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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 35175 (CHH)

STATE OF CHHATTISGARH v. YOGESH @ MUKESH DANI

ACQA/868/2024 · 2025-09-21

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 5 {Acq. A. No.-868 of 2024} 2025:CGHC:48643 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दोषमुति अपु ल क्रमु!क -868 /2024  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थाना प्रभार , पुलिलस थाना-रना रई, लि1ल-दोग2, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा3/रज्या तिवेरूद्घ 1. यागश उर्फ2 मुक श दोना तिपु-अरूण दोना , उम्र-लगभाग 29 वेष2, तिनावेस -ग्रामु भारर, पुलिलस थाना-रना रई, हस ल-पुटना, लि1ल-दोग2, छत्ती सगढ़ । -----उत्तीरवेदो /अतिभाया अपु लथा3/रज्या द्वार : श्री अना घोष, उपु शसकBया अलिCवे । उत्तीरवेदो /अतिभाया द्वार : श्री ट ०क ० झा, अलिCवे कB ओर स श्री रहना क म्भार, अलिCवे। मुनाना या न्यायामुHति2 श्री स!1या क मुर 1यासवेल , न्यायाC श !! तिनाण2या पु ठ पुर पुरिर !! 22/09/2025 1. उभायापुक्ष क प्रर!तिभाक स्र पुर सना गया । 2. दोण्ड प्रतिक्रया स!तिह, 1973 कB Cर-378 (3) क ह दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् इस अपु ल मुW तिवेचरण न्यायालया-अपुर सत्र न्यायाC श (एर्फ०ट ०स ०), लि1ल-दोग2, POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.09.23 14:20:40 +0530 2 / 5 {Acq. A. No.-868 of 2024} छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरण क्रमु!क-115/2020 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ यागश उर्फ2 मुक श दोना ” मुW पुरिर तिनाण2या तिदोना!क-19/01/2023 कB वे\C क चना] दो गई ह\ । लि1सक ह अतिभाया1ना क मुमुल प्रमुतिण ना पु ह^ए अतिभाया क Cर-498(क) एवे! Cर-306 भार या दोण्ड स!तिह, 1860 क अपुरC स दोषमु तिकया गया ह\ । लि1स आग “प्रश्नाC ना तिनाण2या” स स!लिC तिकया 1 रह ह\ । 3. याह थ्या तिनातिवे2वेतिदो ह\ तिक मुbक अमुb क तिवेवेह अतिभाया यागश उर्फ2 मुक श दोना क सथा घोटना तिदोना!क 12/10/2019 स लगभाग पुcच वेष2 पुHवे2 स!पुन्न ह^आ था । उ तिवेवेह प्रमु तिवेवेह था था दोनाe तिभान्न-तिभान्न 1ति क था । 4. अतिभाया1ना क मुमुल स!क्षपु मुW इस प्रकर ह\ तिक तिवेवेह क पुश्च अतिभाया यागश उर्फ2 मुक श दोना द्वार मुbक अमुb क मुयाक स मुईल र्फना एवे! 50,000/- रुपुया लना कB कहकर उसक सथा मुरपु ट एवे! प्रड़ना दो 1ना लग , लि1सकB 1नाकर अमुb अपुना मुयाक पुक्ष क दो था । इस पुर मुयाक पुक्ष वेलe ना दो नाग मुईल र्फना खर दोकर अतिभाया क तिदोए, थातिपु अतिभाया द्वार 50,000/- रुपुया और लना कB मु!ग तिनार!र कB 1 रह । अतिभाया, मुbक क चरिरत्र पुर भा श!क कर था था उसक सथा मुरपु ट एवे! प्रड़ना कर था । उ प्रड़ना स !ग आकर मुbक अमुb ना अपुना ससरल स्थिस्था घोर मुW र्फ!स लगकर आत्मुहत्या कर ल । इस स!!C मुW मुग2 कयामु कर शवे पुर क्षण करया गया । मुग2 1!च उपुर! तिदोना!क 13/01/2020 क प्रथामु सHचना पुत्र दो12 तिकया गया, सतिक्षयाe क कथाना दो12 तिकए गए था मुbक क ससइडल नाट (आतिट2कल– ) A 1ब् तिकया गया । तिवेवेचना उपुर! अतिभायाग पुत्र न्यायालया मुW प्रस् तिकया गया । 3 / 5 {Acq. A. No.-868 of 2024} 5. स!पुHण2 अतिभालख एवे! प्रस् सक्ष्या क पुरिरश लना स याह स्थिस्थाति स्पुष्ट ह ह\ तिक अतिभाया यागश उर्फ2 मुक श दोना ब्राह्मण 1ति क ह\ था उसना मुbक अमुb, 1 सनामु 1ति कB था , उसस घोटना तिदोना!क स लगभाग पुcच वेष2 पुHवे2 प्रमु तिवेवेह तिकया था । मुbक कB मु चस्थिन्rक डहर (अ.स.-1), भाई ना!दोक मुर डहरिरया (अ.स.-2) एवे! हना मुमु सनावेना (अ.स.-3) ना अपुना कथाना मुW अतिभाया द्वार दोह1 कB मु!ग करना था मुbक क प्रतिड़ एवे! मुरपु ट करना कB W कहt हu, तिकन् इस स!!C मुW उनाकB ओर स पुलिलस मुW कभा कई तिशकया प्रस् नाहt कB गई । या नाe ह तिनाकटमु पुरिर1ना सक्ष मुbक क अ!तिमु स!स्कर मुW सस्थिम्मुलिल ह^ए था और उन्हW वेपुस छड़ना अतिभाया स्वेया! गया था । पुलिलस कB भा मु]1Hदोग क इना सतिक्षयाe ना स्वे कर तिकया ह\ । तिक! , मुग2 1!च पुर प्रथामु सHचना पुत्र कर 03 मुह पुश्च दो12 हना क पुHवे2 इना सतिक्षयाe ना कभा -कई प्रड़ना स!!C तिशकया पुलिलस मुW या समु1 मुW या कहt भा क्याe नाहt कB इसक कई समुCनाप्रदो स्पुष्ट करण नाहt तिदोया गया ह\ । 6. अतिभाया द्वार तिकस वेस् कB मु!ग कB 1 था , इस तिवेषया मुW नाe ह सतिक्षयाe क याना मुW ग!भा र तिवेरCभास कB स्थिस्थाति ह\ । मुbक कB मु चस्थिन्rक डहर (अ.स.-1) ना कह तिक अतिभाया द्वार पु\स, सना-च!दो , मुईल और अन्या कई समुनाe कB मु!ग कB 1 था , था उन्हeना अतिभाया क र्फu स स्टर कB दोकना खलकर तिदोया था, लि1सक समुना अतिभाया च चक ह\ । 1तिक मुbक कB हना मुमु सनावेना (अ.स.-3) ना कह तिक अतिभाया द्वार पु\स क सथा-सथा मुईल, दो वेना, तिw1, अलमुर आतिदो कB मु!ग कB 1 था , और तिवेवेह क समुया उनाकB ओर स मुईल, पुल!ग, आलमुर एवे! तिw1 खर दो कर दो गई था । उ कथाना आपुस मुW तिवेरCभास हu । मुbक क भाई ना!दोक मुर डहरिरया 4 / 5 {Acq. A. No.-868 of 2024} (अ.स.-2) ना इना दोनाe स क छ हटकर याना तिदोया तिक उसकB हना क दोह1 लना और घोर स पु\स लना क लिलए प्रतिड़ तिकया 1 था, तिकन् प्रतिपुर क्षण मुW उसना स्वे कर तिकया तिक उसक समुना अतिभाया द्वार तिकस वेस् कB मु!ग कभा नाहt कB गई और ना ह उसकB हना अमुb ना उसस इस स!!C मुW कभा कई तिशकया कB । उसना याह भा स्वे कर तिकया तिक वे चह था तिक अमुb क तिवेवेह अपुना 1ति-समु1 क लड़क स ह क्याeतिक अतिभाया उन्हW पुस!दो नाहt था । वेह याह भा स्वे कर कर ह\ तिक 1 भा अमुb मुयाक आ था , वे र-र कह था तिक उसना अतिभाया क सथा तिवेवेह करक गल तिकया ह\ । सक्ष्या क अनासर, मुbक और अतिभाया कB दो स!नाW हu । मुc चस्थिन्rक डहर (अ.स.-1) ना स्वे कर तिकया तिक पुत्र उनाक पुस ह\, 1तिक पुत्र अतिभाया क पुस ह\ । ना!दोक मुर डहरिरया (अ.स.-2) ना प्रतिपुर क्षण कB कस्थिण्डक-10 मुW याह स्वे कर तिकया तिक पुत्र क अतिभाया ना उन्हW नाहt सxपु, लि1स करण वे अतिभाया स नार1 हu । 7. इना समुस् थ्याe क दृतिष्टग रख ह^ए, मुbक कB मु, भाई एवे! हना क याना मुW पुए गए तिवेरCभास था उनाक द्वार दोह1 कB मु!ग क स!!C मुW कभा -कहt-कई तिशकया ना तिकए 1ना क थ्या क दृतिष्टग रख ह^ए, और याह पु ह^ए तिक कलिथा ससइडल नाट (आतिट2कल– ) A मुW अतिभाया पुर तिकस प्रकर क कई आरपु नाहt लगया गया ह\, याह न्यायालया पु ह\ तिक अतिभालख मुW उपुलब्C थ्या और सक्ष्या क आCर पुर तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर दोषमुति क तिनाण2या मुW कई अवे\C या अशद्घ नाहt ह\ । अz प्रश्नाC ना दोषमुति क तिनाण2या मुW तिकस हस्क्षपु कB आवेश्याक नाहt पुई 1 । 8. अz दोषमुति क तिवेरूद्घ प्रस् याह अपु ल स्वे कर याग्या ना हना स प्रर!तिभाक स्र पुर ह खरिर1 कB 1 ह\ । 5 / 5 {Acq. A. No.-868 of 2024} 9. तिनाण2या कB प्रतिलिलतिपु क सथा तिवेचरण न्यायालया क अतिभालख श घ्रपुHवे2क वेपुस प्रतिष ह । सह /- (स!1या क मुर 1यासवेल) न्यायाC श पुमुना