Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 43479 (ALL)

DEVENDRA ALIAS PAPPU v. State of UP

BAIL/12710/2024 · 2025-07-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:110393 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 12710 of 2024 Applicant :- Devendra Alias Pappu Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Arvind Agrawal,Pramita Singh Counsel for Opposite Party :- Ashutosh Kumar Tripathi,Dharmendra Kumar Mishra,G.A.,Rajeev Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. यह आववेदक कका दद्विततीय जमकानत पकाररनकापत्र हहै। आववेदक कका परम दकाणणण्डिक पककीरर जमकानत पकाररनकापत्र ससं० 54793/2023, आदवेश ददनकासंदकत 19.01.2024 कवे द्विकारका दनरस्त दकयका जका चचुकका हहै। 2. वतरमकान दकाणणण्डिक पककीरर जमकानत पकाररनका पत्र आववेदक ककी ओर सवे मचु०अ०ससं० 165 वरर 2023, अन्तररत धकारका 304, 504, 506, 201 भका०दसं०दव०, रकानका नरलका सससंघती , सजलका दफिररोजकाबकाद मम जमकानत पर मचुक्त करनवे हवेतचु पस्तचुत दकयका रयका हहै। 3. आववेदक कवे दवद्विकान असधवक्तका, पररवकादती कवे दवद्विकान असधवक्तका एवसं दवद्विकान अपर शकासककीय असधवक्तका करो सचुनका तरका पत्रकावलती कका पररशतीलन दकयका। 4. आववेदक कवे दवद्विकान असधवक्तका नवे तकर पस्तचुत दकयका दक आववेदक करो इस पकरर मम रलत एवसं फिजर्जी ढसंर सवे झझूठका फिसं सकायका रयका हहै , उसनवे कसरत अपरकाध ककाररत नहहीं दकयका हहै। ददौरकान दवववेचनका मकामलवे मम धकारका 201 भका०दसं०दव० ककी ववृदद्धि ककी रयती हहै , अवर न्यकायकालय सवे धकारका 304-ए, 504, 506, 201 भका०दसं०दव० मम उसककी जमकानत स्वतीकवृ त हरो चचुककी रती दकन्तचु दवववेचक द्विकारका दवववेचनका कवे ददौरकान दचुरकाशय कवे तहत धकारका 304-ए भका०दसं०दव० करो धकारका 304 भका०दसं०दव० मम पररवदतरत करकवे आववेदक कवे जमकानत पर ररहका हरोनवे कवे पश्चकात करतीब एक मकाह बकाद उक्त धकारका मम दररफ्तकार करकवे जवेल भवेज ददयका रयका हहै। जबदक घटनका कका करोई स्वतसंत्र सकाकती नहहीं हहै। यह पकाससंदरक नवतीन तथ्य हहै दक दवचकारर न्यकायकालय मम ददनकासंक 25.09.2024 करो पती.ण्डिब्ल्यझू.3 दवेवमद्र नवे मचुख्य परतीकका मम सशपर यह अदभकरन दकयका हहै दक "ससयर दवेवती कवे मणन्दर पर शरोररचुल ककी आवकाज सचुनकर जहकासं हरतीश (मवृतक) पडका रका वहकाह पहहहच रयका रका। ससयर दवेवती कका मणन्दर घटनका स्रल वकालवे खवेत सवे लरभर 400 मतीटर दझूर रका तरका ससयर दवेवती कवे मणन्दर सवे मवेरका खवेत 500 मतीटर दझूर हरोरका। ...... सजस समय शरोर सचुनका उस समय अपनवे खवेत पर रका।" उक्त करन सवे यह भती पररलदकत हरोतका हहै दक आववेदक घटनकास्रल पर मदौजझूद नहहीं रका। अतएव स्वतसंत्र रवकाहहों कवे बयकानहों मम दवररोधकाभकास स्पष्ट रूप सवे पररलदकत हरोतका हहै। आववेदक कका करोई पझूवर आपरकासधक इदतहकास नहहीं हहै। पचुननः उनकका यह भती करन हहै दक आववेदक ककी तरफि सवे यह आश्वकासन ददयका रयका हहै दक वह ककानझून ककी पदक्रियका मम सहयरोर करनवे कवे सलए तहैयकार हहै और जब भती आवश्यकतका हरोरती वह ईमकानदकारती सवे अदकालत कवे समक खचुद करो उपलब्ध करकाएरका और उन सभती शतरसं करो स्वतीककार करनवे कवे सलए भती तहैयकार हहै जरो न्यकायकालय उस पर असधररोदपत करवेरती। आववेदक दनदरर हहै तरका वह इस पकरर मम दद० 03.10.2023 सवे ककारकारकार मम दनरुद्धि हहै। इससलए आववेदक करो जमकानत पर छरोड ददयका जकाय। 5. पररवकादती कवे दवद्विकान असधवक्तका एवसं दवद्विकान अपर शकासककीय असधवक्तका द्विकारका आववेदक कवे जमकानत कका पबल दवररोध दकयका रयका। 6. आववेदक कवे दवद्विकान असधवक्तका कवे तकरसं कवे पररपवेक्ष्य मम पत्रकावलती पर उपलब्ध सकारवकान तथ्यहों एवसं पररणस्रदतयहों कका समग्र रूप सवे अवलरोकन करनवे कवे बकाद , सबझूतहों ककी पकवृ दत और दकसती भती ठरोस दवररोधकात्मक सकामग्रती ककी अनचुपणस्रदत एवसं उपलब्ध सकामग्रती सवे छवेडछकाड ककी ससंभकावनका न हरोनवे कवे तथ्य करो दवेखतवे हहए मवेरती रकाय मम आववेदक करो जमकानत पर मचुक्त करनवे कका उपयचुक्त आधकार हहै। 7. अतनः वकाद कवे रचुर -दरोर पर दबनका करोई दटप्परती दकए हहए आववेदक दवेवमद्र उफिर पप्पझू करो उपररोक्त वदररत अपरकाध मम ससंबसंसधत न्यकायकालय ककी ससंतचुदष्ट पर व्यदक्तरत बसंध -पत्र एवसं उसती धनरकादश कवे करोई भती दरो पदतभझू पस्तचुत करनवे पर दनम्नसलसखत शतरसं कवे सकार जमकानत पर छरोड ददयका जकाय। 1. आववेदक दवववेचनका यका परतीकर कवे ददौरकान अदभयरोजन सकाक्ष्यहों कवे सकार छवेडछकाड नहहीं करवेरका। 2. आववेदक अदभयरोजन सकादकयहों व पतीदडतका/ दशककायतकतकार करो ण्डिरकायवेरका /धमककायवेरका नहहीं। 3. आववेदक न्यकायकालय कवे आदवेशहों कका पकालन करवेरका, वह परतीकर कवे ददौरकान दबनका करोई अनकावश्यक स्ररन सलए दनयत दतसर पर न्यकायकालय मम उपणस्रत हरोरका तरका परतीकर मम ईमकानदकारती सवे सहयरोर करवेरका। 4. आववेदक जमकानत पर ररहका हरोनवे कवे बकाद जमकानत ककी स्वतसंत्रतका कका दचुरूपयरोर नहती करवेरका और दकसती भती अपरकासधक रदतदवसध मम सलप्त नहहीं हरोरका न करोई अपरकासधक कवृ त्य करवेरका। 5. आववेदक पत्यक यका अपत्यक रूप सवे मकामलवे कवे तथ्यहों सवे पररदचत दकसती भती व्यदक्त यका पचुसलस असधककाररयहों करो करोई पलरोभन यका धमककी नहहीं दवेरका न हती उनसवे करोई वकायदका करवेरका, सजसकवे ककारर उन्हम न्यकायकालय मम तथ्यहों करो उजकारर करनवे सवे दवरत रहनका पण्डिवेडे़। उपररोक्त शतरसं मम सवे दकसती कवे उलसंघन कवे मकामलवे मम, दवचकारर न्यकायकालय आववेदक ककी जमकानत दनयमकानचुसकार रद्द करनवे करो स्वतसंत्र हहै एवसं ससंबसंसधत दवचकारर न्यकायकालय करो यह भती दनदरदशत दकयका जकातका हहै दक मकामलवे सवे ससंबसंसधत सत्र परतीकर कका दनस्तकारर शतीघ्रतका कवे आधकार पर यरकाशतीघ्र करनका सचुदनणश्चत दकयका जकाए। Order Date :- 10.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad