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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 44750 (ALL)
JYOTI v. STATE OF U.P.
ABAIL/3415/2024 · 2025-08-13
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 44750 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:139172 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 3415 of 2024 Applicant :- Jyoti Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ambreen Masroor,Fakharul Islam Jafri,Sadrul Islam Jafri Counsel for Opposite Party :- Adarsh Srivastava,G.A.,Reena Pal Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. ससूचची पपुनरचीकक्षित।
2. वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत , आववेकदकमा ज्ययोकत ककी ओर सवे मपु०अ०ससं० 1029/2023, अन्तररत धमारमा 420, 406, 467, 468, 471, 504, 506 भमा.दसं.ससं., रमानमा खपुजमार नरर, जजलमा बपुलसंदशहर मम अकग्रिम जममानत ककी ममॉर करतवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर ककयमा रयमा हहै कक कररफ्तमारची ककी णसरकत मम आववेकदकमा कयो जममानत पर ररहमा ककयमा जमा सकवे ।
3. आववेकदकमा कवे कवदमान अजधवकमा एवसं कवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कयो सपुनमा तरमा पतमावलची कमा पररशचीलन ककयमा।
4. आववेकदकमा कवे कवदमान अजधवकमा नवे तकर प्रसतपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै, उसवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश तसंर व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आजलप्त ककयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै कक उसवे उपरयोक वकररत ममामलवे मम कररफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध कयोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेकदकमा कवे कवरूद्ध अभची तक कयोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई रयची हहै। वतरममान वमाद मम कवववेचनमा प्रचजलत हहै तरमा आरयोपपत दमाजखल नहहीं ककयमा रयमा हहै। आववेकदकमा कयो पसूवर मम न्यमायमालय कवे आदवेश कदनमासंक 22.04.2024 कयो असंतररम अकग्रिम जममानत प्रदमान ककी जमा चपुककी हहै। पपुननः उनकमा करन हहै कक आववेकदकमा कवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहययोर करनवे कमा वचन दवेतची हहै कक वह जमॉच एजमसची यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेकक्षित समय पर उपणसरत रहवेरची एवसं आववेकदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे जलए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हयोरची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खपुद कयो उपलब्ध करमाएरची और उन सभची शतर्दोसं कयो
सवचीकमार करनवे कवे जलए भची तहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोकपत करवेरची।
5. कवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अकभयपुकमा कवे अकग्रिम जममानत कवे कवरयोध मम यह तकर प्रसतपुत ककयमा रयमा कक इस ममामलवे मम अकभयपुकमा ककी भसूकमकमा प्ररम दृष्टयमा पररलकक्षित हयो रहची हहै तरमा इस घटनमा मम इनककी भसूकमकमा ससंभमाव्य हहै , इसजलए अकभयपुकमा कयो अकग्रिम जममानत पर मपुक न ककयमा जमाय।
6.
यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररत ककयमा रयमा हहै कक अकग्रिम जममानत यमाकचकमा पर न्यमाय -कनररयन करतवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक कत और रसंभचीरतमा, आरयोपची ककी न्यमाकयक प्रकक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए और यह कक न्यमायमालय कयो आरयोपची कवे कवरूद्ध उपलब्ध सभची समामग्रिची कमा समावधमानची सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमाकहए और आरयोपची ककी वमासतकवक भसूकमकमा पर भची कवचमार करनमा चमाकहए।
7. आववेदक कवे कवदमान अजधवकमा कवे तकर्दोसं एवसं वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत ससंबसंधची कवजध कवे सरमाकपत जसद्धमासंतपों कयो ध्यमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारपों कवे कवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों, आरयोपपों ककी प्रकक कत , आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्यपों एवसं पररणसरकतयपों कयो ध्यमान मम रखतवे हहए , ममामलवे कवे रपुर-दयोष पर कबनमा कयोई कवचमार व्यक ककए अकग्रिम जममानत ककी प्रमाररनमा सवचीकमार ककए जमानवे ययोग्य हहै।
8. तद्नपुसमार, यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत सवचीकमार ककयमा जमातमा हहै।
9. उपरयोक मपुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलत आववेकदकमा ककी कररफ्तमारची ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधत रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारची ककी ससंतपुकष्ट पर रू० 50,000/- कमा व्यककरत बसंध पत एवसं उसची धनरमाकश कवे दयो प्रकतभसू प्रसतपुत करनवे पर , पपुजलस आख्यमा दमाजखल ककए जमानवे तक कनमन शतर्दो कवे अधचीन अकग्रिम जममानत पर मपुक ककयमा जमाएरमा :- i) आववेकदकमा अकभययोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरची। ii) आववेकदकमा अकभययोजन पक्षि कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरची।
iii) आववेदक, यकद आवश्यक हयोरमा तयो पपुजलस अजधकमारची कवे समक्षि जमॉच हवेतपु अपवेकक्षित प्रत्यवेक कतजर एवसं कनयत समय पर उपणसरत रहवेरची तरमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरची। iv) आववेकदकमा उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरची, जजसकमा आरयोप आववेकदकमा पर लरमायमा रयमा हहै यमा जजसकवे ककए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेकदकमा ममामलवे कवे तथ्यपों सवे पररकचत ककसची व्यकक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरची जजससवे वह व्यकक न्यमायमालय यमा ककसची पपुजलस अजधकमारची कवे समक्षि तथ्यपों कमा खपुलमासमा करनवे सवे कवमपुख हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ करवे।
10.
उपरयोक शतर्दो कवे उलसंघन ककी णसरकत मम अकभययोजन पक्षि कयो, आववेकदकमा कयो प्रदत्त अकग्रिम जममानत कवे कनरसतचीकरर हवेतपु उपयपुक आववेदन प्रसतपुत करनवे ककी सवतसंततमा हयोरची। Order Date :- 14.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad