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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 41763 (CHH)

SMT. KALPANA GAHARWAL (after Marriage Maheshwari) v. MANGAL SINGH MAHESHWARI

FA(MAT)/219/2022 · 2025-07-28

Shri Amitendra Kishore Prasad, Smt Rajani Dubey

body2025

Judgment text

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1 2025:CGHC:36942-DB NAFR HIGH COURT OF CHHATTISGARH AT BILASPUR FA(MAT) No. 219 of 2022 Smt. Kalpana Gaharwal (After Marriage Maheshwari) D/o Shri Kamta Prasad Gaharwal, Aged About 25 Years, R/o House No. 19, Ward No. 32, Satnami Para, Near Maruti Bekari, Telibandha, Raipur, District- Raipur, Chhattisgarh ... Appellant versus Mangal Singh Maheshwari, S/o Shri Rohan Lal Maheshwari, Aged About 27 Years, R/o Village Bahamakadi, P.S. Mandir Hasaud, District Raipur Chhattisgarh __________________________________________________________________ For Appellant : Mr. Pushkar Sinha, Advocate. For Respondent : Mr. Ravindra Sharma, Advocate. ________________________________________________________________ Hon'ble Smt Justice Rajani Dubey J. Hon’ble Shri Justice Amitendra Kishore Prasad J. Order on Board Per, Rajani Dubey , Judge 29.07.2025 1. Both the parties are present before this Court along with their counsel, let their presence be marked. 2. The appellant has filed the instant appeal under Section 19 (1) of the Family Court Act, 1984 against the impugned judgment & decree dated 17.10.2022 (Annexure A-1) passed in Civil Suit No. 529/2018 passed by the learned Family Court, Raipur, District- Raipur (C.G.), whereby the learned Family Court allowed the application under Section 11 of Hindu Marriage Act of the respondent for decree of divorce and dissolved the marriage between the parties. Therefore, the present appeal filed by the appellant. Digitally signed by AMIT PATEL 2 3. During the pendency of appeal both the parties agreed for amicable settlement and vide order dated 02.07.2025, the matter was referred to Mediation Centre of this Court and both parties have settled their dispute before the Mediation Centre on 11.07.2025, wherein statements of both the parties got recorded and compromise was arrived at between the parties in terms of the settlement agreement dated 11.07.2025, which was duly signed by them. 4. Operative paras of settlement agreement dated 11.07.2025 are as under:- “ दोनो पक्षकारों का विाह 20.08.2017 को विहन्दू विधि से ग्राम विरौदपुरी जिला बलौदा बाार में सम्पन्न हुआ था। तथा उभय पक्षकारण के दामपत्य संबंों के फलस्रूप एक पुत्र- विमतेश महेश्वरी का न्म विदनांक 10.09.2018 को हुआ। विकन्तु उनके बीच आपसी तालमेल का आभा होने के कारण अक्टूबर 2018 से दोनों पक्ष अल- अल रह रहे हैं। इस बीच अनाेदक ने आेविदका के विरुद्ध ारा 11 विहन्दू विाह अधिविनयम के अंत9त एक प्रकरण परिरार न्यायालय, रायपुर के समक्ष विाह शून्य घोवि=त विकये ाने की आज्ञवि@ प्रदान करने हेतु प्रस्तुत विकया था जिसका प्रकरण क्रमांक HMA प्रकरण क्रमांक 529/2018 था। जिसमें विनण9य एं आपत्तिC विदनांक 17.10.2022 जिसके विरुद्ध आेविदका ने मा० उच्च न्यायालय के समक्ष ारा 19 (1) कु टुम्ब न्यायालय अधिविनयम के तहत् अपील प्रस्तुत की है ो विक एफ०ए० (एम.ए.टी.) 219/2022 के रूप में द9 है तथा उसी प्रकरण में मा० उच्च न्यायालय के द्वारा पारिरत आदेश विदनांक 02.07.2025 के परिरपालन में त9मान में मध्यस्थता की काय9ाही की ई जिसमें उभय पक्षकार की आपसी सहमधित से उनके बीच लंविबत सभी प्रकरणों तथा विादो के संबं में यह समझौता पत्र त्तिलत्तिLत विकया या है तथा दोनो पक्षकार आपसी सहमधित से उक्त समझौता पत्र को पढ़ कर समझ कर अपनी सहमधित से हस्ताक्षर कर रहे है। जिसके अंत9त आेविदका तथा अनाेदक के मध्य सभी लंविबत प्रकरणों में समझौता विकया ा रहा है तथा अनाेदक आेविदका को समझौते की एक मुश्त राशिश के रूप में कु ल 14,00,000/- ( चौदह लाL रूपये) कु ल तीन विकश्तों में विनम्न त्तिलत्तिLत शतQ के अनुसार अदा करेा। आेविदका ने अपने तथा अपने नाबात्तिल पुत्र- विमतेश के साथ संयुक्त रूप से अनाेदक के विरूद्ध ारा 125 दं.प्र.सं. के अंत9त भरण- पो=ण राशिश प्रा@ करने हेतु एक आेदन मा. प्रान न्यायाधिश कु टुम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष प्रस्तुत विकया था, जिसका प्रकरण क्र० वि० आ० प्र० क्र० 135/2019 था जिसमें उक्त न्यायालय द्वारा विदनांक 25.10.2024 को आेविदका तथा उसके नाबात्तिल पुत्र- विमतेश के पक्ष में कमशः 10,000 / एं 5,000/- कु ल 15000/- ( पन्द्रह हार रूपये मात्र) प्रधितमाह भरण- पो=ण की राशिश के विनदTश विदये ये है। उक्त आदेश के विरूद्ध आनाेदक के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रिरीन याधिचका क्र 0 1292/2024 ( मंल सिंसह महेश्वरी विरुद्ध 3 श्रीमती कल्पना महेश्वरी एं एक अन्य) प्रस्तुत की है। ो विक त9मान में विचाराथ9 लंविबत हैं। यह विक आेविदका ने त9मान में अनाेदक के विरुद्ध बकाया भरण- पो=ण राशिश प्रा@ करने हेतु कु टुम्ब न्यायालय रायपुर के समक्ष सूली के त्तिलए आेदन प्रस्तुत विकया है जिनका प्रकरण क्रमांक 1389/2024 तथा 539/2025 है ो त9मान मे लंविबत हैं I यह विक अनाेविदका के द्वारा माननीय न्याधियक दंडाधिकारी प्रथम 9 रायपुर के समक्ष घरेलु हिंहसा अधिविनयम के अंत9त एक परिराद प्रकरण क्र 0-415/2019 पेश विकया या है ो विक त9मान मे लंविबत हैं। यह विक उभय पक्ष के बीच साथ रहने की कोई भी परिरस्थिस्थधित शे= नही रह ई और त9मान में भी कोई परिरस्थिस्थधित विनर्मिमत नही हो सकती अतः दोनों पक्ष आपसी सहमती से विनम्नत्तिलत्तिLत शतQ पर समझौता कर रहे है - 1. आेविदका ने ो व्यहाराद अनाेदक के विरूद्ध बकाया भरण- पो=ण राशिश प्रा@ करने हेतु कु टुम्ब न्यायालय रायपुर के समक्ष सूली के त्तिलए आेदन प्रस्तुत विकया है जिनका प्रकरण क्रमांक 1389/2024 तथा 539/2025 है ो त9मान मे लंविबत हैं को आेविदका ाविपस ले लेी। इसके अधितरिरक्त यविद आेविदका ने अनाेदक के विरुद्ध भरण- पो=ण राशिश की सूली के त्तिलये अन्य कोई भी आेदन कु टुम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष प्रस्तुत विकया होा उसे भी आेविदका ापस ले लेी तथा आ के पश्चात् अथा नाबात्तिल पुत्र के यस्क होने के पश्चात भी ीन में कभी भी आेविदका अथा उसका नाबात्तिल पुत्र- विमतेश अनाेदक के विरुद्ध विकसी भी प्रकार का भरण- पो=ण अथा उसकी स्अर्जित अथा पैतृक संपत्तिC पर विकसी भी प्रकार का दाा नही करेंे। अनाेदक 4,00,000/- ( चार लाL रूपये मात्र) की राशिश का बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथा आर०टी०ी०एस० के द्वारा विदनांक 26.07.2025 तक आेविदका के रविग्राम तेलीबांा, रायपुर स्थिस्थत पोस्ट आविफस में संारिरत Lाता क्रमांक-4641478723 में मा/अदा करेा तथा आेविदका उक्त राशिश का बैंक ड्राफ्ट प्रा@ करने के पश्चात् उक्त दोनों प्रकरण अथा9त 1389/2024 तथा 539/2025 को माननीय कु टुम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष ाविपस ले लेी। इसी तरह आनाेदक के द्वारा ो माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रिरीन याधिचका क् 0 1292/2024 ( मंल सिंसह महेश्वरी विरूद्ध श्रीमती कल्पना महेश्वरी एं एक अन्य) प्रस्तुत की ई है उसे अनाेदक ाविपस ले लेा। आेविदका इस बात पर सहमत् है विक ह इस कं विcका में उल्लेत्तिLत प्रकरणों को ापस लेने के पश्चात् आदेश पवित्रका की प्रमाशिणत प्रधितत्तिलविप स्यं के व्यय पर प्रा@ कर अनाेदक को देी। 2. उभय पक्ष की आपसी सहमधित के आार पर अनाेदक के द्वारा 5,00,000/- ( पांचा लाL रूपये मात्र) की राशिश का बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथा आर०टी० ी०एस० के द्वारा विदनांक 20.08.2025 तक आेविदका के रविग्राम तेलीबांा, रायपुर स्थिस्थत पोस्ट ऑविgस में संारिरत Lाता क् 0-4641478723 में मा/ अदा करेा जिसके पश्चा आेविदका उसके द्वारा मा. उच्च न्यायालय के समक्ष ारा 19 (1) कु टुम्ब न्यायाल अधिविनयम के तहत अपील प्रस्तुत की है ो विक एफ.ए. (एम.ए.टी.) 219/2022 के रूप में द9 है में आेविदका 4 तथा अनाेदक संयुक्त आेदन प्रस्तुत कर उनके विाह को आपसी सहमधित से विच्छेद करने की घो=णा की प्राथ9ना करेंे अथा आश्यकता पcने पर इस संबं में कु टुम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष आेदन प्रस्तुत करेंे। आश्यकता हुई तो कु टुम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष आपसी सहमधित से विाह विच्छेद के त्तिलये संयुक्त आेदन प्रस्तुत करने की स्थिस्थधित उत्पन्न हुई तो उक्त प्रकरण में दोनों पक्षकार का संपूण9 व्यय आेविदका हन करेी तथा यह प्रयास करेी की उक्त प्रकरण शीघ्राधितशीघ्र विनराकृ त हो तथा अनाेदक को अनाश्यक रूप से परेशानी का सामना न करना पcे। अनाेदक आेविदका को इस कं धिडका में उल्लेत्तिLत प्रकरण के संबं में दी ाने ाली राशिश 5,00,000/- ( पांच लाL रूपये मात्र) को आेविदका को उस विदन देा जिस विदन उनके द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत विकये ाने ाले विाह विच्छेद के आेदन में उनका कथन माननीय कु टूम्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष द9 होा। आेविदका इस बात पर सहमत है विक ह इस कं धिडका में उल्लेत्तिLत प्रकरण के आदेश पवित्रका की प्रमाशिणत प्रधितत्तिलविप स्यं के व्यय पर प्रा@ कर अनाेदक को देी। 3. अनाेविदका के द्वारा माननीय न्याधियक दंडाधिकारी प्रथम 9, रायपुर के समक्ष घरेलु हिंहसा अधिविनयम के अंत9त एक परिराद प्रकरण क्र०-415/2019 पेश विकया या है ो विक त9मान में लंविबत हैं। उभय पक्ष की आपसी सहमधित के आार पर अनाेदक के द्वारा 5,00,000/- ( पांच लाL रूपये मात्र) की राशिश बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथा आर०टी०ी०एस० के द्वारा विदनांक 27.09.2025 तक आेविदका के रविग्राम तेलीबांा, रायपुर स्थिस्थत पोस्ट आविफस में संारिरत Lाता क्र०-4641478723 में मा/ अदा करेा जिसके पश्चात् आेविदका उसके द्वारा प्रस्तुत उक्त परिराद प्रकरण क्र 0-415/2019 को ापस ले लेंी। 4. आनाेदक त9मान में छ०म० शासन के अंत9त ृह (पुत्तिलस) विभा के अंत9त आरक्षक के पद पर काय9रत् है तथा त9मान में पुत्तिलस मुख्यालय में सी०आई०डी० विभा में पदस्थ है। अनाेदक के द्वारा अपने विभा में अपने उCराधिकारी के रूप में अपने पुत्र- विमतेश महेश्वरी का नाम द9 कराया या है। अनाेदक अपने पुत्र विमतेश का नाम उक्त दस्ताेों में से भविष्य में नहीं हटाने के त्तिलये इस शत9 पर सहमत है विक अनाेदक का नाबात्तिलक पुत्र विमतेश भविष्य में अनाेदक की स्अर्जित अथा पारिरारिरक विकसी भी संपत्तिC पर विकसी भी प्रकार का दाा नहीं करेा। आेविदका भी अनाेदक के विरूद्ध भविष्य में विकसी भी प्रकार का कोई दाा या मां नहीं करेी। 5. इस समझौते के अनुसार विाह विच्छेद के पश्चात् आेविदका एं अनाेदक आपस में कोई भी संबं नही रLेे एं एक- दूसरे के विरूद्ध कोई भी बात समा में, काय9स्थल पर और कही भी नही करेे तथा उभय पक्ष भविष्य में कभी विकसी ैाविहक अधिकार अथा भरण- पो=ण के संबं में कोई मां या मुकदमा दायर नही करेंें तथा आ के पश्चात् आेविदका एं उसका नाबात्तिल पुत्र विमतेश उसके यस्क होने के पश्चात् भी ीन में कभी भी अनाेदक के विरूद्ध विकसी भी प्रकार का भरण- पो=ण अथा उसकी स्अर्जित अथा पैतृक संपत्तिC पर विकसी भी प्रकार का दाा नहीं करेंे। 5 उभयपक्ष इस समझौता पत्र की शतQ से सहमत हैं एं पालन के त्तिलए कविटबद्ध हैं समझौता पत्र में दी ई शतQ को उन्होंने अपनी स्यं की स्ेच्छापू9क सहमधित एं विबना विकसी दबा, भय एं लालच के स्ीकार विकया या है उभयपक्ष ने इस समझौता पत्र की शतQ को पढने समझने के पश्चात अपनी स्तंत्र सहमधित से परस्पर एक- दूसरे की उपस्थिस्थधित में हस्ताक्षर कर विनष्पाविदत विकया। प्रथम पक्षकार… ..Sd/-……... विद्वतीय………… .Sd/-……….. Sd/- (एम.पी.एस. भाविटया) मध्यस्थ " 5. Learned counsel for the parties jointly submit that the aforesaid agreement has been arrived at between the parties without any pressure or coercion, out of their own free will, whereby they have amicable resolved the dispute before the Mediation Centre of this Court and therefore, the present appeal may be disposed of in terms of the aforesaid agreement dated 11.07.2025. 6. We have heard learned counsel for the respective parties. 7. In view of the submissions made by learned counsel for the parties, the judgment and decree of divorce dated 17.10.2022 passed by learned Family Court, Raipur is hereby set aside. The said agreement will form part of this judgment. 8. Let a decree be drawn accordingly. 9. Interlocutory application, if any pending, shall also stand disposed of. Sd/- Sd/- (Rajani Dubey) (Amitendra Kishore Prasad) JUDGE JUDGE AMIT PATEL