Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 37912 (ALL)

RAKESH CHANDRA @ RAKESH KUMAR v. STATE OF U.P.

NABAIL/2625/2025 · 2025-05-19

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:84565 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 2625 of 2025 Applicant :- Rakesh Chandra @ Rakesh Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Shailendra Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रमाकवे श चन्द्र उरर रमाकवे श कक ममार ककी ओर सवे मक०अ०ससं० 1661 सनन् 2019, अन्रररर धमारमा 467/ 468/ 420/ 470/ 409 भमा०दसं०गव० एवसं 3/7 आवश्यक वस्रक अधधगनयम, रमानमा कमासंट, धजलमा शमाहजहमासंपकर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारर ककी णस्रगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कको सकनमा ररमा पतमावलर कमा पररशरलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रस्रकर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनरय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भर करन हहै गक आववेदक कमा ककोई आपरमाधधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभर रक ककोई भर बमाध्यकमारर प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयर हहै। पकननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसर यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भर आवश्यकरमा हकोरर वह ईममानदमारर सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खकद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभर शरर्दोसं कको स्वरकमार करनवे कवे धलए भर रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अधधरकोगपर करवेरर। 4. गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयकक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रस्रकर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभरर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणस्रगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयकक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयकक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभरररमा, आरकोपर ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपर कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभर समामग्रिर कमा समावधमानर सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपर ककी वमास्रगवक भनूगमकमा पर भर गवचमार करनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधर गवधध कवे स्रमागपर धसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभर रथ्ययों एवसं पररणस्रगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रकर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा स्वरकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नकसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत स्वरकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक मककदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररफ्रमारर ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भमारसमाधक अधधकमारर ककी ससंरकगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसर धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रस्रकर करनवे पर , (सत पररक्षिर कवे गनस्रमारर रक) गनमन शरर्दो कवे अधरन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको पकधलस अधधकमारर दमारमा जमॉच हवेरक अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसर व्यगक यमा पकधलस अधधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसर पकधलस अधधकमारर कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयकोर करमरवे और जममानर ककी स्वरसंतरमा कमा दकरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णस्रगर मम गवववेचनमाधधकमारर /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेदक कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरस्ररकरर हवेरक उपयकक आववेदन प्रस्रकर करनवे ककी स्वरसंतरमा हकोरमा। Order Date :- 20.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad