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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 35019 (CHH)

SURESHWARI SINGH @ GUDDI v. STATE OF CHHATTISGARH

CRR/867/2025 · 2025-07-16

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 4 (Cr. R. No.-867 of 2025) 2025:CGHC:33565 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक पुनर क्षण क्रमां%क -867/2025 1. सरश्वेर सिंस%ह उर्फ2 गड्डी तिपु-स्वेग5या कशी रमां सिंस%ह, उम्र-लगभग 46 वेर्ष2, पुशी-तिशीतिक्षक, तिनवेस -आदाशी2 नगर, स पुर, पुसिंलस थान वे हस ल-स पुर, सिं=ल-सरग=, छत्ती सगढ़ -----आवेदाक/पुनर क्षणक2 तिवेरूद्घ 1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुसिंलस थान-स पुर, सिं=ल-सरग=, छत्ती सगढ़ -----प्रत्याथा5 आवेदाक/पुनर क्षणक2 द्वार : श्री तिवेवेकन%दा समांद्दर, असिंFवेक्ता । रज्या/प्रत्याथा5 द्वार : श्री करण क मांर हरन , पुIनल असिंFवेक्ता । मांनन या न्यायामांJति2 श्री स%=या क मांर =यासवेल , न्यायाF शी !! आदाशी पु ठ पुर पुरिर !! 17/07/2025 1. भर या नगरिरक सरक्ष स%तिह, 2023 कP Fर-438 सहपुतिठ Fर-442 क ह प्रस् इस दाण्डिक पुनर क्षण आवेदान मांR अपु ल या न्यायालया-सत्र न्यायाF शी, अ%तिकपुर, सिं=ल-सरग=, छत्ती सगढ़ द्वार आपुरसिंFक अपु ल क्रमां%क-21/2025 “सरश्वेर सिंस%ह POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.17 16:26:34 +0530 2 / 4 (Cr. R. No.-867 of 2025) उर्फ2 गड्डी तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या" मांR पुरिर तिनण2या तिदान%क-26/06/2025 कV चनW दा गई हI । सिं=सक ह आवेदाक/पुनर क्षणक2 कP Fर-324 भर या दा स%तिह क ह कP गई दाVर्षसिंसतिY कV पुष्ट कर ह[ए, तिवेचरण न्यायालया क दादाशी न्यायालया उठन क खड़े रहन कP स= कV समांप्त कर ह[ए था अथा2दा रतिशी 2,000/-रूपुया स कमां कर 1,000/-रूपुया कP गई । सिं=स आग स%क्षपु मांR "प्रश्नF न तिनण2या" स स%VसिंF तिकया = रह हI । 2. अतिभयाV=न मांमांल, स%क्षपु मांR, इस आशीया क हI तिक तिदान%क-09/01/2019 कV = प्रथा5या मांन र्ष यादावे क घर क हर क चJर कV तिवेरन्द्र सिंस%ह द्वार गड़े चढ़कर Vड़े तिदाए =न पुर प्रसिंथा2या उस मांन कर रह था । आवेतिदाक/अतिभयाक्ता सरश्वेर सिंस%ह घर स र्फवेड़े लकर तिनकल और गल -गलW= कर ह[ए था =न स मांरन कP FमांकP दा ह[ए मांन र्ष यादावे कV र्फवेड़े स मांरपु ट कP, सिं=सस मांन र्ष यादावे क याR हथा कP कलई क पुस चVट आई । उसकP रिरपुVट2 पुर थान-स पुर, सरग= मांR अपुरF क्रमां%क- 01/2019 अ%ग2 Fर-294, 506, 324 भर या दा स%तिह, 1860 क ह अपुरF कयामां कर तिवेवेचन उपुर% अतिभयाVग पुत्र पुशी तिकया गया । सिं=सपुर तिवेचरण न्यायालया-न्यातियाक मांसिं=स्टeट प्रथामां श्रीण , स पुर, सिं=ल-सरग=, छत्ती सगढ़ द्वार आपुरसिंFक प्रकरण क्रमां%क-202/2019 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ सरश्वेर सिंस%ह उर्फ2 