Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 39071 (ALL)
RAJ KUMAR ROY v. STATE OF U.P.
BAIL/11640/2025 · 2025-08-18
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 39071 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 39071 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:142483 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 11640 of 2025 Applicant :- Raj Kumar Roy Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Abhishek Kumar Jaiswal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे आज प्रत्ययत्तर शपथपत दद्वाधखिल वकयद्वा गयद्वा, धजसवे पतद्वावलली पर रखिद्वा जद्वाय।
2. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शली चवंदन धसवंह कको सयनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक Raj Kumar Roy ककी ओर सवे मय०अ०सवं० 118/2021, अवंतगरत धिद्वारद्वा 406, 420, 467, 468, 471 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा धसगरद्वा, धजलद्वा वद्वारद्वारसली मम जमद्वानत पर मयक करनवे हवेतय प्रस्तयत वकयद्वा गयद्वा हहै।
4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तयत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , आववेदक दद्वारद्वा कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। यहद्वावं प्रद्वासवंवगक तथ्य हहै वक वतरमद्वान वद्वाद मम अन्य सह-अवभययक रघय जयद्वा शवेटली ककी जमद्वानत, जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 23428/2025 मम इसली न्यद्वायपलीठ दद्वारद्वा वभन्न वतधथ कको स्वलीकक त ककी जद्वा चयककी हहै। अततः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह-अवभययक सवे समद्वान भझूवमकद्वा कवे आधिद्वार पर आववेदक भली जमद्वानत पद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारली हहै। आववेदक दद्वारद्वा आज दद्वाधखिल प्रत्ययत्तर शपथपत कवे प्रस्तर सवं० 7 मम अपनवे पझूवर कवे आपरद्वाधधिक इवतहद्वासस कको स्पष्ट वकयद्वा गयद्वा हहै। पयनतः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग करनवे
कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हकोगली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खियद कको उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेगली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 23.10.2024 सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तयत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
6.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यस एववं पररणस्थवतयस कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद, सबझूतस ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनयपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखितवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मयक करनवे कद्वा उपययक आधिद्वार हहै।
7. अततः वद्वाद कवे गयर -दकोष पर वबनद्वा ककोई वटिप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतयवष्ट पर व्यवकगत बवंधि- पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको प्रवतभझू प्रस्तयत करनवे पर वनम्नधलधखित शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षर कवे ददौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यस कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेगद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षयस व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेगद्वा/धिमकद्वायवेगद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशस कद्वा पद्वालन करवेगद्वा, वह परलीक्षर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोगद्वा तथद्वा परलीक्षर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोग करवेगद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा
दयरूपयकोग नहली करवेगद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक गवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोगद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेगद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यस सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पयधलस अधधिकद्वाररयस कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेगद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेगद्वा , धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यस कको उजद्वागर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
8. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानयसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 19.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad