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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 42659 (ALL)

BRIJ BHAN NISHAD AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/3028/2025 · 2025-05-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:83269 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3028 of 2025 Applicant :- Brij Bhan Nishad And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Kailash Pati Singh Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A.,Km. Vineeta Singh,Sushil Jaiswal Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा, पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रिद्वाज्य ककी ओरि सवे उपससस्थित ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलदी कद्वा पररिशदीलन वकयद्वा। 2. पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारिद्वा प्रवतशपस्थि पत दद्वाधखिल वकयद्वा गयद्वा उसवे पतद्वावलदी परि रिखिद्वा जद्वाए। 3. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 0234/2024, अवंतगरत धिद्वारिद्वा 103(1)/ 238/ 3(5)/ 61(2) बदी.एन.एस, स्थिद्वानद्वा तवेजदी बद्वाजद्वारि, धजलद्वा जजौनपसुरि मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंग करितवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै वक वगरिफ्तद्वारिदी ककी ससस्थिवत मम आववेदकगण कको जमद्वानत परि ररिहद्वा वकयद्वा जद्वाए। 4. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारिद्वा तकर वदयद्वा गयद्वा हहै वक आववेदकगण वनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वगरिफ्तद्वारि वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबवक उसकवे ववरुद्ध ककोई ववश्वसनदीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। उनकवे दद्वारिद्वा आगवे यह भदी प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै वक आववेदकगण, नवे न तको वद्वाददी मसुकदमद्वा ककी पत्नदी ससुभदद्वा दवेवदी कको जद्वान सवे मद्वारिद्वा हहै न हदी वकसदी प्रकद्वारि कद्वा ककोई सद्वाक्ष्य वमटद्वानवे कद्वा प्रयद्वास हदी वकयद्वा हहै औरि न हदी वकसदी प्रकद्वारि कद्वा ककोई आपरिद्वाधधिक षड़यवंत हदी वकयद्वा हहै। उनकद्वा यह भदी तकर हहै वक आववेदकगण कद्वा ककोई आपरिद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै तस्थिद्वा आववेदकगण कवे ववरुद्ध अब तक ककोई बलपपूवरक प्रवक्रियद्वा जद्वारिदी नहहीं ककी गई हहै। यह भदी प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण जद्वावंच तस्थिद्वा परिदीक्षण कवे दजौरिद्वान सहयकोग करिनवे कद्वा वचन दवेतवे हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसदी अस्थिवद्वा न्यद्वायद्वालय दद्वारिद्वा अपवेवक्षत हकोनवे परि उपससस्थित हहोंगवे। 5. पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारिद्वा अवभयसुकगण कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरिकोधि करितवे हहए यह तकर प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक इस मद्वामलवे मम अवभयसुकगण दद्वारिद्वा वद्वाददी मसुकदमद्वा ककी पत्नदी ससुभदद्वा ककी लद्वाठदी डण्डद्वा व कसु ल्हद्वाड़दी सवे मद्वारि करि हत्यद्वा करिनवे औरि उसककी लद्वाश कको वछिपद्वानवे कवे उदवेश्य सवे नदहीं कवे पद्वास वछिपद्वा दवेनवे कद्वा आरिकोप हहै। इस मद्वामलम मम ववचद्वारिण न्यद्वायद्वालय दद्वारिद्वा समसत तथ्यहों कद्वा समग्रि पररिशदीलन कको दृवष्टिगत रिखितवे हहए उवचत आदवेश पद्वाररित वकयद्वा गयद्वा हहै , इस प्रश्नगत आदवेश मम हसतक्षवेप वकयवे जद्वानवे ककोई औवचत्य नहहीं हहै। उनकद्वा यह भदी तकर हहै वक अवभयसुकगण दद्वारिद्वा कद्वाररित अपरिद्वाधि गवंभदीरि प्रकक वत कद्वा हहै तस्थिद्वा अवभयसुकगण कद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत वनरिसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 6. उभय पक्षहों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वागण कको ससुननवे औरि वतरमद्वान आववेदन मम वकए गए कस्थिनहों परि ववचद्वारि करिनवे कवे उपरिद्वावंत , यह न्यद्वायद्वालय इस रिद्वाय परि हहै वक आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारिद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वारि प्रसतसुत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै। 7. तदनसुसद्वारि, आववेदकगण बकजभद्वान वनषद्वाद/ अधखिलवेश उरर कलपू वनषद्वाद व शहैलवेश वनषद्वाद कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत वनरिसत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 8. हद्वालद्वावंवक, आववेदकगण कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारिण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत प्रसतसुत करिनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै। Order Date :- 19.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad