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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 13285 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक अजीत यादव की ओर से मु०अ०स० 15/2025, अन्तगर्त धारा 318(4)/ 319(2)/ 336(3)/ 338/ 340(2)/ 112(2) बी०एन०एस० थाना-कोतवाली, िजला वाराणसी में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चन्दन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में झूठा फसाया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, आवेदक को गलत व फजीर् तरीके से फसाया गया है। प्रथम सूचना िरपोटर् में घटना घिटत होने का समय व प्रधानाचायर् तथा उनके सहयोिगयों द्वारा आवेदक िक िगरफ्तारी के समय का कोई उल्लेख नहीं है जो घटना को पूरी तरह से संिदग्ध बना देता है। प्रथम सूचना िरपोटर् कापी िवलम्ब से फजीर् गैर कानूनी तरीके से िविधक राय लेकर आवेदक को फँ साने की िनयत से दजर् करायी गयी है। मुकदमा उपरोक्त आवेदक पर सामान्य आरोप लगाये गये है आवेदक पर कोई िवशेष आरोप नहीं लगाया गया है। िववेचक द्वारा प्राथीर् अिभयुक्त के कब्जे से कोई बरामदगी नही िदखायी गयी है। आवेदक के िवरुद्ध अिभयोजन द्वारा लगाये गये सभी आरोपो को सही मान भी िलया जाय तो भी िकसी मूल्यवान प्रितभूित की कू टरचना व कू टरिचत दस्तावेज को असल के रूप में उपयोग करने का अपराध नहीं बनता। आवेदक तथाकिथत घटना में सिम्मिलत नहीं था। तथाकिथत उपरोक्त घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। आवेदक का कोई अपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 06.02.2025 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
Versus Counsel for Applicant(s) : Ravi Prakash Singh, Shivam Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ajeet Yadav .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िकः- वादी मुकदमा िशव कु मार के बयान अवलोकन से उक्त घटना में आवेदक की ही मुख्य भूिमका है। अिभयुक्त की ओर से प्रस्तुत िविध व्यावस्था िरमाण्ड में हुयी त्रुिट के संबंध में दी गयी है परन्तु कही पर भी उसे चैलेन्ज नही िकया गया है। मामले के सह-अिभयुक्त की जमानत न्यायालय द्वारा पूवर् में िनरस्त की जा चुकी है। अिभयुक्त की ओर से जो िविधक िबन्दु उठाये गये है उसे िवचारण के दौरान देखा जाना है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में इस प्रकार मामले के समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए आवेदक को जमानत पर छोड़ने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है।
6. तदनुसार वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकये हुए आवेदक का जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 22, 2025 S.Mishra BAIL No. 13285 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad