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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 11813 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 715/2022 अन्तगर्त धारा 419, 420, 406, 506 भारतीय दण्ड संिहता, थाना कोतवाली, िजला फतेहपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 39564/2023 में इस न्यायालय के आदेश िदनांक 18.10.2023 के द्वारा िनरस्त िकया गया है।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा प्रितशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है। मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह है िक प्रश्नगत घटना जनपद फतेहपुर के अंतगर्त घिटत होना बताया गया है, जबिक कं पनी के साथ हुए सहमित ज्ञापन (Memorandum of Understanding) के अनुसार आवेदक को कं पनी द्वारा जनपद लखनऊ, बांदा, गुरसहाय, गंज (कन्नौज), कन्नौज व लालगंज (रायबरेली) क्षेत्र के सभी दाियत्वों को सौपा गया तथा जनपद फतेहपुर का दाियत्व सहअिभयुक्त जोगेश्वर साहू को सौंपा गया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक किथत घटना में आवेदक की कोई भूिमका नहीं है। आगे यह भी प्रस्तुत िकया गया िक आवेदक लगभग दो वषर् से अिधक समय से कारागार में िनरूद्ध है, िकतु अभी तक सत्र परीक्षण के शीघ्र िनस्तारण की संभावना पिरलिक्षत नहीं हो रही है। इसिलए आवेदक को जमानत पर मुक्त कर िदया जाय। आवेदक के Versus Counsel for Applicant(s) : Rafeek Ahmad Khan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Mumtaj Ahmad .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
आपरािधक इितहास का वणर्न आवेदन पत्र के प्रस्तर- 14 में िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 09.06.2023 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त का इसी प्रकृ ित के अपराधों का आपरािधक इितहास है तथा अिभयुक्त अभ्यस्थ अपराधी है। अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
7. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/ धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. BAIL No. 11813 of 2025 2
आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 11813 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad