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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 40659 (ALL)

RAKESH SINGH AND ANOTHER v. State of UP

ABAIL/3327/2024 · 2025-08-13

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:139176 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 3327 of 2024 Applicant :- Rakesh Singh And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ambreen Masroor,Sadrul Islam Jafri,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- Adarsh Srivastava,G.A.,Reena Pal Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रमाकवे श सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०ससिं० 1029/2023, अन्रररर धमारमा 420, 406, 467, 468, 471, 504, 506 भमा.दसिं.ससिं., रमानमा खमुजमार नरर , सजलमा बमुलसिंदशहर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार ययोसजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेदक कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा एवसिं गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा कयो समुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरयोक धमारमाओसिं मम दवेषवश रसिंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशसिंकमा हहै गक उसवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभरी कयोई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हहै। वररममान वमाद मम गवववेचनमा प्रचसलर हहै ररमा आरयोपपत दमासखल नहहीं गकयमा रयमा हहै। पपूवर मम आदवेश गदनमासिंगकर 22.04.2024 कवे दमारमा आववेदक कयो असिंरररम अगग्रिम जममानर प्रदमान ककी जमा चमुककी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहययोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसिं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भरी आवश्यकरमा हयोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कयो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोसिं कयो सवरीकमार करनवे कवे सलए भरी रहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर असधरयोगपर करवेररी। 4. गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयमुक ककी भपूगमकमा पररलगक्षिर हयो रहरी हहै ररमा इस घटनमा मम इनककी भपूगमकमा ससिंभमाव्य हहै। इससलए अगभयमुक कयो अगग्रिम जममानर पर ममुक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक गर और रसिंभरीररमा, आरयोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससिंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मपूल्यमासिंकन करनमा चमागहए और आरयोपरी ककी वमासरगवक भपूगमकमा पर भरी गवचमार करनमा चमागहए। 6. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा कवे रकर्दो एवसिं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससिंबसिंधरी गवसध कवे सरमागपर ससद्धमासिंरपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान असधवकमाओसिं कवे करनपों, आरयोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्यपों एवसिं पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर- दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। 7. रद्नमुसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरयोक ममुकदममा अपरमाध ससिंख्यमा मम सणममसलर आववेदक ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम, उसवे ससिंबसिंसधर रमानवे कवे भमारसमाधक असधकमाररी ककी ससिंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसिंध पत एवसिं उसरी धनरमागश कवे दयो प्रगरभपू प्रसरमुर करनवे पर, पमुसलस आख्यमा दमासखल गकए जमानवे रक गनमन शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ममुक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभययोजन पक्षि कवे रवमाहपों कयो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक, यगद आवश्यक हयोरमा रयो पमुसलस असधकमाररी कवे समक्षि जमॉच हवेरमु अपवेगक्षिर प्रत्यवेक गरसर एवसिं गनयर समय पर उपणसरर रहवेरमा ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करवेरमा, सजसकमा आरयोप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा सजसकवे गकए जमानवे कमा ससिंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसरी व्यगक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा सजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसरी पमुसलस असधकमाररी कवे समक्षि रथ्यपों कमा खमुलमासमा करनवे सवे गवममुख हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़छमाड़ करवे। 9. उपरयोक शरर्दो कवे उलसिंघन ककी णसरगर मम अगभययोजन पक्षि कयो , आववेदक कयो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसररीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसिंतरमा हयोररी। Order Date :- 14.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad