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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 33922 (CHH)
RAJ KUMAR AGRAWAL v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/1352/2025 · 2025-07-28
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 33922 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025)
2025:CGHC:36996 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1352
/2025
1. रज क मांर अग्रवेल तिपु-स्वेग-या मां"गरमां अग्रवेल, उम्र-लगभग 46 वेर्ष3, ति4वेस - ग्रमां-हटर च7क, वे3 स"ख्या-8, था4 वे हस ल-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा-/अतिभयाक्ती तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार न्यातियाक दाजिBकर , ज"जग र, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा एवे" दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1494
/2025
2. रजश शमां3 तिपु-रमांश शमां3, उम्र-लगभग 58 वेर्ष3, ति4वेस -ग्रमां-वे3 स"ख्या-2, सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा-/अतिभयाक्ती तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार न्यातियाक दाजिBकर , ज"जग र, जिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा एवे" POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.30 16:41:57 +0530
2 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025) दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1441
/2025
3. टकच"दा जयासवेल तिपु-स्वेग-या भगवे4 दास जयासवेल, उम्र-लगभग 79 वेर्ष3, ति4वेस -Bवेर जर रH, सक्ती<, पुजिलस था4-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा-/अतिभयाक्ती तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुजिलस था4-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा एवे" दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1457
/2025
4. स"दार लल जयासवेल तिपु-स्वेग-या कन्हIया लल जयासवेल, उम्र-लगभग 61 वेर्ष3, ति4वेस -वे3 स"ख्या-14, ग7तिटया पुर, र-, पुHस्ट ऑतिKस-सLदार , पुMवे3 जिजल-ज"जग र चम्पु, वे3मां4 जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा-/अतिभयाक्ती तिवेरूद्घ • छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार था4 प्रभर , पुजिलस था4-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा अपु लथा- रज क मांर अग्रवेल द्वार : सश्री हमां दा जिसद्दी क<, अजिBवेक्ती । अपु लथा- रजश शमां3 द्वार : सश्री हमां दा जिसद्दी क<, अजिBवेक्ती । अपु लथा- टकच"दा जयासवेल द्वार : श्री मांया"क मांMलच"दा4 सतिह श्री चन्द्र प्रकश च7, अजिBवेक्तीगण। अपु लथा- स"दार लल जयासवेल द्वार : श्री ट ०क ० झा सतिह श्री अमां4 म्Hल , अजिBवेक्तीगण । शस4/उत्तीरवेदा द्वार : श्री अजिVलश क मांर, शसक<या अजिBवेक्ती । आपुजित्तीक3/प्रजिथा3या द्वार : श्री हमांन् गप्ता, अजिBवेक्ती ।
3 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025) मां44 या न्यायामांMति3 श्री स"जया क मांर जयासवेल
, न्यायाB श
!! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 29/07/2025
1. उपुरHक्ती जमां4 स""B सभ अपु लL, पुजिलस था4-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ क अपुरB क्रमां"क-214/2025 स स""जिB हH4 क करण, इ4क ति4रकरण इस स"याक्ती आदाश क मांध्यामां स तिकया ज रह हI ।
2.
तिवेचरण न्यायालया द्वार क्रमांश^ तिदा4"क-03/07/2025 कH अपु लथा-/आवेदाक रज क मांर अग्रवेल क अतिग्रमां जमां4 आवेदा4, तिदा4"क-10/07/2025 कH आवेदाक रजश शमां3 क अतिग्रमां जमां4 आवेदा4, तिदा4"क-10/07/2025 कH आवेदाक टकच"दा जयासवेल क ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 था तिदा4"क-03/07/2025 कH आवेदाक स"दार लल जयासवेल क ति4यातिमां जमां4 आवेदा4, तिवेचरHपुर" पु_थाक-पु_थाक आदाश` द्वार ति4रस् कर तिदाया गया । जिजन्हL इ4 अपु ल` मांL च47 दा गई हI ।
3. अतिभलV स याह थ्या स्पुष्ट हH हI तिक रज सरन्द्र हदार जिस"ह क ति4B4 मांह अप्रIल, 2025 मांL हH चक हI, जिज4क< पुत्4 ग दावे हe । प्रजिथा3या क पुति Bमांf"द्र जिस"ह (जH वे3मां4 मांL ज4पुदा पु"चया सदास्या हe) कH स्वेग-या रज सरन्द्र हदार जिस"ह द्वार गHदा जिलया गया था । उक्ती ण्डिस्थाति अ4सर प्रजिथा3या कH रज सरन्द्र हदार जिस"ह क< पुत्रवेB कह गया हI ।
4. अपु लथा-गण/आवेदाकगण कH ग दावे क समांथा3क या गया हI । उभयापुक्ष कH स44 था अतिभलV क अवेलHक4 तिकए ज4 क उपुर" याह थ्या भ पुरिरलतिक्ष हH हI तिक
4 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025) 'पु ल मांहल' स स""जिB तिवेवेदा उभयापुक्ष क मांध्या तिवेग लम् समांया स तिवेद्यमां4 हI, जिजसक करण उ4क मांध्या अ4क दा वे4 एवे" आपुरजिBक प्रकरण न्यायालया` मांL तिवेचरB 4 हe ।
5.
अतिभयाHज4 क मांमांल इस आशया क हI तिक तिदा4"क-25/06/2025 कH, ज प्रजिथा3या ‘पु ल मांहल’ पुरिरसर मांL दाHपुहर क समांया रतिरमां जिसदार, 4जिसर हnसI4 एवे" ब्रजरज 4मां सतिह अन्या व्यातिक्तीया` स मांलक कर रह था , उस समांया लगभग 03:00 ज अपु लथा-/आवेदाक रज क मांर अग्रवेल, रजश शमां3, अमां"क जHश था उ4क सथा 15 स 20 अन्या व्यातिक्ती चरपुतिहया वेह4 स वेह" पुहn"च था दारवेज़े क ल Hड़कर अ"दार घुस आए । उक्ती व्यातिक्तीया` द्वार प्रजिथा3या एवे" उपुण्डिस्था अन्या व्यातिक्तीया` कH मांt-ह4 क< अश्ल ल गजिलयाt दा गई", प्रजिथा3या कH जतिसMचक एवे" अशHभ4 या शब्दा` क प्रयाHग कर हnए Bमांकया गया तिक 'सल ग` 4 आतिदावेस , M इस घुर स हर ति4कल ज, 4हw H ज4 स मांर दाLग और र सथा क्या-क्या करLग, M सHच भ 4हw सक ।' प्रजिथा3या द्वार तिवेरHB तिकए ज4 पुर अमां"क जHश 4 प्रजिथा3या क शर र क अ"ग` कH स्पुश3 कर लeतिगक हमांल तिकया । उन्ह`4 " स मांरपु ट क<, जिजसक Kलस्वेरूपु रतिरमां जिसदार, 4जिसर हnसI4 एवे" ब्रजरज 4मां कH शर रिरक चHटL आई" । इस सम्पुMण3 घुट4 कH तिवे4या यादावे 4 भ दाV । इसक अतिरिरक्ती, अतिभयाक्तीगण द्वार प्रजिथा3या क दाH मांHइल KH4, सH4 क< जिलया" था उसक पुति क जमां4 ह सरतिक्ष रV गए ₹3,00,000/- क< रतिश चHर कर ल
गई । मांहल क दारवेज़े, जिVड़तिकयाt, अलमांरिरयाt, क जिस3याt आतिदा मांL Hड़KHड़ क< गई था मांHटरसइतिकल कH भ क्षतिग्रस् तिकया गया । प्रजिथा3या, जH तिक ग` जति क< सदास्या हI एवे" अ4सMतिच ज4जति वेग3 मांL आ हI, कH जतिग अपुमां4ज4क गजिलयाt दा गई" था उक्ती घुट4क्रमां क दा7र4 उसक सथा लeतिगक हमांल एवे" मांरपु ट भ क< गई । प्रजिथा3या क<
5 / 9 (Cr.
A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025) रिरपुHट3 पुर था4-सक्ती<, जिजल-सक्ती<, छत्ती सगढ़ द्वार तिदा4"क 26/06/2025 कH अपुरB क्रमां"क-214/2025 पु"ज द्घ कर, भर या न्याया स"तिह, 2023 क< Bर 296, 351(3), 115(2), 333, 74, 303(2), 61(1)( ), 191(2) a क अ"ग3 अपुरB कयामां तिकया गया । अ4स"B4 क दा7र4 Bर-3(1)()(1), 3(दा)(B), 3(2)(क) अ4सMतिच जति एवे" अ4सMतिच ज4जति (अत्याचर ति4वेरण) अजिBति4यामां, 1989 (जिजस आग स"क्षपु मांL "तिवेशर्ष अजिBति4यामां" स स"HजिB तिकया ज रह हI) क अपुरB जHड़ गया हI ।
6. अपु लथा-गण/आवेदाकगण रज क मांर अग्रवेल एवे" रजश शमां3 क अतिग्रमां जमां4 आवेदा4 पुर उ4क तिवेद्वा4 अजिBवेक्ती द्वार क3 तिकया गया हI तिक उन्हL जिसK3 ग दावे क समांथा3क हH4 क करण झाMठ K" स गया हI । उक्ती घुट4 क स""B मांL ग दावे क< ओर स भ एक तिशकया था4 मांL प्रस् क< गई था , तिक" उस पुर पुजिलस द्वार कHई अपुरB पु"ज द्घ 4हw तिकया गया । इस प्रकर, अपु लथा-/आवेदाक पुक्ष क आह व्यातिक्तीया` द्वार प्रस् तिशकया पुर भ पुजिलस द्वार कHई स"ज्ञा4 4हw जिलया गया । याह भ क3 तिदाया गया तिक प्रजिथा3या क पुति Bमांf"द्र जिस"ह, जH तिक ज4पुदा पु"चया क सदास्या हHकर एक प्रभवेशल
व्यातिक्ती हI, उस क प्रभवे मांL आकर उ4क तिवेरूद्घ झाMठ मांमांल पु"ज द्घ कर उन्हL अ4वेश्याक पुरश4 कर4 क< ति4या स उ4क 4मां प्रथामां सMच4 पुत्र मांL जHड़ गया हI । 4मांजदा प्रथामां सMच4 पुत्र हH4 क करण स उन्हL तिगरफ्र क< आश"क हI, जतिक उ4क तिवेरूद्घ तिवेशर्ष अजिBति4यामां क अपुरB प्रथामांदृष्टया दातिश3 4हw हH हI । ऐस दाश मांL, उ4क< अपु ल स्वे कर कर उन्हL अतिग्रमां जमां4 प्रदा4 तिकया जए । क3 क समांथा34 मांL न्यायादृष्ट" Dr. Subhash Kashinath Mahajan v. State of Maharashtra and another (2018) 6 SCC 454 क हवेल दा हnए क3 तिदाया हI तिक तिवेशर्ष अजिBति4यामां
6 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025) क< Bर-18 क प्रवेB4 आकतिर्ष3 4हw हH हI । इस न्यायालया क अन्या न्यायादृष्ट" Somesh Das v. State of Chhattisgarh 2004 Cri LJ 680 क भ हवेल तिदाया गया हI ।
7.