गड्डी " मांR तिदान%क-11/03/2025 कV तिनण2या पुरिर कर ह[ए आवेतिदाक/अतिभयाक्ता कV Fर-294, 506 भर या दा स%तिह क अपुरF स दाVर्षमांक्ता कर ह[ए Fर-324 भर या दा स%तिह मांR दाVर्षसिंसY कर न्यायालया उठन क खड़े रहन कP स= और 2,000/-रूपुया क अथा2दा स दाण्डि तिकया गया । सिं=स आदाशी क तिवेरूद्घ अपु ल या न्यायालया द्वार आपुरसिंFक अपु ल क्रमां%क-21/2025 मांR दाVर्षसिंसतिY कV पुष्ट कर ह[ए 3 / 4 (Cr. R. No.-867 of 2025) अथा2दा रतिशी 2,000/-रूपुया स कमां कP =कर 1,000/-रूपुया तिकया गया और न्यायालया उठन क खड़े रहन कP स= कV समांप्त तिकया गया । सिं=स "प्रश्नF न तिनण2या" कV इस दाण्डिक पुनर क्षण मांR चनW दा गई हI । 3. आवेदाक/पुनर क्षणक2 क तिवेद्वान असिंFवेक्ता क क2 हI तिक र्फवेड़े क या गया आकर अतिभलख क अनसर तिवेरVFभस हI । घटन तिदान%क-09/01/2019 कP ई गई हI । प्रथामां सJचन पुत्र तिदान%क-12/01/2019 कV कP गई हI सिं=समांR घटन क तिवेवेरण तिदान%क- 10/01/2019 उल्लेसिंख हI । उनकP ओर स भ प्रथा5या क तिवेरूद्घ रिरपुVट2 कP गई तिक% पुसिंलस द्वार रिरपुट2 दा=2 नहh तिकया गया । ज़मां न स%%F तिवेवेदा कV लकर उस झूJठ र्फ% सया गया हI । तिवेचरण न्यायालया और अपु ल या न्यायालया क तिनण2या प्रस् सक्ष्या क पुरिरप्रक्ष्या मांR उतिच नहh हI । सतिक्षयाl क यान मांR ग%भ र तिवेरVFभस कP ण्डिस्थाति हI । अm "प्रश्नF न तिनण2या" अपुस् कर ह[ए उस दाVर्षमांक्ता तिकया =ए । 4. शीसन/प्रत्याथा5 पुक्ष क तिवेद्वान असिंFवेक्ता न इस पुनर क्षण आवेदान क तिवेरVF कर ह[ए क2 तिदाया हI तिक अतिभयाV=न द्वार प्रस् सक्ष्या क आFर पुर तिवेचरण न्यायालया एवे% अपु ल या न्यायालया क "प्रश्नF न तिनण2या" उतिच हI । अm याह दाण्डिक पुनर क्षण आवेदान खरिर= तिकया =ए । 5. उभयापुक्ष क क2 श्रीवेण तिकया गया था अतिभलख क सJक्ष्मांपुJवे2क पुरिरशी लन तिकया गया । 6. अतिभलख क स%पुJण2 पुरिरशी लन स =तिहर हV हI तिक प्रथा5या मांन र्ष यादावे क यान कP पुतिष्ट न सिंसर्फ2 nक्टर सन टVप्पुV (अ०स०-5) द्वार प्रमांतिण तिचतिकत्स या पुर क्षण स हV हI ण्डिtक मांWक क सक्ष तिशीवेक मांर यादावे (अ०स०-2), रूकमांण (अ०स०-3) और ओमांप्रकशी (अ०स०-4) क यान स भ हV हI । आवेतिदाक/अतिभयाक्ता पुक्ष न 4 / 4 (Cr. R. No.-867 of 2025) न्यायालया मांR पुरिरवेदा पुशी क्याl नहh तिकया? इसक कVई समांFनप्रदा स्पुष्ट करण नहh तिदाया गया हI । ऐस दाशी मांR, अपु ल या न्यायालया क "प्रश्नF न तिनण2या" तिवेसिंF कP दृतिष्ट मांR उतिच वे उपुयाक्ता हI । इससिंलए उसमांR तिकस हस्क्षपु कP आवेश्याक नहh पुया = । 7. अm याह आवेदान स्वे कर याVग्या न हVन स प्रर%तिभक स्र पुर ह खरिर= कP = हI । 8. रसिं=स्टe कV तिनदाyतिशी तिकया = हI तिक इस आदाशी कP प्रति याथाशी घ्र तिवेचरण न्यायालया कV सJचनथा2 प्रतिर्ष तिकया =ए । 9. उपुरVक्तानसर, इस दाण्डिक पुनर क्षण आवेदान क तिनरकरण तिकया = हI । सह /- (स%=या क मांर =यासवेल) न्यायाF शी पुVमांन