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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 47257 (ALL)
SUBHASH v. STATE OF U.P.
BAIL/13447/2025 · 2025-05-14
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 47257 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:80423
Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 13447 of 2025 Applicant :- Subhash Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- G.A.,Raj Kumar Mishra,Sanjay Shukla Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक ससुभमाष ककी ओर सवे मसु०अ०स० 283/2018, अन्रररर धमारमा 302 भमा०ददं०वव० रमानमा वपलखसुआ, जजलमा हमापसुड़ मम जममानर पर मसुक्त करनवे हवेरसु प्रस्रसुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा एवदं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको ससुनमा ररमा पत्रमावलली कमा पररशलीलन वकयमा।
3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रसुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवदं फजर्जी ढदंर सवे झझूठमा फदं समायमा रयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 28.06.2018 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै। आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे न्यमायमालय कको अवरर करमायमा वक इस वमाद सवे सदंबदंजधर सत्र परलीक्षर मम रथ्य कवे रवमाह कमा सत्र परलीक्षर हको चसुकमा हहै ररमा आववेदक दमारमा समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाण्डि व रवमाहयों कको ण्डिरमानवे धमकमानवे ककी सदंभमावनमा नजर नहहीं आ रहली हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे अपनवे रकर कवे समररन Indrani Pratim Mukerjea Vs. Central Bureau of Investigation and another passed in Special Leave to Appeal (Crl.) No. 1627 of 2022 to submit that prolonged incarceration of a person as an under trial is against his fundamental rights under Article 21 of the Constitution of India. मम ममाननलीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा प्रवरपमावदर ववजध-व्यवस्रमा ककी ओर न्यमायमालय कमा ध्यमान आकक ष्ट वकयमा।
4. ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे जममानर कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रसुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदंदंजवेय एदंव रदंभलीर प्रकक वर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमाय।
5. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोदं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पत्रमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवदं पररणस्रवरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरयों ककी प्रकक वर और वकसली भली ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनसुपणस्रवर एवदं उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी
सदंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मसुक्त करनवे कमा उपयसुक्त आधमार हहै।
6.
अरतः वमाद कवे रसुर -दकोष पर वबनमा ककोई वटिप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सदंबदंजधर न्यमायमालय ककी सदंरसुवष्ट पर व्यवक्तरर बदंध-पत्र एवदं अजधक धनरमावश कवे दको स्रमानलीय प्रवरभझू प्रस्रसुर करनवे पर वनम्नजलजखर शरर्दोदं कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परलीक्षर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभयकोजन समावक्षययों व पलीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परलीक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परलीक्षर मम ईममानदमारली सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदंत्ररमा कमा दसुरूपयकोर नहली करवेरमा और वकसली भली अपरमाजधक रवरववजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररवचर वकसली भली व्यवक्त यमा पसुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पड़वे। उपरकोक्त शरर्दोदं मम सवे वकसली कवे उलदंघन कवे ममामलवे मम , परलीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानसुसमार रद्द करनवे कको स्वरदंत्र हहै। Order Date :- 15.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad