकोरत वह ईममानदमारत सवे अदमालर कवे
समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभत शरथों कको स्वतकमार करनवे कवे जलए भत रघैयमार हघै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरत। आववेदक कनदर्दोष हघै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 05.12.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हघै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड कदयमा जमाय।
4.
कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भतर प्रकबृ कर कमा हघै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
5. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलत पर उपलब्ध समारवमान रथ्यथों एवद पररणस्रकरयथों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबयरथों ककी प्रकबृ कर और ककसत भत ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रत ककी अनमुपणस्रकर एवद उपलब्ध समामग्रत सवे छवेडछमाड ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरत रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हघै।
6. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परत ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष पर व्यकक्तरर बदध -पत एवद उसत धनरमाकश कवे दको प्रकरभय प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परतक्षर कवे दलौरमान अकभयकोजन समाक्ष्यथों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षयथों व पतकडरमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशथों कमा पमालन करवेरत, वह परतक्षर कवे दलौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परतक्षर मम ईममानदमारत सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपयकोर नहत करवेरमा और ककसत भत अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कबृ त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यथों सवे पररकचर ककसत भत व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयथों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हत उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यथों कको उजमारर करनवे सवे कवरर
रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे ककसत कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परतक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हघै। Order Date :- 25.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad