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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 43427 (ALL)
SUNEET KUMAR SAXENA v. STATE OF U.P. AND 2 OTHERS
NABAIL/3545/2025 · 2025-05-19
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 43427 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:84656 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3545 of 2025 Applicant :- Suneet Kumar Saxena Opposite Party :- State Of U.P. And 2 Others Counsel for Applicant :- Neeraj Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Ratnesh Kumar Tiwari Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ससुननीर कसु ममार सक्सवेनमा ककी ओर सवे मसु०अ०ससं० 149 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 376/ 323/ 506 भमा०दसं०गव०, रमानमा मझझोलमा, जजलमा मसुरमादमाबमाद मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारनी ककी णसरगर मम आववेदक कझो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा, पररवमादनी कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कझो ससुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरझोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरझोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कझोई गवश्वसननीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भनी करन हहै गक आववेदक कमा कझोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभनी रक कझोई भनी बमाध्यकमारनी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयनी हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयझोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसनी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयझोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हझोरनी वह ईममानदमारनी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खसुद कझो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरर्दोसं कझो सवनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जझो न्यमायमालय उस पर अजधरझोगपर करवेरनी।
4. पररवमादनी कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरझोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभनीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कझो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयसुक कझो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयसुक कझो अगग्रिम जममानर पर न छझोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कझो आरझोपयों ककी प्रकक गर और रसंभनीररमा, आरझोपनी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कझो आरझोपनी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभनी समामग्रिनी कमा समावधमाननी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरझोपनी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भनी गवचमार करनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधनी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों कझो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों , आरझोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभनी रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कझो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रसुर- दझोष पर गबनमा कझोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनीकमार गकए जमानवे यझोग्य हहै। रद्नसुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरझोक मसुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारनी ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारनी ककी ससंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसनी धनरमागश कवे दझो प्रगरभनू प्रसरसुर करनवे पर , (सत परनीक्षिर कवे गनसरमारर रक) गनमन शरर्दो कवे अधनीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हझोरमा रझो पसुजलस अजधकमारनी दमारमा जमॉच हवेरसु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसनी व्यगक यमा पसुजलस अजधकमाररययों कझो प्रत्यक्षि यमा परझोक्षि रूप सवे कझोई धमककी , वमादमा यमा प्रलझोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कझो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसनी पसुजलस अजधकमारनी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयझोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दसुरूपयझोर नहहीं करवेरमा। उपरझोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारनी/अगभयझोजन पक्षि कझो, आववेदक कझो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरनीकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरसंतरमा हझोरमा। Order Date :- 20.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad