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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 40768 (CHH)
PRASHEEN GUPTA v. STATE OF CHHATTISGARH
MCRC/6854/2025 · 2025-08-31
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 40768 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025)
2025:CGHC:44446 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिवेतिवेध
दाण्डिक प्रकरण
क्रमां$क
-6557
/2025
1. एजाजा उर्फ/ रजा0 अ$सर तिपु-मां1हम्मांदा तिमांया$, वे/मांन उम्र-लगभग 28 वेर्ष/, तिनवेस -ग्रामां हरईयाखुदा/, पु1स्ट-तिदापु>वे, पुलिलस थान-नवे जायापुर, रूतिदादा ह, लिजाल-पुलमां0, झारखु$ । -----आवेदाक/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभर , पुलिलस थान-सकर , लिजाल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा एवे$ तिवेतिवेध
दाण्डिक प्रकरण
क्रमां$क
-6854
/2025
1. प्रशी न गप्ता तिपु-प्रमां1दा गप्ता, वे/मांन उम्र-लगभग 30 वेर्ष/, तिनवेस -मांकन स$ख्या-100, ईस्टन जार, मांगलसरया, पुलिलस थान-क1वेल , मांगलसरया, लिजाल-च$दा>ल , उत्तीर प्रदाशी । -----आवेदाक/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभर , पुलिलस थान-सकर , लिजाल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा आवेदाकगण/अतिभयाक्तगण द्वार : श्री ऋतिर्ष रहRल स1न , अलिधवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री एच०ए०पु ०एस० भतिटया, पुTनल अलिधवेक्त । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN
2 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025) मांनन या न्यायामां0ति/ श्री स$जाया क मांर जायासवेल
, न्यायाध शी
!! आदाशी पु ठ पुर पुरिर !! 01/09/2025
1. उपुर1क्त दा1नY जामांन आवेदान, पुलिलस थान-सकर , लिजाल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ क अपुरध क्रमां$क-641/2022 अ$ग/ धर-302, 120- , 201, 341 सहपुतिठ धर-34 भर या दा स$तिह, 1860 एवे$ धर-25, 27 आयाध अलिधतिनयामां, 1959 स स$$लिध ह1न क करण, इनक तिनरकरण इस स$याक्त आदाशी क मांध्यामां स तिकया जा रह हT ।
2. धर-483 भर या नगरिरक सरक्षा स$तिह, 2023 क ह प्रस् उपुर1क्त जामांन आवेदानY मां] क्रमांशी^ एजाजा उर्फ/ रजा0 अ$सर एवे$ प्रशी न गप्ता क तिनयातिमां जामांन क_ मां$ग क_ गई हT ।
3. आवेदाक/अतिभयाक्त एजाजा उर्फ/ रजा0 अ$सर क प्रथामां जामांन आवेदान, तिवेतिवेध दाण्डिक प्रकरण क्रमां$क-5593/2023 इस न्यायालया द्वार तिदान$क-05/09/2023 क1 तिनरस् कर तिदाया गया था । इस प्रकर, आवेदाक एजाजा उर्फ/ रजा0 अ$सर क याह तिद्वा या जामांन आवेदान हT, जा1 तिक तिवेचरण या हT ।
4. आवेदाक/अतिभयाक्त प्रशी न गप्ता क याह प्रथामां जामांन आवेदान हT, जा1 तिक तिवेचरण या हT ।
5.
अतिभया1जान मांमांल, स$क्षापु मां], इस आशीया क हT तिक तिदान$क-14/12/2022 क1 आपुरलिधक र्षड्यं$त्र एवे$ समांन्या आशीया क ह स$जा0 तित्रपुठ (मांcक) क1 तिपुस्>ल स ग1ल मांरकर हत्या कर दा गई, लिजास स$$ध मां] थान-सकर , लिजाल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ मां] अपुरध पु$जा द्घ तिकया गया । पुलिलस द्वार तिवेवेचन पु0ण/ तिकए जान क पुश्च क ल-24
3 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025) अतिभयाक्तगण क तिवेरूद्घ अतिभया1ग पुत्र पुशी तिकया गया, लिजासक तिवेचरण सत्र न्यायालया, तिलसपुर, लिजाल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ क समांक्षा ल$ति हT ।
6. आवेदाक/अतिभयाक्त पुक्षा क तिवेद्वान अलिधवेक्त क क/ हT तिक इस मांमांल मां] अतिभया1जान द्वार क ल-62 सतिक्षायाY क1 स0च द्घ तिकया गया हT, लिजानमां] स अ क क वेल 35 स 36 सतिक्षायाY क ह यान दाजा/ ह1 पुया हg । आवेदाक/अतिभयाक्त एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर
तिदान$क-30/12/2022 स था अतिभयाक्त प्रशी न गप्ता तिदान$क-27/01/2023 स न्यातियाक अतिभरक्षा मां] तिनरूद्घ हg । मांcक क तिपु एवे$ मांख्या अतिभयाक्त जाया नरयाण तित्रपुठ
क जामांन आवेदान भ मांनन या उच्चमां न्यायालया द्वार तिदान$क-05/08/2025 क1 स्वे कर तिकया जा चक हT । इस प्रकरण मां] क ल-24 अतिभयाक्तगण सण्डिम्मांलिल हg, लिजानमां] स लगभग 10 सह-अतिभयाक्तगण क1 मांनन या उच्चमां न्यायालया अथावे इस न्यायालया द्वार जामांन प्रदान क_ जा चक_ हT । वे/मांन अतिभयाक्तगण क मांमांल भ उन सह-अतिभयाक्तगण स तिभन्न नहj हT । तिवेचरण मां] समांया लगन स$भतिवे हT । अ^ उन्ह] जामांन पुर रिरह तिकया जाया ।
7. अतिभयाक्त/आवेदाक एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर क स$$ध मां] तिवेद्वान अलिधवेक्त क याह क/ हT तिक उसपुर याह आर1पु हT तिक उसन सह-अतिभयाक्त यास0र्फ़ क कहन पुर 02 तिपुस्>ल एवे$ 10 लट सह-अतिभयाक्त प्रमां श्री वेस क1 उपुलब्ध करए था । आवेदाक एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर स क1ई भ वेस् जाब् नहj क_ गई हT । वेह लगभग 02 वेर्ष/ 08 मांह स न्यातियाक अतिभरक्षा मां] तिनरूद्घ हT था तिवेचरण मां] समांया लगन स$भतिवे हT । उक्त थ्याY क पुरिरप्रक्ष्या मां], आवेदाक एजाजा उर्फ/ रजा0 अ$सर क1 भ जामांन पुर रिरह तिकया जाया ।
8.
आवेदाक/अतिभयाक्त प्रशी न गप्ता क स$$ध मां] तिवेद्वान अलिधवेक्त क क/ हT तिक आवेदाक स क वेल एक मां1इल र्फ़1न क_ ह जाब् क_ गई हT । उस पुर याह आर1पु हT तिक घटन क
4 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025) समांया मांcक क_ कर क1 र1कन क उद्देश्या स उसन ण्डिस्वेफ्ट तिज़ायार कर, मांcक क_ कर क समांन लगई, लिजासस मांcक क_ कर रुक गई और त्पुश्चt उस पुर तिपुस्>ल स र्फ़यार कर उसक_ हत्या कर दा गई । आवेदाक तिदान$क-27/01/2023 स न्यातियाक अतिभरक्षा मां] तिनरूद्घ हT और लगभग 02 वेर्ष/ 07 मांह स तिनर$र अतिभरक्षा मां] हT । तिवेचरण मां] समांया लगन स$भतिवे हT । सथा ह , लिजान सह-अतिभयाक्तगण क1 पु0वे/ मां] जामांन पुर रिरह तिकया गया हT, उनक_ ण्डिस्थाति भ आवेदाक क समांन हT । उक्त थ्याY क पुरिरप्रक्ष्या मां], आवेदाक प्रशी न गप्ता क1 भ जामांन पुर रिरह तिकया जाया ।
9. उत्तीरवेदा /रज्या क_ ओर स उपुण्डिस्था तिवेद्वान अलिधवेक्त क क/ हT तिक वे/मांन प्रकरण ग$भ र प्रकc ति क_ हत्या क_ घटन स स$$लिध हT । इसमां] आपुरलिधक र्षड्यं$त्रपु0वे/क हर स शी0टर लए गए था और पु0वे/ तिनया1लिजा या1जान क ह स$जा0 तित्रपुठ क_ ग1ल मांरकर हत्या क_ गई । इस घटन मां] तिपुस्>ल स र्फ़यार करन वेल मांख्या आर1पु इरर्फ़न अहमांदा उर्फ़/
जा एवे$ मां1हम्मांदा दातिनशी रह हg । आवेदाक/अतिभयाक्त एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर न ह
उक्त अपुरध मां] प्रयाक्त तिपुस्>ल एवे$ लट छत्ती सगढ़ मां] आकर उपुलब्ध करए था । अ^ उसक_ भ0तिमांक अत्या$ ग$भ र एवे$ घटनक्रमां क_ मांख्या कड़ी हT । यातिदा आवेदाक क1 जामांन पुर रिरह तिकया जा हT 1 वेह शीर्ष गवेहY क1 प्रभतिवे कर सक हT, सक्ष्याY स छड़ीछड़ी कर सक हT था न्यातियाक प्रतिक्रया मां] व्यावेधन उत्पुन्न कर सक हT ।
10.
इस प्रकर, आवेदाक/अतिभयाक्त प्रशी न गप्ता क_ भ घटन मां] प्रत्याक्षा भ0तिमांक रह हT । अतिभया1जान क अनसर, उसन ण्डिस्वेफ़्ट तिज़ायार कर चल हRए मांcक क वेहन क1 समांन स र1क तिदाया, लिजासस मांcक क वेहन रुक गया और त्पुश्च उस पुर अ$धध$ध र्फयारिर$ग कर उसक_ हत्या कर दा गई । इस प्रकर दा1नY ह आवेदाकगण/अतिभयाक्तगण क_ घटन मां] प्रमांखु एवे$ सतिक्रया भ0तिमांक हT । अ^ उनक मांमांल उन सह-अतिभयाक्तगण स तिभन्न हT लिजान्ह]
5 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025) जामांन प्रदान क_ गई हT । मांcक क तिपु/अतिभयाक्त जाया नरयाण तित्रपुठ क1 मांनन या उच्चमां न्यायालया न क वेल उनक_ आया (76 वेर्ष/) क1 ध्यान मां] रखु हRए जामांन प्रदान क_ हT, जा1 वे/मांन आवेदाकगण पुर लग0 नहj ह1 । इसक अतिरिरक्त, आवेदाक/अतिभयाक्त एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर क तिवेरुद्ध पु0वे/ मां] आयाध अलिधतिनयामां क अ$ग/ एक अन्या मांमांल दाजा/ रह हT, जा1 उसक_ आपुरलिधक प्रवेcलित्ती क1 दाशी/ हT । याह पु0र अपुरध पु0वे/ तिनध/रिर या1जान क ह, र्षड्यं$त्रपु0वे/क रच गया था, लिजासमां] सवे/जातिनक स्थान पुर वेहन क1 र1ककर अ$धध$ध र्फयारिर$ग कर हRए स$जा0 तित्रपुठ क_ हत्या क_ गई । अपुरध क_ ग$भ र प्रकc ति एवे$ आवेदाकगण क_ मांहत्वेपु0ण/ भ0तिमांक क1 दाखु हRए, उनक जामांन आवेदान तिनरस् तिकया जाया ।
11. मांमांल मां] आवेदाक/अतिभयाक्त पुक्षा द्वार प्रस् तिकए गए था इस न्यायालया द्वार पुरिर जामांन आदाशीY था स$पु0ण/ अतिभलखुY क पुरिरशी लन तिकया गया ।
12.
स$पु0ण/ पुरिरशी लन स याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट ह1 हT तिक पु0वे/ मां] जामांन पुर रिरह तिकए गए आशी र्ष तिवेर या रजान्द्र ठक र स आवेदाक/अतिभयाक्त प्रशी न गप्ता क मांमांल तिभन्न हT, क्याYतिक मांcक क वेहन क1 र1कन वेल दा0सर ण्डिस्वेफ़्ट तिज़ायार कर क चलक स्वेया$ आवेदाक प्रशी न गप्ता था; अ^ मां>क पुर उसक_ प्रमांखु भ0तिमांक रह । इस प्रकर, लिजास तिपुस्>ल एवे$ लट स मांcक पुर र्फ़यार तिकया गया, उन्ह] उपुलब्ध करन वेल आवेदाक/अतिभयाक्त एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर रह, जा1 ल्टनग$जा स आकर अ$तिकपुर मां] सह-अतिभयाक्त प्रमां श्री वेस क1 उक्त हलिथायार उपुलब्ध करया था । इस प्रकर दा1नY आवेदाक/अतिभयाक्तगण क_ मांहत्वेपु0ण/ एवे$ सतिक्रया भ0तिमांक प्रथामांदृष्टया पुरिरलतिक्षा ह1 हT । इन थ्याY क1 दृतिष्टग रखु हRए था पुलिलस द्वार स$कलिल सक्ष्या क1 दाखु हRए याह न्यायालया पु हT तिक लिजान सह-अतिभयाक्तगण क1 जामांन दा गई, उनस वे/मांन आवेदाक/अतिभयाक्तगण क मांमांल
6 / 6 (M.Cr.C. No.-6557 of 2025 & 6854 of 2025) समांरूपु नहj हT । इस अवेस्था मां] आवेदाक/अतिभयाक्तगण क मांमांल जामांन क लिलए उपुयाक्त नहj पुया जा; र्फल^ आवेदाक एजाजा उर्फ़/ रजा0 अ$सर एवे$ आवेदाक प्रशी न गप्ता क जामांन आवेदान खुरिरजा तिकए जा हg ।
13. इस मांमांल मां] घटन तिदान$क-14/12/2022 क_ या गई हT । तिवेचरण लम् समांया स ल$ति हT, लिजासमां] क ल-62 सक्षा ए गए हg और वे/मांन मां] कर 35-36 सतिक्षायाY क पुर क्षाण ह1न या गया हT । उसमां] क छ अतिभयाक्तगण कर 2
½ वेर्ष/ स भ अलिधक समांया स न्यातियाक अतिभरक्षा मां] हT । मांमांल मां] शी घ्र तिवेचरण क_ आवेश्याक हT । उपुर1क्त अवेस्था मां] तिवेचरण न्यायालया क1 तिनदा•तिशी तिकया जा हT तिक स$पु0ण/ प्रयासY क सथा तिवेचरण क_ कया/वेह मां] गति ल हRए उसक शी घ्रपु0वे/क तिनरकरण तिकया जाए ।
14. रलिजास्ट‚ क1 तिनदा•तिशी तिकया जा हT तिक इस आदाशी क_ प्रतिलिलतिपु याथाशी घ्र तिवेचरण न्यायालया क1 स0चनथा/ वे अनपुलनथा/ प्रतिर्ष क_ जाए । सह /- (स$जाया क मांर जायासवेल) न्यायाध शी पो
मन