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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 33023 (CHH)

NISHANT JAIN v. STATE OF CHHATTISGARH

CRMP/2102/2025 · 2025-07-22

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 5 (Cr.M.P. No.-2102 of 2025) 2025:CGHC:35677 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -2102 /2025 1. ति,शां% जै/, तिपु-सरशां च%दा जै/,, उम्र-लगभग 46 वेर्ष", ति,वेस -शां%ति ,गर, रिंर%ग र6 ,%र-2, जिजैल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक" तिवेरूद्घ 1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार था, प्रभर , पुजिलस था,-जिसकस6ड़, हस ल-अ%गढ़, जिजैल-क%क र, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा यातिचकक" द्वार : श्री जिसद्धाथा" शांक्ल, अजिCवेक्ता । उत्तीरवेदा /रज्या द्वार : श्री अजिFलशां क मांर, शांसक या अजिCवेक्ता । मां,, या न्यायामांGति" श्री स%जैया क मांर जैयासवेल , न्यायाC शां !! आदाशां पु ठ पुर पुरिंर !! 23/07/2025 1. भर या ,गरिंरक सरक्षा स%तिह, 2023 क Cर-528 क ह प्रस् इस यातिचक मांQ तिवेचरर्ण न्यायालया-तिवेशांर्ष न्यायाC शां (रष्ट्रीT या अन्वेर्षर्ण अतिभकरर्ण अजिCति,यामां, 2008 क ह गतिठ न्यायालया, जिजैस आग स%क्षापु मांQ "तिवेशांर्ष अजिCति,यामां" स स%6जिC तिकया जै रह POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.24 17:03:30 +0530 2 / 5 (Cr.M.P. No.-2102 of 2025) ह/), क%क र, जिजैल-उत्तीर स्र क%क र, छत्ती सगढ़ द्वार तिवेशांर्ष सत्र प्रकरर्ण क्रमां%क-33/ 2021 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ पुस क मांर पुजिल वेग/रह" मांQ पुरिंर आदाशां तिदा,%क- 18/06/2025 क उस अ%शां क6 अपुस् तिकए जै, क ति,वेदा, तिकया गया ह/, जिजैसक ह यातिचकक" ति,शां% जै/, द्वार अपु, पुत्र क कZलजै मांQ प्रवेशां ह दाई जै, क अ,मांति क स%%C मांQ प्रस् आवेदा, क6 ति,रस् कर तिदाया गया । जिजैस आग स%क्षापु मांQ "प्रश्,C , आदाशां" स स%6जिC तिकया जै रह ह/ । 2. प्रकरर्ण क थ्या, स%क्षापु मांQ, इस प्रकर ह^ तिक यातिचकक" अन्या सह-अतिभयाक्तागर्ण क सथा था,-जिसकस6ड़, जिजैल-क%क र क अपुरC क्रमां%क-09/2020 मांQ तिवेजिC तिवेरुद्धा तिक्रयाकलपु (प्रतिर्षC) अजिCति,यामां, 1967 क Cर-10, 13, 17, 22 , 22 , 38(1) A C (2) एवे% 40; छत्ती सगढ़ जै, सरक्षा अजिCति,यामां, 2005 क Cर-8(2)(3)(5); था भर या दा स%तिह, 1860 क Cर-120 , 201 सहपुतिठ Cर 149 एवे% 34 क अ%ग" अतिभया6जिजै ह/, जिजैसक तिवेचरर्ण तिवेशांर्ष न्यायालया द्वार तिकया जै रह ह/ । अतिभया6जै, मांमांल क अ,सर, यातिचकक" मांसस" ल/मांक" इ%जै ति,यारिंर%ग क% पु, क ति,दाशांक ह/, जै6 सड़क ति,मां"र्ण क कया" कर ह/ । ,क्सल प्रभतिवे क्षात्र मांQ प्रC,मां%त्र ग्रामां र्ण सड़क या6जै, क अ%ग" सड़क ति,मां"र्ण क ठक यातिचकक" द्वार प्रप्त तिकया गया था, जिजैसक दाFरF अजैया जै/,, क6मांल वेमां" वेग/रह कर था । उस दारम्या, उ,क द्वार ,क्सजिलयाe क6 वेदाf, जैG, वेZक -टॉZक आतिदा समांग्रा था ,गदा रतिशां उपुलब्C करए जै, क आर6पु ह/ । उक्ता आCर पुर पुजिलस द्वार अपुरC पु%जै द्घ कर स%पुGर्ण" तिवेवेच, उपुर% वेर्ष"-2021 मांQ अतिभया6ग पुत्र प्रस् तिकया गया और वे"मां, मांQ तिवेचरर्ण जैर ह/ । 3. यातिचकक" क तिवेद्वा, अजिCवेक्ता क क" ह/ तिक यातिचकक" क6 मां,, या उच्चमां न्यायालया द्वार इस मांमांल मांQ अ%रिंरमां जैमां, प्रदा, दा गई था , उसक पुसपु6टॉ" न्यायालया 3 / 5 (Cr.M.P. No.-2102 of 2025) मांQ जैमां करया गया था । त्पुश्च, इस न्यायालया द्वार उस ति,यातिमां जैमां, प्रदा, क जै चक ह/ था तिवेचरर्ण न्यायालया क आदाशां क मांध्यामां स उस पुसपु6टॉ" वेपुस प्रदा, तिकया जै चक ह/ । मां,, या उच्चमां न्यायालया अथावे इस न्यायालया द्वार पुरिंर जैमां, आदाशांe मांQ ऐस क6ई शां" अजिCर6तिपु ,हm क गई ह/ तिक यातिचकक" आवेश्याक पुड़, पुर तिवेदाशां यात्र ,हm कर सक । तिवेदाशां भ्रमांर्ण भ उसक एक मांoजिलक अजिCकर ह/ । दाण्डिक मांमांल मांQ यातिचकक" स क6ई जैब् ,हm हpई ह/ । वे"मां, मांQ उस अपु, पुत्र क कZलजै मांQ प्रवेशां ह मांह-जिसम्र, 2025 मांQ दाई जै, आवेश्याक ह/ था उस भतिवेष्या मांQ भ च्च क अध्याया, वेस् समांया-समांया पुर दाई जै, क आवेश्याक पुड़ रहग । यातिचकक" क अ,पुण्डिस्थाति स तिवेचरर्ण क कया"वेह पुर क6ई प्रतिकG ल प्रभवे ,हm पुड़ग । उसक पुहच, क प्रश्, तिवेवेदास्पुदा ,हm ह/ था उसक समांस् सम्पुजित्तीया% भर मांQ ह ण्डिस्था ह^ । अr "प्रश्,C , आदाशां" क6 अपुस् कर हpए उस अपु, पुत्र क कZलजै मांQ प्रवेशां ह दाई जै, क अ,मांति प्रदा, क जैए । तिवेद्वा, अजिCवेक्ता द्वार अपु, क" क समांथा", मांQ न्यायादृष्ट्री% Parvez Noordin Lokhandwalla v. State of Maharashtra, (2020) 10 SCC 86 पुर भर6स व्याक्ता तिकया गया ह/ जिजैसक कण्डिक-20 मांQ मां,, या उच्चमां न्यायालया द्वार अवेCरिंर तिकया गया ह/ तिक तिचतिकत्सक या, व्यावेसतियाक था अन्या पुरिंरवेरिंरक आवेश्याक पुर तिवेदाशां यात्र क अ,मांति दा जै सक ह/ । 4. उत्तीरवेदा रज्या क ओर स तिवेद्वा, अजिCवेक्ता , यातिचक क तिवेर6C कर हpए क" तिदाया ह/ तिक प्रकरर्ण ग%भ र प्रकv ति क ह/, जिजैसमांQ कई सह-अतिभयाक्ता ह^ । अतिभया6जै, द्वार कर 100 सतिक्षायाe क6 सGच द्घ तिकया गया ह/ । यातिचकक" क6 तिवेदाशां यात्र क अ,मांति प्रदा, तिकए जै, स प्रकरर्ण क ति,रकरर्ण मांQ अ,वेश्याक तिवेल% करिंर ह6 सक ह/ था तिवेचरर्ण 4 / 5 (Cr.M.P. No.-2102 of 2025) प्रतिक्रया भ प्रभतिवे ह6 सक ह/ । तिवेचरर्ण न्यायालया क "प्रश्,C , आदाशां" वे/C और उतिच ह/ । अr यातिचक ति,रस् क जैए । 5. उभयापुक्षा क क" श्रीवेर्ण तिकया गया था अतिभलF क पुरिंरशां ल, तिकया गया । 6. अतिभलF क स%पुGर्ण" पुरिंरशां ल, स याह स्पुष्ट्री ह6 ह/ तिक यातिचकक" क6 प्रदा, क गई जैमां, मांQ मां,, या उच्चमां न्यायालया अथावे इस उच्च न्यायालया द्वार तिवेदाशां यात्र पुर क6ई र6क अथावे शां" ,हm लगई गई ह/ । मांमांल मांQ सभ अतिभयाक्तागर्ण क6 जैमां, पुर या गया ह/ । अतिभया6जै, पुक्षा द्वार प्रस् सक्ष्या सGच क अ,सर 100 मांQ स अजिCक%शां सतिक्षायाe क कथा, ह6 चक ह^ था क वेल तिवेवेचक एवे% क छ अन्या सतिक्षायाe क पुर क्षार्ण शांर्ष ह/। तिवेचरर्ण कर 04 वेर्षx% स चल रह ह/ । यातिचकक" स क6ई जैब् ,हm ह/ था उसक पुहच, क प्रश्, भ तिवेचरर्ण मांQ ति,तिह ,हm ह/ । यातिचकक" क पुत्र क6 दाई ण्डिस्था तिमांलसक्स तिवेश्वेतिवेद्यलया ( Middlesex University Dubai) मांQ प्रवेशां ह प्रवेशां पुत्र ( ) Offer Letter प्रप्त हpआ ह/ । इस अवेस्था मांQ, यातिचकक" क6 क छ स तिमां अवेजिC क जिलए शांx% क सथा दाई यात्र क अ,मांति तिदाया जै, न्यायास%ग पुया जै ह/ । 7. अr यातिचक स्वे कर क जै ह/ । तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार पुरिंर "प्रश्,C , आदाशां" क6 अपुस् तिकया जै ह/ । यातिचकक" क6 अपु, पुत्र क कZलजै मांQ प्रवेशां ह मांह-जिसम्र, 2025 मांQ 10 तिदा, क अवेजिC क जिलए दाई जै, क अ,मांति ति,म्, शांx% पुर प्रदा, क जै ह/r- .i यातिचकक" दाई यात्र क तिजिथा क पुGवे" सGच, तिवेचरर्ण न्यायालया क6 दाग । ii. दाई स भर वेपुस आ, क पुश्च, यातिचकक" इसक सGच, भ तिवेचरर्ण न्यायालया क6 दाग । 5 / 5 (Cr.M.P. No.-2102 of 2025) iii. यातिचकक" तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्षा 10,00,000/-रूपुया (दास लF रूपुया) क मांचलक इस शां" क सथा ति,ष्पुतिदा करग तिक, इस आदाशां क उल्लं%घ, क अवेस्था मांQ भर ण्डिस्था उसक सम्पुजित्तीया% न्यायालया क आदाशां स क क" क जै सकQ ग । इस वेस् यातिचकक" अपु, ,मां दाजै" अचल सम्पुजित्तीयाQ क सGच स%पुGर्ण" तिवेवेरर्ण क सथा प्रस् करग । 8. उपुर6क्ता,सर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क ति,रकरर्ण तिकया जै ह/ । 9. रजिजैस्टॉT क6 ति,दा{तिशां तिकया जै ह/ तिक इस आदाशां क प्रतिजिलतिपु याथाशां घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क6 सGच,था" वे पुल,था" प्रतिर्ष क जैए । सह /- (स%जैया क मांर जैयासवेल) न्यायाC शां पोमन