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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 41898 (ALL)
MAHESH YADAV v. State of UP
ABAIL/3405/2024 · 2025-07-09
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 41898 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:110074 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 3405 of 2024 Applicant :- Mahesh Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Virpratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक महवेश यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 1322/2018, अन्रररर धमारमा 419, 420 भमा०ददं०गव०, रमानमा ककोरवमालली उरई , जजलमा जमाललौन मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवदं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शली चदंदन जसदंह कको समुनमा ररमा पत्रमावलली कमा पररशलीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओदं मम दवेषवश रदंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशदंकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनलीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा ककोई भली कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेजखिर हहै। उनकमा यह भली करन हहै गक आववेदक कवे गवरूद्ध अभली रक ककोई भली बमाध्यकमारली प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयली हहै एवदं आववेदक ककी ओर सवे यह भली आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरर्दोदं कको स्वलीकमार करनवे कवे जलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरली।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रदंभलीर प्रकक गर कमा हहै ररमा आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुजलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हहै। इसजलए आववेदक कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररलीर नहहीं हकोरमा हहै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of
Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननलीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और रदंभलीररमा, अगभयमुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदंपनूरर समामग्रिली कमा समावधमानलीपनूवरक मनूल्यमादंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटलीक भनूगमकमा कको भली ध्यमान मम रखिनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदंबदंधली गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादंरतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओदं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभली रथ्यतों एवदं पररणस्रगरयतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए चनूदंगक सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे गवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्र आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा जमा चमुकमा हहै , अरतः ममामलवे कवे रमुर -दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वलीकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वलीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकोष पर गटप्परली गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
8. इस वमाद मम यगद ककोई अदंरररम आदवेश हको, रको वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
9. कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी प्रगरजलगप सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय कको अगवलम्ब प्रवेगषर करम। Order Date :- 10.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad