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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 35773 (CHH)
Prosecutrix (Victim) v. STATE OF CHHATTISGARH
ACQA/237/2021 · 2025-10-08
Shri Sanjay Agrawal, Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 35773 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 {Acq. A. No.-237 of 2021}
2025:CGHC:50316-DB अ्ቚतिवे्ቕ छቈኍ सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दोषमुति
अपु ल ्ቅमु!क
-237
/2021
Prosecutrix (Victim) -----अपु लቕኍ+/अति,याक्ቔኍ तिवेरू्ሾ
1. छቈኍ सगढ़ रज्या, ቛኋर ቕኍना ्ቚ,र , पुलिलस ቕኍना-धघाट, लि8ल-स्र, छቈኍ सगढ़,
2. रतिवे गयाकवेड़ तिपु-र8 क मुर गयाकवेड़, उ्-लग,ग 32 वेष<, तिनावेस - एफ.स .आई. गदोमु क पु छ, 8गदोलपुर, ቕኍना-धघाट, लि8ल-स्र, छቈኍ सगढ़ (अति,या) । -----उቈኍरवेदो गण अपु लቕኍ+/अति,याक्ቔኍ ቛኋर : ቦኍ लि8न््ቖ शुक्ल, अलिधवे । रज्या/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-1 ቛኋर : ቦኍ अना घाष, उपु शुसकJया अलिधवे । अति,या/उቈኍरवेदो ्ቅमु!क-2 ቛኋर : सKचना नाीሻM । यागल पु ठःO मुनाना या न्यायामुKति< ቦኍ स!8या अ्ቇवेल
, न्यायाध शु
मुनाना या न्यायामुKति< ቦኍ स!8या क मुर 8यासवेल
, न्यायाध शु
!! तिनाण<या पु ठः पुर पुरिर !! ቛኋर
स!8या क मुर 8यासवेल
, न्यायाध शु
POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.10.09 17:29:38 +0530
2 / 5 {Acq. A. No.-237 of 2021} 09/10/2025
1. ्ቚर!ति,क स्र पुर सना गया ।
2. दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिीሻ, 1973 कJ धर-372 क ीሻ दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् इस अपु ल मुX तिवेचरण न्यायालया-अतिरिर सቔኍ न्यायाध शु (एफ०ट ०स ०), स्र स्ቕኍना 8गदोलपुर, छቈኍ सगढ़ ቛኋर सቔኍ ्ቚकरण ्ቅमु!क-04/2019 “छቈኍ सगढ़ रज्या तिवेरू्ሾ रतिवे गयाकवेड़” मुX पुरिर तिनाण<या तिदोना!क-01/02/2021 कJ वे]ध क चना^ दो गई ीሻ] । लि8सक ीሻ अति,या8ना क मुमुल ्ቚमुतिण ना पु ीሻ_ए अति,या क धर-376(2) (ढ) ,र या दोण्ड स!तिीሻ, 1860 क अपुरध स दोषमु तिकया गया । लि8स आग स!ቌኔपु मुX
“्ቚश्नाध ना तिनाण<या” कीሻ गया ीሻ] ।
3. अति,या8ना मुमुल, स!ቌኔपु मुX, इस ्ቚकर ीሻ] तिक 8लई, 2017 मुX अति,याक्ቔኍ (अ०स०- 6) क ,ई (अ०स०-10) ग!8 8ब् क मुमुल मुX कX ्ቖ या 8ल, 8गदोलपुर मुX तिनारू्ሾ ቕኍ । अति,याक्ቔኍ कJ ीሻना , 8गदोलपुर मुX ीሻ तिनावेसर ቕኍ । ,ई स तिमुलना क लिलए अति,याक्ቔኍ (अ०स०-6) अपुना मुf (अ०स०-7) क सቕኍ कX ्ቖ या 8ल, 8गदोलपुर 8या कर ቕኍ । उस समुया कX ्ቖ या 8ल मुX अति,या रतिवे गयाकवेड़ (पुलिलस) पुदोस्ቕኍ ቕኍ । 8ल मुX मुलक क दो^रना मुईल फना 8मु करना पुड़ ቕኍ, इस ीሻना अति,या क अति,याक्ቔኍ स पुरिरचया और स!पुक< ीሻ_आ । इसक पुश्च अति,या क अति,याक्ቔኍ क घार आना-8ना , ्ቚर!, ीሻ गया । एक अवेसर पुर, 8 अति,याक्ቔኍ कJ मुf, ,, एवे!
ीሻना 8गदोलपुर स ीሻर गए ीሻ_ए ቕኍ, अति,या र मुX अति,याक्ቔኍ क घार रुक और उसना उसक सቕኍ 8रना शुर रिरक स!!ध नाया । त्पुश्च अति,या ना शुदो क ्ቚल,ना दोकर लगर अति,याक्ቔኍ क सቕኍ शुर रिरक स!!ध स्ቕኍतिपु तिकए । पुश्च मुX याीሻ थ्या समुना आया तिक अति,या पुKवे< स ीሻ तिवेवेतिीሻ ቕኍ । 8 अति,याक्ቔኍ ना उसस तिवेवेीሻ
3 / 5 {Acq. A. No.-237 of 2021} करना कJ कीሻ उसना तिवेवेीሻ करना स इ!कर कर तिदोया । इस पुर अति,याक्ቔኍ ቛኋर दो गई लिललिk तिशुकया (्ቚदोशु< पु -4) क आधर पुर तिदोना!क 30/08/2018 क ቕኍना धघाट, 8गदोलपुर मुX अपुरध ्ቅमु!क 282/2018 क ्ቚቕኍमु सKचना पुቔኍ (्ቚदोशु< पु -5) दो8< तिकया गया । इसक उपुर! उ,यापुቌኔ क तिचतिकत्स या पुर ቌኔण करया गया, घाटना स्ቕኍल क मु^क-नाक्शु ]यार तिकया गया, सतिቌኔयाl क कቕኍना दो8< तिकए गए, 8ब् स!पुलिቈኍयाl क रसयातिनाक पुर ቌኔण ीሻ ,8 गया और स!पुKण< तिवेवेचना उपुर! अति,यागपुቔኍ पुशु तिकया गया ।
4. आरपु क ्ቚमुणना वेस् अति,या8ना कJ ओर स अपुना पुቌኔ समुቕኍ<ना मुX 10 सतिቌኔयाl क पुर ቌኔण ቕኍ 16 दोस्वे8 ्ቚदोशु< तिचन्ीሻ!तिक करए गए । धर-313 दोण्ड ्ቚति्ቅया स!तिीሻ क ीሻ कቕኍना मुX अति,या ना अपुना तिवेपुर सतिቌኔयाl क कቕኍनाl क इ!कर कर ीሻ_ए स्वेया! क तिनादोnष ीሻना या ीሻ] लि8सना चवे मुX कई सቌኚया ्ቚस् नाीሻM तिकया गया । उ,यापुቌኔ क सना 8कर तिवेचरण न्यायालया ቛኋर याीሻ पुया गया तिक अति,याक्ቔኍ वेयास्क ቕኍ
और सीሻमुति स स!!ध स्ቕኍतिपु तिकए गए ቕኍ । लि8सक आधर पुर अपुरध ्ቚमुतिण ना ीሻना पु ीሻ_ए अति,या कJ दोषमुति क ्ቚश्नाध ना तिनाण<या पुरिर तिकया गया ीሻ] लि8स इस अपु ल मुX चना^ दो गई ीሻ] ।
5. Recently, applying the law governing the scope of interference in an appeal against acquittal, the Hon’ble Supreme Court in the case of
“State of Rajasthan vs. Kistoora Ram” reported in 2022 SCC OnLine SC 984, has held as follows:-
“8. The scope of interference in an appeal against acquittal is very limited. Unless it is found that the view taken by the Court is impossible or perverse, it is not permissible to interfere with the finding of acquittal. Equally if two views are possible, it is not permissible to set aside an order of acquittal, merely because the
4 / 5 {Acq. A. No.-237 of 2021} Appellate Court finds the way of conviction to be more probable.
The interference would be warranted only if the view taken is not possible at all.”
6. स!पुKण< सቌኚया क पुरिरशु लना स याीሻ ቝኌस्ቕኍति स्पु्ቖ ीሻ ीሻ] तिक अति,याक्ቔኍ (अ०स०-6) एक वेयास्क मुतिीሻल रीሻ लि8सना अपुना सቌኚया मुX याीሻ स्वे कर तिकया ीሻ] तिक वेीሻ अपुना अच्छ और र ,लिल,!ति 8ना और समुझ ीሻs । सቌኚया मुX उसना याीሻ अवेश्या कीሻ ीሻ] तिक अति,या उस धमुकJ दो ቕኍ, वेीሻ ग,<वे ीሻ_ई दोवे तिदोया लि8सपुर उसक ग,<पु , ीሻ_आ ቕኍ । तिक! उसक लिललिk रिरपुट< और पुलिलस रिरपुट< मुX इस थ्या क कई उቤኔk नाीሻM ीሻ] । अति,याक्ቔኍ ना स्वेया! याीሻ कीሻ ीሻ] तिक अति,या एक वेष< क उसस ज़रदोस् स!!ध ना रीሻ । याीሻ उቤኔkना या ीሻ] तिक रिरपुट< घाटना क लग,ग एक वेष< पुश्च दो8< करई गई । ्ቚतिपुर ቌኔण मुX अति,याक्ቔኍ ना स्वे कर तिकया तिक 8 अति,या ना पुीሻल र शुर रिरक स!!ध नाया, उसना घाटना क तिवेषया मुX तिकस क नाीሻM या और ना ीሻ पुलिलस क सKचना दो । उसना याीሻ , स्वे कर तिकया तिक लग,ग एक वेष< क दो^रना वेीሻ अति,या स तिमुल - 8ल रीሻ , उसक सቕኍ उड़ स और तिवेशुkपु्ሾनामु क स्ቕኍनाl पुर घाKमुना , गई ቕኍ दोनाl क च लगर फना पुर स!पुक< ना रीሻ, लि8समुX क, -क, आध घा!ट क वे<लपु ीሻ ቕኍ । अति,याक्ቔኍ ना याीሻ , स्वे कर तिकया तिक वेीሻ एक र अति,या क घार मुीሻरना
वेड<, 8गदोलपुर , गई ቕኍ , 8ीሻf उसना अति,या क तिपु, ,ई और मुf स ,Xट कJ ቕኍ । इना पुरिरቝኌस्ቕኍतियाl स अति,याक्ቔኍ क आचरण याीሻ दोशु< ीሻ] तिक वेीሻ अति,या क सቕኍ सीሻमुति स स!!ध मुX ቕኍ और अति,या क पुरिरवेर8नाl स उसक पुरिरचया , ቕኍ । ऐस
ቝኌस्ቕኍति मुX याीሻ कीሻना तिक उस अति,या क पुKवे< स तिवेवेतिीሻ ीሻना कJ 8नाकर नाीሻM ቕኍ , तिवेश्वेसना या ्ቚ नाीሻM ीሻ ।
7.
दोKसर ओर, अति,याक्ቔኍ क ,ई (अ०स०-10) ना अपुना सቌኚया मुX याीሻ या तिक 8 वेीሻ 8ल स छK ट चक ቕኍ और अपुना घार पुर ቕኍ, एक र अति,या उसकJ ीሻना अቕኍ<
5 / 5 {Acq. A. No.-237 of 2021} अति,याक्ቔኍ क सቕኍ उसक घार क एक कमुर मुX र,र रुक ቕኍ । ्ቚतिपुर ቌኔण मुX ,ई ना याीሻ स्वे कर तिकया तिक अति,या पुKवे< स तिवेवेतिीሻ ቕኍ, इस करण उन्ीሻlना अति,या स अति,याक्ቔኍ क तिवेवेीሻ करना स मुना तिकया ቕኍ । उसना याीሻ , स्पु्ቖ तिकया तिक अति,या ना अति,याक्ቔኍ स तिवेवेीሻ करना स इ!कर नाीሻM तिकया ቕኍ, ቝኌxक उन्ीሻlना स्वेया! अति,या स तिवेवेीሻ करना स इ!कर तिकया ቕኍ । ,ई ना याीሻ , स्वे कर तिकया तिक अति,या कJ पुत्ना ना अति,याक्ቔኍ क तिवेरु्ቍ ቕኍना मुX इस आशुया कJ रिरपुट< दो8< करई ቕኍ तिक अति,याक्ቔኍ ቛኋर अति,या पुर तिवेवेीሻ ीሻ 8रना दोवे डल 8 रीሻ ቕኍ । इस ्ቚकर, ,ई (अ०स०- 10) क याना स , याीሻ थ्या ्ቚकट ीሻ ीሻ] तिक अति,याक्ቔኍ वेयास्क मुतिीሻल रीሻ और अति,या क सቕኍ उसक स!!ध सीሻमुति पुर आधरिर ቕኍ ।
8. इस ्ቚकर, उपुर न्यायादृ्ቖ! क आधर पुर सቌኚया तिवेवेचना क फलस्वेरूपु ीሻमु पु ीሻs तिक तिक अति,लk मुX उपुलब्ध, थ्या और सቌኚया क दृति्ቖग रk ीሻ_ए तिवेचरण न्यायालया ቛኋर 8 दोषमुति क तिनाण<या पुरिर तिकया ीሻ] उसमुX कई अवे]ध या अशु्ሾ नाीሻM ीሻ] । इसलिलए उसमुX ीሻस्ቌኔपु कJ आवेश्याक नाीሻM पुया 8 ।
9. अO दोषमुति क तिवेरू्ሾ ्ቚस् याीሻ अपु ल स्वे कर याग्या ना ीሻना स ्ቚर!ति,क स्र पुर ीሻ
kरिर8 कJ 8 ीሻ] ।
10. तिनाण<या कJ ्ቚतिलिलतिपु क सቕኍ तिवेचरण न्यायालया क अति,लk शु ्ቈपुKवे<क वेपुस ्ቚतिष ीሻ । सीሻ /- (स!8या अ्ቇवेल) न्यायाध शु सीሻ /- (स!8या क मुर 8यासवेल) न्यायाध शु पुमुना