अपु लथा-/आवेदाक टकच"दा जयासवेल क ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 पुर उसक तिवेद्वा4 अजिBवेक्ती द्वार याह क3 तिदाया गया हI तिक उसक 4मां प्रथामां सMच4 पुत्र मांL उल्लेजिV 4हw हI । वेह कर 80 वेर्ष-या वे_द्ध व्यातिक्ती हI, जH 45% स्थाया अपु"ग हI । उसक जिVलK झाMठ
रिरपुHट3 दाज3 करई गई हI । ति4ष्पुक्ष ज"च ह उसक< ओर स तिदा4"क-09/07/2025 कH पुजिलस अB क्षक कH एक आवेदा4 भ तिदाया गया था, जिजसपुर कHई कया3वेह 4हw क< गई । उ4क< ओर स पु"ज क_ क क मांध्यामां स भ आवेदा4 प्रतिर्ष तिकया गया । याह भ क3 तिदाया गया तिक वेह तिदा4"क-08/07/2025 स न्यातियाक अतिभरक्ष मांL हI, अ क प्रकरण मांL अतिभयाHगपुत्र भ न्यायालया मांL प्रस् 4हw तिकया गया हI । मांमांल क< ज"च और तिवेचरण मांL समांया लग4 स"भतिवे हI । अ^ उक्ती पुरिरण्डिस्थातिया` मांL उसक< अपु ल स्वे कर कर उस ति4यातिमां जमां4 पुर रिरह तिकया जए ।
8. अपु लथा-/आवेदाक स"दार लल जयासवेल क ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 पुर उसक तिवेद्वा4 अजिBवेक्ती क क3 हI तिक उसक 4मां प्रथामां सMच4 पुत्र मांL उल्लेजिV 4हw हI । वेह वेरिरष्ठ 4गरिरक क< श्रीण मांL आ हI । उसक जिVलK झाMठ रिरपुHट3 दाज3 करई गई हI । याह भ
क3 तिदाया गया तिक वेह तिदा4"क-01/07/2025 स न्यातियाक अतिभरक्ष मांL हI, अ क अतिभयाHगपुत्र भ न्यायालया मांL प्रस् 4हw तिकया गया हI । मांमांल क< ज"च और तिवेचरण मांL समांया लग4 स"भतिवे हI । अ^ उक्ती पुरिरण्डिस्थातिया` मांL उसक< अपु ल स्वे कर कर उस ति4यातिमां जमां4 पुर रिरह तिकया जए ।
7 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025)
9.
उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा4 अजिBवेक्ती 4 तिवेरHB कर हnए क3 तिदाया हI तिक प्रथामां सMच4 पुत्र क पुरिरश ल4 स ह स्पुष्ट हH हI तिक प्रजिथा3या क सथा 4 क वेल जतिसMचक अपुमां4ज4क शब्दा` क प्रयाHग कर गल -गल7ज क< गई हI, अतिपु उसक सथा लeतिगक हमांल एवे" मांरपु ट भ क< गई था ज4 स मांर4 क< Bमांक< दा हnए उसक ति4वेस ‘पु ल मांहल’ मांL Hड़KHड़ क< गई हI । अपु लथा-/आवेदाक-टकच"दा जयासवेल क पुMवे3 आपुरजिBक आचरण रह हI जिजसमांL उस 03 वेर्ष3 क करवेस भ हnआ हI । आह रतिरमां जिसदार क पुजिलस कथा4 मांL भ आवेदाकगण क< स"जिलप्ता प्रथामांदृष्टया मांमांल दातिश3 हH हI । इसजिलए तिवेशर्ष अजिBति4यामां क< Bर-18 आकतिर्ष3 हH4 स अपु लथा-गण/आवेदाकगण रज क मांर अग्रवेल एवे" रजश शमां3 क अतिग्रमां जमां4 आवेदा4 था अपु लथा-गण/आवेदाकगण टकच"दा जयासवेल एवे" स"दार लल जयासवेल क ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 स्वे कर तिकए ज4 याHग्या 4हw हI । अ^ जमां4 स""B सभ अपु ल Vरिरज तिकया जए ।
10. प्रजिथा3या/आपुजित्तीक3 क< ओर स उपुण्डिस्था तिवेद्वा4 अजिBवेक्ती द्वार रज्या/उत्तीरवेदा पुक्ष द्वार प्रस् आपुजित्तीया` क समांथा34 कर हnए जमां4 स""B सभ अपु ल` क तिवेरHB तिकया गया हI ।
11. उभयापुक्ष क क3 श्रीवेण तिकया था अतिभलV एवे" क स यार क पुरिरश ल4 तिकया गया ।
12. स"पुMण3 क पुरिरश ल4 स याह स्पुष्ट हI तिक ग दावे क अपु4 पुति स्वेग-या रज सरन्द्र हदार जिस"ह स भ सम्पुजित्ती तिवेवेदा क< ण्डिस्थाति रह हI । इस प्रकर, ग दावे क प्रजिथा3या और उसक पुति Bमांf"द्र जिस"ह स भ सम्पुजित्ती कH लकर तिवेवेदा क< ण्डिस्थाति हI । अपु लथा-गण कH ग दावे क समांथा3क या गया हI । उभयापुक्ष क मांध्या सम्पुजित्ती स""B अ4क दा वे4
और आपुरजिBक मांमांल ल"ति हe था पुरस्पुर एक दाMसर क जिVलK तिशकयाL प्रस् क< ज रह हe ।
8 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025)
13.
तिवेचरB 4 मांमांल क प्रथामां सMच4 पुत्र मांL अपु लथा- रज क मांर अग्रवेल एवे" रजश शमां3 क 4मां उल्लेजिV हe, जतिक अपु लथा- टकच"दा जयासवेल और स"दार लल जयासवेल क 4मां उल्लेजिV 4हw हI । मांमांल मांL याह ण्डिस्थाति स्पुष्ट रह हI तिक प्रजिथा3या ग` जति क< हHकर अ4सMतिच ज4जति वेग3 क< मांतिहल हI । प्रथामां सMच4 पुत्र मांL अपु लथा- रज क मांर अग्रवेल और रजश शमां3 क तिवेरूद्घ 4मांजदा तिशकया हe । जिजसमांL जतिग गल -गल7ज कर Bमांक< दा4 क आरHपु हI । इसजिलए Bर-18 तिवेशर्ष अजिBति4यामां क प्रवेB4 आकतिर्ष3 हH हe । उपुरHक्ती ण्डिस्थाति मांL प्रथामां सMच4 पुत्र क अवेलHक4 और स"कजिल सक्ष्या कH दृतिष्टग रV हnए प्रस् न्यायादृष्ट"` क लभ अपु लथा- रज क मांर अग्रवेल और रजश शमां3 कH 4हw तिमांल, इसजिलए उ4क अतिग्रमां जमां4 आवेदा4 स्वे कर याHग्या 4हw पुया ज ।
14. अ^ अपु लथा- रज क मांर अग्रवेल और रजश शमां3 द्वार प्रस् अतिग्रमां जमां4 आवेदा4 स्वे कर याHग्या 4 हH4 स उ4क< अपु ल Vरिरज क< ज हe ।
15. अपु लथा-/आवेदाक टकच"दा जयासवेल एवे" स"दार लल जयासवेल क्रमांश^ तिगरफ्र
तिदा4"क-08/07/2025 एवे" तिदा4"क-01/07/2025 स न्यातियाक अतिभरक्ष मांL हe । दाH4` कH वेरिरष्ठ 4गरिरक या गया हI था उ4क 4मां प्रथामां सMच4 पुत्र मांL भ उल्लेजिV 4हw हI । मांमांल क< ज"च और तिवेचरण मांL समांया लग4 स"भतिवे हI । इ4 थ्या` कH दृतिष्टग रV हnए उन्हL ति4यातिमां जमां4 पुर रिरह तिकया ज4 उतिच पुया ज हI ।
16. अ^ अपु लथा-/आवेदाक टकच"दा जयासवेल एवे" स"दार लल जयासवेल द्वार प्रस् ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 स""B अपु ल स्वे कर क< ज हe । उ4क तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर आदाश अपुस् तिकया ज हI ।
9 / 9 (Cr. A. No.-1352 of 2025, 1494 of 2025, 1441 & 1457 of 2025)
17. अपु लथा-/आवेदाक टकच"दा जयासवेल एवे" स"दार लल जयासवेल दाण्डिक प्रकरण क ति4रकरण क स""जिB न्यायालया मांL अपु4 ति4यातिमां उपुण्डिस्थाति सति4ण्डिश्च कर4 ह प्रत्याक ₹25,000/- (पुच्च स हजर रुपुया) क मांचलक एवे" उ4 ह रतिश क सक्षमां जमां4दार प्रस् कर H उन्हL जमां4 पुर रिरह तिकया जए । याह स्पुष्ट तिकया ज हI तिक जमां4 क< श‰" क तिकस भ प्रकर क उल्ले"घु4 जमां4 आदाश क< स्वेमांवे ति4रस्
क< दाश ति4तिमां3 करग ।
18.
रजिजस्टŠ कH ति4दाfतिश तिकया ज हI तिक इस आदाश क< प्रतिजिलतिपु याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया कH सMच4था3 वे अ4पुल4था3 प्रतिर्ष क< जए । सह /- (स"जया क मांर जयासवेल) न्यायाB श पो
मन