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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 46714 (ALL)

KAPIL v. STATE OF U.P.

BAIL/13526/2025 · 2025-08-03

Gautam Chowdhary

Public Interest Litigationbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:131149 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 13526 of 2025 Applicant :- Kapil Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Arvind Kumar,Shailesh Kumar Yadav,Vivek Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. यह आववेदक कका दद्विततीय जमकानत पकाररनकापत्र हहै। आववेदक कका परम दकाणणण्डिक पककीरर जमकानत पकाररनकापत्र ससं० 7482/2016, आदवेश ददनकासंदकत 14.03.2016 कको दनरस्त दकयका जका चचुकका हहै। 2. आववेदक कवे दवद्विकान अधधिवकका एवसं रकाज्य ककी तरफ सवे दवद्विकान अपर शकासककीय अधधिवकका कको सचुनका तरका पत्रकावलती कका पररशतीलन दकयका। 3. वतरमकान दकाणणण्डिक पककीरर जमकानत पकाररनका पत्र आववेदक कदपल ककी ओर सवे मचु०अ०ससं० 358/2015, असंतररत धिकारका 395, 397, 412, 120-बती. भका.दसं.ससं., रकानका परतकापचुर, धजलका मवेरठ मम जमकानत पर मचुक करनवे हवेतचु पस्तचुत दकयका रयका हहै। 4. आववेदक कवे दवद्विकान अधधिवकका नवे तकर पस्तचुत दकयका दक आववेदक कको इस पकरर मम रलत एवसं फजर्जी ढसंर सवे झझूठका फसं सकायका रयका हहै , उसनवे कधरत अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका हहै। आववेदक द्विकारका ऐसका ककोई भती कक त्य ककाररत नहहीं दकयका रयका हहै, जहैसकादक पकारदमककी मम ददशरत दकयका रयका हहै। आववेदक पकारदमककी मम नकादमत नहहीं हहै, ददौरकान दवववेचनका सकाकती महवेश पकाल कवे बयकान कवे आधिकार पर आववेदक कको वतरमकान वकाद मम अदभयचुक बनकायका रयका रका। चझूसंदक आववेदक लरभर नदौ वरर सवे जवेल मम हहै तरका 45 रवकाहहों मम सवे धसफर छह रवकाह परतीदकत हहए हह। धजस रवकाह महवेश पकाल कवे बयकान कवे आधिकार पर आववेदक कको अदभयचुक बनकायका रयका हहै, उक रवकाह कको सत्र परतीकर कवे ददौरकान पती -ण्डिब्ल्यझू-4 कवे रूप परतीदकत दकयका रयका हहै, धजसनवे अपनवे बयकान मम करन दकयका रयका हहै दक "एक बदमकाश रकाडती चकालक ककी सतीट पर तरका एक बरकाबर मम बहैठका रका। रकाडती मवे 6 बदमकाश रवे। महैनवे बदमकाशहों कको मदौकवे पर नहती पहचकानका रका। और न हती लझूट करनवे वकालवे दकसती बदमकाशको कको मदौकवे पर नहहीं पहचकानका रका। और न हती लझूट करनवे वकालवे दकसती बदमकाश कको महै नकाम सवे जकानतका रका। महैनवे दकसती भती बदमकाश कको परकार ण्डिवेरती मवे आतवे जकातवे भती नहती दवेखका रका। और न हती मह दकसती भती बदमकाश कका शक्ल व नकाम सवे जकानतका हहहूँ।" उक करन कवे आधिकार पर पती-ण्डिब्ल्यझू-4 (महवेश पकाल) कको पकदकोहती घकोदरत दकयका जका चचुकका हहै , धजससवे आववेदक कवे दवरुद्ध उपरकोक आरकोदपत धिकारकाओसं कका अपरकाधि बनतका पररलदकत नहहीं हकोतका हहै। आववेदक द्विकारका अपनवे पझूवर कवे आपरकाधधिक इदतहकास कको शपरपत्र कवे पस्तर ससं० 28 मम स्पष दकयका रयका हहै। पचुननः उनकका यह भती करन हहै दक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वकासन ददयका रयका हहै दक वह ककानझून ककी पदक्रियका मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयकार हहै और जब भती आवश्यकतका हकोरती वह ईमकानदकारती सवे अदकालत कवे समक खचुद कको उपलब्धि करकाएरका और उन सभती शतरसं कको स्वतीककार करनवे कवे धलए भती तहैयकार हहै जको न्यकायकालय उस पर अधधिरकोदपत करवेरती। आववेदक दनदरर हहै तरका वह इस पकरर मम दद० 22.10.2016 सवे ककारकारकार मम दनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमकानत पर छकोड ददयका जकाय। 5. दवद्विकान अपर शकासककीय अधधिवकका नवे आववेदक कवे जमकानत कका पबल दवरकोधि करतवे हहए तकर पस्तचुत दकयका दक आववेदक द्विकारका ककाररत अपरकाधि ससंसंजवेय एवसं रसंभतीर पकक दत कका हहै, इसधलए आववेदक कको जमकानत पर न छकोडका जकाय। 6. आववेदक कवे दवद्विकान अधधिवकका कवे तकरसं कवे पररपवेक्ष्य मम पत्रकावलती पर उपलब्धि सकारवकान तथ्यहों एवसं पररणस्रदतयहों कका समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बकाद , सबझूतहों ककी पकक दत और दकसती भती ठकोस दवरकोधिकात्मक सकामग्रती ककी अनचुपणस्रदत एवसं उपलब्धि सकामग्रती सवे छवेडछकाड ककी ससंभकावनका न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरती रकाय मम आववेदक कको जमकानत पर मचुक करनवे कका उपयचुक आधिकार हहै। 7. अतनः वकाद कवे रचुर-दकोर पर दबनका ककोई दटप्परती दकए हहए आववेदक कको उपरकोक वदररत अपरकाधि मम ससंबसंधधित न्यकायकालय ककी ससंतचुदष पर व्यदकरत बसंधि -पत्र एवसं अधधिक धिनरकादश कवे ककोई भती दको पदतभझू पस्तचुत करनवे पर दनम्नधलधखत शतरसं कवे सकार जमकानत पर छकोड ददयका जकाय। i. आववेदक दवववेचनका यका परतीकर कवे ददौरकान अदभयकोजन सकाक्ष्यहों कवे सकार छवेडछकाड नहहीं करवेरका। ii. आववेदक अदभयकोजन सकादकयहों व पतीदडतका / दशककायतकतकार कको ण्डिरकायवेरका/धिमककायवेरका नहहीं। iii. आववेदक न्यकायकालय कवे आदवेशहों कका पकालन करवेरका , वह परतीकर कवे ददौरकान दबनका ककोई अनकावश्यक स्ररन धलए दनयत दतधर पर न्यकायकालय मम उपणस्रत हकोरका तरका परतीकर मम ईमकानदकारती सवे सहयकोर करवेरका। iv. आववेदक जमकानत पर ररहका हकोनवे कवे बकाद जमकानत ककी स्वतसंत्रतका कका दचुरूपयकोर नहती करवेरका और दकसती भती अपरकाधधिक रदतदवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरका न ककोई अपरकाधधिक कक त्य करवेरका। v. आववेदक पत्यक यका अपत्यक रूप सवे मकामलवे कवे तथ्यहों सवे पररदचत दकसती भती व्यदक यका पचुधलस अधधिककाररयहों कको ककोई पलकोभन यका धिमककी नहहीं दवेरका न हती उनसवे ककोई वकायदका करवेरका, धजसकवे ककारर उन्हम न्यकायकालय मम तथ्यहों कको उजकारर करनवे सवे दवरत रहनका पण्डिवेडे़। 8. उपरकोक शतरसं मम सवे दकसती कवे उलसंघन कवे मकामलवे मम , परतीकर न्यकायकालय आववेदक ककी जमकानत दनयमकानचुसकार रद्द करनवे कको स्वतसंत्र हहै। Order Date :- 4.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad