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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 44397 (ALL)

ABHAY TRIPATHI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/9460/2022 · 2025-07-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:110024 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9460 of 2022 Applicant :- Abhay Tripathi Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Kalyan Sundram Srivastava,Mahesh Pandey Counsel for Opposite Party :- Amit Tiwari,G.A.,Subhash Chandra Tiwari Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री कवे .एक. शश्रीवद्वास्तव एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपसस्स्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशश्रीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 83/2022, अवंतररत धिद्वारद्वा 498-ए, 323, 504, 506, 377 भद्वा.दवं.सवं. एववं धिद्वारद्वा 3/4 दहवेज प्रवतषवेधि अधधिवनयम, स्थिद्वानद्वा वशवकसु टश्री, धजलद्वा प्रयद्वाररद्वाज मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हह वक वररफ्तद्वारश्री ककी सस्स्थिवत मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए। 3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा रयद्वा हह वक आववेदक वनदर्दोष हह तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हह वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वररफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हह , जबवक उसकवे ववरुद ककोई ववश्वसनश्रीय सद्वाक्ष्य नहहीं हह। आरवे यह भश्री प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हह वक आववेदक कवे ववरुद अब तक ककोई बलपपूवरक प्रवक्रियद्वा जद्वारश्री नहहीं ककी रई हह। यह भश्री प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परश्रीक्षण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतद्वा हह तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसश्री/पसुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षत हकोनवे पर उपसस्स्थित हकोरद्वा। यह कहद्वा रयद्वा हह वक यवद आववेदक कको अवग्रिम जमद्वानत दश्री जद्वातश्री हह , तको वह जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरुपयकोर नहहीं करवेरद्वा और जद्वावंच मम सहयकोर करवेरद्वा और जमद्वानत ककी सभश्री शतर्दोवं कद्वा पद्वालन करवेरद्वा। 4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि वकयद्वा वकयद्वा तस्थिद्वा आरवे यह तकर प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत वनरस्त वकयवे जद्वानवे यकोग्य हह। 5. यह प्रद्वासवंवरक तथ्य यह भश्री हह वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननश्रीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत वकयद्वा रयद्वा हह वक अवग्रिम जमद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय -वनणरयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपपों ककी प्रकक वत और रवंभश्रीरतद्वा, आरकोपश्री ककी न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा सवे भद्वारनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपश्री कवे ववरूद उपलब्धि सभश्री सद्वामग्रिश्री कद्वा सद्वावधिद्वानश्री सवे मपूल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वावहए और आरकोपश्री ककी वद्वास्तववक भपूवमकद्वा पर भश्री ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए। 6. उभय पक्ष कवे ववदद्वान अधधिवकद्वारण कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए रए कस्थिनपों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत, यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हह वक आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हह। 7. तदनसुसद्वार, आववेदक अभय वतपद्वाठश्री कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत अस्वश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हह। 8. इस वद्वाद मम यवद ककोई अवंतररम आदवेश हको तको, उसवे वनरस्त समझद्वा जद्वाय। 9. हद्वालद्वावंवक, आववेदक कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत प्रस्तसुत करनवे कवे धलए स्वतवंततद्वा हह , यवद जमद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष पवेश वकयद्वा जद्वातद्वा हह , तको यह उम्मश्रीद ककी जद्वातश्री हह वक सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय, न्यद्वायद्वालय कवे ववववेक और जमद्वानत दवेनवे मम ववचद्वार कको वनयवंवतत करनवे वद्वालवे वहधिद्वावनक प्रद्वावधिद्वानपों कको बद्वाधधित वकयवे वबनद्वा , मद्वा० उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) मम प्रवतपद्वावदत यद्वा वनधिद्वारररत जमद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक वदशद्वा-वनदरशपों कको ध्यद्वान मम रखतवे हहए उस पर ववचद्वार करवेरश्री और फह सलद्वा करवेरश्री। 10. उपयसुरक वटप्पवणयपों/वनदरशपों कवे सद्वास्थि, यह वतरमद्वान आववेदन पत कको वनस्तद्वाररत वकयद्वा जद्वातद्वा हह। Order Date :- 10.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad