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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 33679 (ALL)

RESHMA KHAN v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/10309/2025 · 2025-10-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 10309 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.सूची पुनरीिक्षत। 2.वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेिदका की ओर से मु०अ०सं० 08/2025, अन्तगर्त धारा 137(2), 70(2), 61(2) भारतीय न्याय संिहता एवं धारा 5/6 पाक्सो एक्ट तथा धारा 3, 4, 5, 6, 7, 9 अनैितक देह व्यापार अिधिनयम, थाना रामगढ़़़़ताल, िजला गोरखपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3.आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 4.आदेश फलक के अवलोकन से दिशत हो रहा है िक न्यायालय के आदेश िदनांक 02.04.2025 के अनुसार सूचनाकतार् को िदनांक 22.03.2025 को नोिटस सेिवत हो चुकी है, िकतु आज उनकी ओर से कोई उपिस्थत नहीं है। 5.आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेिदका, मिहला है तथा आवेिदका का नाम इस मामलें में सहअिभयुक्त के संस्वीकृ ित बयान के आधार पर प्रकाश में लाया गया है, इसके अितिरक्त आवेिदका के िवरूद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। आगे यह भी कहा गया िक मामलें की सहअिभयुक्ता मुस्कान उफर् माला की जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 7885/2025 में इस न्यायालय के अन्य न्यायपीठ के आदेश िदनांक 18.03.2025 के द्वारा स्वीकार िकया जा चुका है एवं अन्य सहअिभयुक्तगण की जमानत भी न्यायालय द्वारा स्वीकार की जा चुकी है। इसिलए आवेिदका भी सहअिभयुक्त से समानता के आधार पर जमानत पाने की अिधकािरणी है। पुनः उनका कथन है िक उनका कथन है िक आवेिदका की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगी और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेिदका िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 09.02.2025 से Versus Counsel for Applicant(s) : Sandeep Kumar Yadav, Subhash Chandra Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Reshma Khan .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेिदका को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 6.िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्ता के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्ता द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्ता को जमानत पर न छोड़ा जाय। 7.आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेिदका को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 8.अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेिदका को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेिदका िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी। 1. आवेिदका अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगी/धमकायेगी नहीं। 2. आवेिदका न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगी तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगी। 3. आवेिदका जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगी और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगी न कोई अपरािधक कृ त्य करेगी। 4. आवेिदका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगी न ही उनसे कोई वायदा करेगी , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेिदका की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 10309 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad