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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 44573 (ALL)
KARAN v. STATE OF U.P.
BAIL/12839/2025 · 2025-08-11
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 44573 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:137264 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 12839 of 2025 Applicant :- Karan Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ziya Uddin Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक करन ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 78/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 317(4), 317(5) बली.एन.एस., थद्वानद्वा रढ़मसुकवे श्वर, धजलद्वा हद्वापसुड़ मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , आववेदक दद्वारद्वा कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। यहद्वावं प्रद्वासवंवरक तथ्य हहै वक वतरमद्वान वद्वाद मम अन्य सह-अवभियसुकरर ससुरमद, ससुभिद्वाष, रकोवहत, ससुवमत एववं रवववंद ककी जमद्वानत, जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 10320/2025 मम वभिन्न न्यद्वायपलीठ दद्वारद्वा वभिन्न वतधथ कको स्वलीकक त ककी जद्वा चसुककी हहै। अततः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह -अवभियसुकरर सवे समद्वान भिझूवमकद्वा कवे आधिद्वार पर आववेदक भिली जमद्वानत पद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारली हहै। पसुनतः उनकद्वा यह भिली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भिली आवश्यकतद्वा हकोरली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खसुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभिली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भिली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत
करवेरली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 13.02.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभिलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थवतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबझूतयों ककी प्रकक वत और वकसली भिली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभिद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6.
अततः वद्वाद कवे रसुर-दकोष पर वबनद्वा ककोई वटिप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि पर व्यवकरत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भिली दको प्रवतभिझू प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षर कवे ददौरद्वान अवभियकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभियकोजन सद्वावक्षययों व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परलीक्षर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परलीक्षर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोर नहली करवेरद्वा और वकसली भिली अपरद्वाधधिक रवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई
अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसली भिली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभिन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 12.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad