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High Court of Chhattisgarh · body
2025 DAILYLAW 32228 (CHH)
MUNNA RAM v. MANTOSH @ BABAL PANIKA
REVP/173/2025 · 2025-07-17
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
[ 2025 DAILYLAW 32228 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 4 (Rev. P. No.-173 of 2025)
2025:CGHC:34058 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
पुनतिवेलकन यातिचक
क्रमां!क
-173/2025
1. मांन्ना रमां तिपु-रन रमां, उम्र-लगभग 41 वेर्ष, तिनवेस -ग्रामां नवेनगर, पुलिलस थान-दरिरमां, हस ल-अ!तिकपुर, लि5ल-सरग5, छत्ती सगढ़
2. श्री मां तिफईया पुति-मांन्ना रमां, उम्र-लगभग 37 वेर्ष, तिनवेस -ग्रामां नवेनगर, पुलिलस थान-दरिरमां, हस ल-अ!तिकपुर, लि5ल-सरग5, छत्ती सगढ़ -----यातिचककगण/दवेकगण तिवेरूद्घ
1. मांनर्ष उफ ल पुतिनक तिपु-हरिरश्चन्द्र दस, उम्र-लगभग 21 वेर्ष, तिनवेस -ग्रामां तिछन्दकल, पुलिलस थान-दरिरमां, हस ल-अ!तिकपुर, लि5ल-सरग5, छत्ती सगढ़ (वेहन चलक)
2. श्री मां शतिश लिसन्ह पुति-स5 लिसन्ह, उम्र-लगभग 47 वेर्ष, तिनवेस -नगर Aर पुर, क न!ध पुलिलस थान वे हस ल-दरिरमां, लि5ल-सरग5, छत्ती सगढ़ (पु!5 कC स्वेमां )
3. शखा प्र!धक, प्र०-रGयाल सन्दरमांH एलइन्स इ!श्यारKस क! पुन लिलतिमांटेड, तिलसपुर, छत्ती सगढ़ ( मांक) -----प्रत्याथाOगण यातिचकक/दवेकगण द्वार : श्री अनरग लिस!ह, अलिधवेक्ता । प्रत्याथाO क्रमां!क-1 द्वार : श्री एन.क . पुण्डया, अलिधवेक्ता कV ओर स सश्री आक!क्षा तिवेश्वेकमां, अलिधवेक्ता। प्रत्याथाO क्रमां!क-2 द्वार : कई उपुस्थिस्था नह[ । प्रत्याथाO क्रमां!क-3 द्वार : कई उपुस्थिस्था नह[ । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.07.18 17:08:43 +0530
2 / 4 (Rev. P. No.-173 of 2025) मांनन या न्यायामां\ति श्री स!5या क मांर 5यासवेल
, न्यायाध श
!! आदश पु ठ पुर पुरिर !! 18/07/2025
1. इस पुनतिवेलकन यातिचक मांK यातिचकक/दवेक न इस न्यायालया द्वार तिवेतिवेध अपु ल (प्रतिकर) क्रमां!क-1433/2015 मांK पुरिर आदश तिदन!क-08/07/2024 मांK पुनतिवेचर पुश्च आवेश्याक स!शलिध आदश करन क तिनवेदन तिकया ह` ।
2. इस पुनतिवेलकन यातिचक क सथा ह अ!रिरमां आवेदन स!ख्या-01/2025 अ!ग धर-5 पुरिरस मां अलिधतिनयामां क ह प्रस् तिकया गया ह`, लि5सपुर सन गया । याह आवेदन 325 तिदवेस क तिवेलम् स प्रस् तिकया गया ह` । लि5स तिवेलम् क करण याह या गया ह` तिक यातिचककगण 5ग हc, लि5नकV दखारखा करन वेल कई नह[ ह`, वे ग्रामां ण क्षात्र क हc, अलिधवेक्ता स सम्पुक करन मांK तिवेलम् हeआ ह` । अf याह आवेदन स्वे कर कर तिवेलम् क्षामां तिकया 5ए । आवेदन शपुथापुत्र द्वार समांलिथा ह` । आवेदन मांK तिदए गए करणg पुर तिवेचर कर हeए, आवेदन स्वे कर कर 325 तिदवेस क तिवेलम् क्षामां तिकया 5 ह` ।
3. पुनतिवेलकन यातिचक पुर सन गया ।
4.
पुनतिवेलकन यातिचक पुर सन गया ।
4. प्रकरण क थ्या, स!क्षापु मांK, इस प्रकर हc तिक तिदन!क-24 वे 25/10/2012 कV दरम्यान
र अ5या क मांर यादवे (मांCक) दर्ष वेहन टेi`क्टेर मांK चलक मांनर्ष क सथा गया था । चलक मांनर्ष द्वार दर्ष वेहन क 5 वे लपुरवेह पु\वेक चलन क फलस्वेरूपु हeई दर्घटेन मांK अ5या क मांर यादवे कV मांCत्या ह गई । दवेकगण/आवेदकगण न मांCक क मां-तिपु क रूपु मांK प्रतिकर ह अलिधकरण क समांक्षा आवेदन प्रस् तिकया । चथा
3 / 4 (Rev. P. No.-173 of 2025) अपुर मांटेर दर्घटेन दवे अलिधकरण, अ!तिकपुर, लि5ल-सरग5, छत्ती सगढ़ द्वार मांटेर दर्घटेन दवे प्रकरण क्रमां!क-11/2013 मांK तिदन!क-05/12/2014 क अवेड पुरिर तिकया गया । लि5समांK याह पुया गया तिक दर्ष वेहन क चलक मांनर्ष, उस टेi`क्टेर क पु!5 कC स्वेमां कV 5नकर क ग`र ल गया था । इसलिलए दवेकगण/आवेदकगण क पुक्षा मांK अवेड लिसफ चलक मांनर्ष क तिवेरूद्घ पुरिर तिकया गया और दर्ष वेहन क पु!5 कC स्वेमां और मांक क उत्तीरदया नह[ पुया गया ।
5. उक्ता आदश क तिवेरूद्घ दवेक/आवेदक पुक्षा न अवेड रतिश मांK वेCतिm ह इस न्यायालया मांK तिवेतिवेध अपु ल (प्रतिकर) क्रमां!क-1433/2015 प्रस् तिकया । 5तिक दर्ष वेहन क चलक मांनर्ष कV ओर स प्रत्याक्षापु/अपु ल पुश तिकया गया और तिनवेदन तिकया गया तिक दर्ष वेहन क पु!5 कC स्वेमां और मांक क उत्तीरदया मांन 5ए ।
6. इस न्यायालया द्वार तिवेतिवेध अपु ल (प्रतिकर) क्रमां!क-1433/2015 मांK तिदन!क-08/ 07/2024 क अवेड पुरिर तिकया गया । दवेक/अपु लथाO पुक्षा क अपु ल क स्वे कर कर हeए, उनक पुक्षा मांK पुरिर अवेड मांK वेCतिm कV गई और दर्ष वेहन क चलक द्वार प्रस् प्रत्याक्षापु/अपु ल क तिनरस् कर तिदया गया ।
7. यातिचकक/दवेक पुक्षा क तिवेद्वान अलिधवेक्ता क क ह` तिक दर्ष वेहन क चलक स अवेड रतिश कV कई भ वेस\ल कयावेह नह[ ह पु रह ह` । अf मां क! पुन क भगन एवे! वेस\ल क आदश तिदया 5ए । यातिचकक द्वार प्रस् पुनतिवेलकन यातिचक मांK याह स्पुष्ट नह[ तिकया गया ह` तिक उक्ता आवेदन तिकस तिवेलिधक प्रवेधन क ह पुश तिकया 5 रह ह` । अथा व्यावेहर प्रतिक्रया स!तिह क ह या छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया तिनयामां, 2007 क ह पुश तिकया 5 रह ह` ।
4 / 4 (Rev. P. No.-173 of 2025)
8. याह तिवेलिध क सस्थातिपु लिसद्घ! ह` तिक पुGलिलस क ह वेहन तिमां ह ह` और वेहन क स्वेमां क उत्तीरदतियात्वे क मां क!
पुन द्वार वेहन तिकया 5 ह` । इस मांमांल मांK, अलिधकरण द्वार था इस न्यायालया द्वार न पु!5 कC स्वेमां क उत्तीरदया पुया गया ह` और न ह
मां क! पुन क उत्तीरदया पुया गया ह` । यातिचक मांK ऐस भ स्पुष्ट नह[ तिकया गया ह` तिक इस न्यायालया क आदश क पुश्च तिकस नवे न थ्या कV उन्हK 5नकर तिमांल
ह और इसलिलए आदश मांK स!शधन कV आवेश्याक ह` । इस न्यायालया क उक्ता तिनष्कर्ष क तिकस भ पुक्षा द्वार अपु ल मांK चनA नह[ द गई ह` । 5 क पु!5 कC स्वेमां क उत्तीरदया नह[ पुया 5 क मां क! पुन क भगन एवे! वेस\ल क आदश नह[ तिकया 5 सक । ऐस दश मांK यातिचकक/दवेक पुक्षा क द्वार पुनतिवेलकन कर अनर्ष मां!ग 5 रह ह` उसक लिलए अपु ल प्रस् करन चतिहए था , 5 तिकया 5न पुरिरलतिक्षा नह[ ह । इस न्यायालया द्वार गण-दर्ष पुर तिदए गए आदश, 5 पुक्षाकरg क उत्तीरदतियात्वे स स!!लिध ह`, उसपुर पुनतिवेलकन नह[ तिकया 5 सक ।
9. अf याह पुनतिवेलकन यातिचक स्वे कर याग्या न हन स प्रर!तिभक स्र पुर ह खारिर5 कV 5 ह` ।
10. रलि5स्टेi क तिनदsतिश तिकया 5 ह` तिक इस आदश कV प्रति याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया क स\चनथा प्रतिर्ष तिकया 5ए ।
11. उपुरक्तानसर, इस पुनतिवेलकन यातिचक क तिनरकरण तिकया 5 ह` । सह /- (स!5या क मांर 5यासवेल) न्यायाध श पुमांन