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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 42543 (ALL)

VANSH ALIAS DEEPESH v. STATE OF U.P.

BAIL/12520/2025 · 2025-05-14

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:80512 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 12520 of 2025 Applicant :- Vansh Alias Deepesh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Pankaj Sharma,Prashant Sharma Counsel for Opposite Party :- Rahul Kumar Sharma,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ववंश उरर ददीपवेश ककी ओर सवे ममु०अ०स० 73/2025 अन्रररर धमारमा 191(2)/ 191(3)/ 3(5)/ 109 बदी.एन.एस, रमानमा ककोरवमालदी हमाररस, जजलमा हमाररस मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलदी कमा पररशदीलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एववं रजर्जी ढवंर सवे झझूठमा रवं समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। बयमान चकमुदशर्जी रवमाह शदी कवनकोद कमु ममार रमुपमा पमुत कन्हहैयमा लमाल दमारमा करन ककयमा कक कदनमाक 28/2/2025 कको समय 9.30 बजवे रमार कको हममारवे पड़कोस मम प्रधमुमन शममार पमुत रमाजकमु ममार शममार कवे घर पर जन्म कदन ककी प्रमारर्जी चल रहदी रदी मम उस समय रलदी मम ममौजझूद रमा पद्मन ककी पमारर्जी खत्म हकोनवे कवे बमाद प्रदमुमन कवे समार उसकवे दकोस्र जको शरमाब पदीयवे हए रवे रलदी मम आ रय आर आपस मम रलदी रलकोज व झरण्डिमा करनवे लरवे रको धदीरू नवे उन्हवे रमालदी दवेनवे सवे मनमा ककयमा रको इसमवे हममारवे रलदी कवे DK सकोनदी व उसकवे दकोस्र अभय रमौरम, व मकोकनष कमान्र शममार व और भदी रवे जजनकमा नमाम ममुझवे नहहीं परमा सब नवे एक समार कमलकर कहमा कक समालवे कवे ममार रकोलदी इस पर अभय रमौरम व मकोकनष कमान्र पर अपनवे असलहवे रवे रको मकोकनष कमान्र नवे धदीरू कवे रकोलदी ममार ददी जको उसकवे उपरदी हकोर पर लरदी वह ममौकवे पर हदी पर हदी करर रयमा रमा। 4. उक्त बयमान अवलकोकन सवे यह स्पष्ट हकोरमा हहै कक बयमान चकमुदशर्जी नवे ररमाकजरर घरनमा मम ममुख्य भझूकमकमा मकोकनष कमान्र शममार ककी हकोनवे कमा करन ककयमा। उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानझून ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भदी आवश्यकरमा हकोरदी वह ईममानदमारदी सवे कवचमारर न्यमायमालय कवे समक खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभदी शररवं कको स्वदीकमार करनवे कवे जलए भदी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरदी। इसप्रकमार आववेदक कनदरष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 23.03.2025 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय। 5. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं रवंम्भदीर प्रकक कर कमा हहै , इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलदी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एववं पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरयों ककी प्रकक कर और ककसदी भदी ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रदी ककी अनमुपणस्रकर एववं उपलब्ध समामग्रदी सवे छवेड़छमाड़ ककी सवंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरदी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 7. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई करप्परदी ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्ट पर व्यकक्तरर बवंध -पत एववं उसदी धनरमाकश कवे दको प्रकरभझू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखर शररवं कवे समार जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय। 1. आववेदक कवववेचनमा यमा परदीकर कवे दमौरमान अकभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अकभयकोजन समाककययों व पदीकड़रमा / कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरदी, वह परदीकर कवे दमौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परदीकर मम ईममानदमारदी सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहदी करवेरमा और ककसदी भदी अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसदी भदी व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हदी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शररवं मम सवे ककसदी कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परदीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरवंत हहै। Order Date :- 15.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad